‘पुलिया कभी भी गिर सकती है’, फरीदाबाद के दयालपुर में ये कैसी आफत?

On: September 25, 2026 7:23 PM
Follow Us:

Last Updated:

Faridabad ki local news : दयालपुर-सोतई मार्ग की जर्जर पुलिया जी का जंजाल बन चुकी है. करीब 20 गांवों को जोड़ने वाली इस सड़क पर रोजाना स्कूल बस समेत सैकड़ों वाहन गुजरते हैं. पुलिया 50 साल से ज्यादा पुरानी है. कभी मरम्मत नहीं हुई. दोनों तरफ सुरक्षा के लिए ग्रिल तक नहीं है. सड़क संकरी और टूटी होने के साथ रात में रोशनी की भी व्यवस्था न होने से यहां खतरा बढ़ जाता है. लोकल 18 से बबलू कहते हैं कि यह काफी व्यस्त रास्ता है. आने वाले समय में यहां यातायात और बढ़ेगा. समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है. समय सिंह हुड्डा बताते हैं कि यह पुलिया कभी भी गिर सकती है. बच्चों की स्कूल बसें भी लगातार यहां से गुजरती रहती हैं.

फरीदाबाद. हरियाणा स्थित फरीदाबाद के दयालपुर गांव से सोतई गांव की ओर जाने वाला रास्ता इन दिनों बदहाली की मार झेल रहा है. करीब 20 गांवों को जोड़ने वाले इस मार्ग से रोजाना ग्रामीणों के साथ स्कूल बसें और दूसरे वाहन गुजरते हैं, लेकिन सड़क की हालत ऐसी है कि सफर करना किसी जोखिम से कम नहीं है. रास्ते में बनी पुरानी पुलिया भी जर्जर हो चुकी है. ग्रामीणों का कहना है कि यह पुलिया आजादी के समय के आसपास बनी थी और इतने लंबे समय बाद भी इसकी मरम्मत नहीं हुई. दोनों तरफ सुरक्षा के लिए न तो ग्रिल है और न ही कोई मजबूत घेराबंदी. सर्दियों में कोहरा और अंधेरा बढ़ने पर खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है. ग्रामीणों को डर है कि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है. लोकल 18 से स्थानीय निवासी बबलू हुड्डा बताते हैं कि यह डाबर का काला रोड है. कागजों में यह रास्ता 22 फुट का बताया जाता है, लेकिन मौके पर इसकी चौड़ाई करीब 11 फुट ही रह गई है. दयालपुर से सोतई होते हुए यह मार्ग करीब 20 गांवों को जोड़ता है.

स्कूल बसें यहीं से निकलती

बबलू कहते हैं कि यह काफी व्यस्त रास्ता है और अब आगे कंपनियां भी बनने लगी हैं. आने वाले समय में यहां यातायात और बढ़ेगा. बच्चों की स्कूल बसें भी इसी रास्ते से निकलती हैं. सर्दियों में कोहरा छाया रहता है और पुलिया पर कोई घेराबंदी नहीं होने के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है. यहां पहले भी हादसे हो चुके हैं. हमारी प्रशासन से मांग है कि मार्ग का चौड़ीकरण कराया जाए और पुलिया के दोनों ओर ग्रिल या बाउंड्री बनाई जाए, ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो. यह पुलिया 50 साल से अधिक पुरानी है. जिस नहर पर यह बनी है, उसमें आगरा कैनाल से सिंचाई के लिए पानी आता है.

पैदल चलना भी घातक

समय सिंह हुड्डा बताते हैं कि पुलिया की घेराबंदी होना बेहद जरूरी है, ताकि कोई हादसा न हो. मैं 50 साल से इसे इसी हालत में देख रहा हूं. अब तक इसकी कोई रिपेयरिंग नहीं हुई है. यह पुलिया कभी भी गिर सकती है. बच्चों की स्कूल बसें भी लगातार यहां से गुजरती रहती हैं. आकाश बताते हैं कि यह मार्ग बेहद जरूरी है. मच्छगर गांव की तरफ किसी कारण रास्ता बंद हो जाए या जाम लग जाए तो KMP से आने-जाने वाले वाहन इसी रास्ते से होकर बल्लभगढ़ की तरफ जाते हैं. ऐसे में पुलिया का निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, ताकि किसी दिन बड़ा हादसा न हो जाए. आगे का रास्ता भी लंबे समय से टूटा हुआ है, लेकिन अब तक इसे नहीं बनाया गया. मार्ग पर लाइट की व्यवस्था भी नहीं है. रात के अंधेरे में पैदल चलने वाला व्यक्ति भी गिर सकता है.

About the Author

authorimg

Priyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

और पढ़ें

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now

और पढ़ें

‘लॉकर तोड़ा, बंदूक निकाली और पति पर बरसा दी गोलियां…’ बेटे के साथ मिलकर पत्नी ने खेला खौफनाक खूनी खेल

एशियन गेम्स की गोल्ड मेडेलिस्ट सुरुचि की कहानीः पिता पहलवान बनाने चाहते थे, फिर घर में ही बनाई शूटिंग रैंज में करती थी प्रेक्टिस

गुरुग्राम में जमीन का खेलः 56 साल पहले स्वर्ग सिधारे चमन लाल को फिर किया ‘जिंदा’ और करा ली रजिस्ट्री!

कार या बाइक बेचने के बाद ये काम करना न भूलें, वरना पुराने मालिक के पास आ सकता है नोटिस

चंडीगढ़ में सुबह-सुबह मर्डर, घर के अंदर हैड कॉन्स्टेबल की गोली मारकर हत्या, भागी-भागी मौके पर पहुंची एसपी कंवरदीप कौर

कंबोडिया से आई दुल्हन तो जेल के टूटे दरवाजे! बाहुबली सहित 3 बच्चों संग आई मेटाचान ने गैंगस्टर संग लिए 7 फेरे,  कौन है मैनपाल ढिल्ला