5 रुपये में भरपेट थाली, हजारों का सहारा…गुरु पूर्णिमा पर अंबाला में परोसते दिखे SP अजीत

On: July 29, 2026 11:24 PM
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Ambala News : अंबाला में आस्था फाउंडेशन ने आज गुरु पूर्णिमा पर अपनी 5 रुपये की रसोई के सफल पांच वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया. इस मौके पर सामान्य भोजन के साथ मालपुआ और खीर को भी प्रसाद के रूप में परोसा गया. आस्था फाउंडेशन अंबाला शहर नागरिक अस्पताल परिसर में मात्र 5 रुपये में भरपेट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है. डेढ़ साल पहले अंबाला छावनी बस स्टैंड पर भी संस्था ने इसी तरह की रसोई शुरू की है. संस्था की दोनों रसोइयों में रोज 2500 से अधिक लोग भोजन करते हैं. यह सुविधा केवल अस्पताल आने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि कोई भी व्यक्ति यहां आकर भोजन कर सकता है.

अंबाला. आज के दौर में जहां एक समय का भोजन भी कई लोगों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है, अंबाला में एक छोटी-सी पहल पिछले पांच वर्षों से हजारों जरूरतमंदों के चेहरे पर संतोष और उम्मीद की मुस्कान ला रही है. ‘मानव सेवा ही नारायण सेवा’ की भावना को साकार करते हुए आस्था फाउंडेशन ने गुरु पूर्णिमा पर अपनी 5 रुपये की रसोई के सफल पांच वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया. इस मौके पर संस्था ने लोगों के लिए विशेष थाली परोसी, जिसमें सामान्य भोजन के साथ मालपुआ और खीर को भी प्रसाद के रूप में परोसा गया है. अंबाला के एसपी अजीत सिंह शेखावत ने अपने हाथों से लोगों को पांच रुपये की थाली वितरित की. आस्था फाउंडेशन पिछले पांच वर्षों से अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल परिसर में मात्र 5 रुपये में भरपेट और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है. डेढ़ साल पहले अंबाला छावनी बस स्टैंड पर भी संस्था ने इसी तरह की रसोई शुरू की, जिससे यात्रियों, मजदूरों, मरीजों के परिजनों और दूसरे जरूरतमंदों को बेहद कम कीमत में घर जैसा भोजन मिल रहा है.

संस्था की दोनों रसोइयों में प्रतिदिन 2500 से अधिक लोग भोजन करते हैं. यह सुविधा केवल अस्पताल आने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि कोई भी व्यक्ति यहां आकर 5 रुपये में भोजन कर सकता है. इस रसोई में रोजाना मिलने वाली थाली में दो रोटियां, सब्जी, दाल और चावल शामिल होते हैं. मंगलवार को हलवा और शुक्रवार को खीर भी परोसी जाती है. गुरु पूर्णिमा पर लोगों को छोले-चावल, सब्जी, रोटी, मालपुआ और खीर के साथ विशेष प्रसाद स्वरूप थाली दी गई, जिससे वहां मौजूद लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे है.

कैसे बनता है इतना खाना

संस्था के संस्थापक संदीप आनंद ने बताया कि मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म है और ईश्वर की कृपा से यह सेवा लगातार आगे बढ़ रही है. उनका उद्देश्य किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को भूखा न रहने देना है. अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजन हों या बस स्टैंड पर सफर करने वाले यात्री, सभी को सम्मान के साथ घर जैसा शुद्ध और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. भोजन तैयार करने के लिए अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग किया जाता है. चावल बड़े प्रेशर कुकर में पकाए जाते हैं, जबकि रोटियां ऑटोमैटिक मशीनों से तैयार होती हैं ओर पूरी रसोई में साफ-सफाई और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है.

क्या बोले पुलिस अधीक्षक

पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने कहा कि गुरु पूर्णिमा जैसे पावन अवसर पर इस सेवा का हिस्सा बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है. मात्र 5 रुपये में लोगों को सम्मानपूर्वक घर का बना भोजन उपलब्ध कराना अपने आप में एक प्रेरणादायक पहल है. ऐसे सामाजिक प्रयास न केवल जरूरतमंदों की भूख मिटाते हैं, बल्कि समाज में सेवा, संवेदना और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं. ऐसे प्रयास समाज के लिए मिसाल हैं और अधिक से अधिक लोगों को इससे प्रेरणा लेकर सेवा के कार्यों से जुड़ना चाहिए.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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