आंख दिखाने अब अस्पताल जाने की जरूरत नहीं, नोएडा में शुरू की गई ऐसी क्लीनिक, जो घर-घर आएगी

On: August 17, 2026 9:09 PM
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Mobile eye clinic noida : आंखों में किसी तरह की समस्या होने पर अब अस्पताल जाने की जरूरत नहीं है. अस्पताल खुद आपके घर आएगा. नोएडा में ऐसे दो मोबाइल नेत्र क्लीनिकों का उद्घाटन किया गया है. ये चलते फिरते नेत्र क्लीनिक आर्थिक रूप से कमजोर और चलने-फिरने में अक्षम लोगों के लिए वरदान से कम नहीं. इनके जरिये जिन लोगों को सामान्य दृष्टि सुधार के लिए चश्मे की जरूरत होगी, उन्हें करीब 7,500 जोड़ी चश्मे उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. ये चश्में उम्र बढ़ने के साथ पास की चीजें साफ दिखाई न देने की समस्या वाले लोगों को उपलब्ध कराए जाएंगे.

नोएडा. अगर आपकी आंखों में किसी तरह की समस्या है या दिखता नहीं है तो अब अस्पताल जाकर डॉक्टर को दिखाने की जरूरत नहीं है. अब अस्पताल खुद आपके द्वार आएगा. आपके आंखों की पूरी जांच कर इलाज करेगा. एसबीआई म्यूचुअल फंड की ओर से विजन स्प्रिंग फाउंडेशन (VSF) के साथ साझेदारी में सीएसआर पहल के तहत दो मोबाइल नेत्र क्लीनिकों का उद्घाटन किया गया. इन मोबाइल क्लीनिकों के जरिए जरूरतमंद और ऐसे लोगों तक नेत्र जांच व स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास है जिनके लिए नियमित रूप से अस्पताल या क्लीनिक पहुंचना आसान नहीं है और वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं.

हर साल कितना लक्ष्य

इस पहल के तहत दोनों मोबाइल क्लीनिक हर साल करीब 10 हजार लोगों की आंखों की जांच करने का लक्ष्य लेकर चलेंगी. जिन लोगों को सामान्य दृष्टि सुधार के लिए चश्मे की जरूरत होगी, उन्हें करीब 7,500 जोड़ी चश्मे उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. मोबाइल वैन को इस तरह तैयार किया गया है कि यह सीधे लोगों के बीच पहुंचकर प्राथमिक नेत्र जांच की सुविधा दे सके. इन्हें मोहल्लों, स्कूलों, कार्यस्थलों, औद्योगिक क्षेत्रों और परिवहन केंद्रों जैसे स्थानों पर ले जाया जाएगा. इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा, जिनके लिए अस्पताल तक पहुंचने में समय, पैसे या काम से छुट्टी जैसी समस्याएं सामने आती हैं.

टोल-फ्री हेल्पलाइन

विजनस्प्रिंग फाउंडेशन इस पूरी पहल में जांच और प्राथमिक नेत्र देखभाल की जिम्मेदारी संभालेगा. संस्था की ओर से लोगों की आंखों की व्यापक जांच की जाएगी और प्रेसबायोपिया यानी उम्र बढ़ने के साथ पास की चीजें साफ दिखाई न देने की समस्या वाले लोगों को चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे. अगर जांच के दौरान किसी व्यक्ति में मोतियाबिंद या ऐसी दूसरी समस्या सामने आती है, जिसके लिए आगे इलाज की जरूरत है, तो उसे उचित स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के पास भेजा जाएगा. जरूरत पड़ने पर लोगों को आगे की सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन भी उपलब्ध कराई जाएगी. मोबाइल वैन सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जरूरत के अनुसार आगे के इलाज तक पहुंच बनाने में भी मदद करेगी.

साफ दिखाई देना सबसे जरूरी

एसबीआईएफएमएल के प्रबंध निदेशक और सीईओ देबाशीश मिश्रा लोकल 18 से बताते हैं कि कंपनी ऐसी सामुदायिक पहलों को समर्थन देने के लिए हमेशा तैयार है, जो लोगों को जरूरी सेवाओं तक पहुंच दिलाने में मदद करती हैं. इस कार्यक्रम के जरिए उन लोगों तक प्राथमिक नेत्र देखभाल पहुंचाने का प्रयास है, जिन्हें सामान्य तौर पर ऐसी सेवाओं का लाभ लेने में परेशानी होती है. विजनस्प्रिंग फाउंडेशन के भारत स्थित प्रबंध निदेशक अंशु तनेजा ने कहा कि साफ दिखाई देना व्यक्ति के स्वास्थ्य और आजीविका के लिए बेहद जरूरी है. लेकिन कई वंचित समुदायों के लोगों के लिए अस्पताल की दूरी, यात्रा का खर्च, काम से छुट्टी और चश्मे को लेकर सामाजिक झिझक जैसी बाधाएं होती हैं. एक मोबाइल वैन दिल्ली एनसीआर में जबकि दूसरी वैन बैंगलुरु में हमेशा असहाय लोगों को लिए सड़कों पर रहेगी.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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