हरियाणा में फैमिली आईडी को लेकर बड़ा फैसला, ग्राम सभा करेगी आय सत्यापन, जरूरतमंदों को मिलेगा योजनाओं का लाभ

On: May 20, 2026 2:28 PM
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हरियाणा में फैमिली आईडी यानी परिवार पहचान पत्र (PPP) को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परिवार पहचान पत्र में आय सत्यापन का काम ग्राम सभाओं के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से पहुंच सके।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) और ‘सेवा’ विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक के दौरान परिवार पहचान पत्र से जुड़ी समस्याओं, लंबित मामलों और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में CRID के आयुक्त एवं सचिव जे गणेशन ने बताया कि प्रदेश में कई परिवारों की आय का सत्यापन लंबित होने की वजह से उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। फिलहाल आय सत्यापन के लिए बनाई गई कमेटियों की रिपोर्ट में अंतर आने से वास्तविक आय तय करने में दिक्कतें सामने आ रही हैं।

इस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निर्देश दिए कि टीम लीडर और लोकल ऑपरेटर द्वारा तैयार की गई आय रिपोर्ट को संबंधित गांव की ग्राम सभा में रखा जाए। ग्राम सभा द्वारा जिस आय की पुष्टि की जाएगी, उसे अंतिम माना जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सही पात्र लोगों की पहचान आसान होगी।

मुख्यमंत्री ने लंबित आयु सत्यापन मामलों को भी जल्द निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के आयु सत्यापन आवेदन लंबित हैं, उन्हें अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) के माध्यम से सत्यापित किया जाए। जरूरत पड़ने पर आवेदक की सबसे बड़ी संतान की आयु को आधार मानकर भी सत्यापन किया जा सकता है। सरकार ने सभी लंबित मामलों को एक महीने के भीतर निपटाने का लक्ष्य तय किया है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कृषि से होने वाली 5 लाख रुपए तक की वार्षिक आय के आधार पर किसी परिवार को उन सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं किया जाएगा, जिनमें 1.80 लाख रुपए तक की आय सीमा निर्धारित है। इससे किसानों और ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

दयालु योजना में आधार लिंकिंग से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी सरकार ने अहम निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जिला समाज कल्याण अधिकारी और अतिरिक्त उपायुक्त की संयुक्त कमेटी बनाकर मामलों का समाधान करने को कहा। साथ ही सेवा विभाग और CRID को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में पंचायत लोकल ऑपरेटर (CPLO) और लोकल कमेटी लोकल ऑपरेटर (LCLO) की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इनके लिए जल्द ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करने और विभाग में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की अनुमति भी दी।

सरकार के अनुसार, हरियाणा का परिवार पहचान पत्र प्लेटफॉर्म देश के सबसे बड़े डिजिटल डेटा सिस्टम में शामिल हो चुका है। CRID के मुताबिक प्रदेश के सभी 23 जिलों में अब तक 77 लाख 41 हजार 912 परिवारों के करीब 2 करोड़ 98 लाख 47 हजार 359 सदस्यों का पंजीकरण किया जा चुका है। पीपीपी प्लेटफॉर्म से 50 से अधिक विभाग जुड़े हुए हैं और इसके माध्यम से 400 से ज्यादा सरकारी योजनाएं संचालित हो रही हैं।

अधिकारियों ने बताया कि सरकार जल्द ही PPP 2.0 प्लेटफॉर्म लॉन्च करेगी और नागरिकों को स्मार्ट फैमिली आईडी कार्ड भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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