बहादुरगढ़ 30 मई। हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और पारंपरिक लोक कला सांझी को पुनर्जीवित करने के लिए कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा एक विशेष संरक्षण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत बहादुरगढ़ स्थित वैश्य बीएड कॉलेज में 3 दिवसीय सांझी कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा जो 1 जून से 3 जून तक रहेगी। जिसका समय सुबह 9 बजे से दोपहर 1बजे तक रहेगा।
कार्यक्रम समन्वयक अंजू दहिया ने बताया गया कि यह सांझी कार्यशाला केवल महिलाओं के लिए रहेगी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग कला को न केवल संरक्षित कर रहा है, अपितु युवा वर्ग को प्राचीन संस्कृति से जोड़ने के लिए भी प्रयासरत है। आधुनिकता की दौड़ में विलुप्त हो रही इस प्राचीन लोक कला को बचाने के लिए विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल तथा महानिदेशक श्री के.एम. पाण्डुरंग के दिशा-निर्देशन में हरियाणा के समस्त मण्डलों में तीन दिवसीय सांझी कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें स्थानीय महिलाएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सांझाी तैयार करेंगी। सांझी केवल एक कला नहीं, बल्कि हरियाणा प्रदेश की लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन की जीवंत अभिव्यक्ति है। इस कला के माध्यम से युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रह सकेगी। शहरीकरण और आधुनिक जीवनशैली के कारण युवा पीढ़ी इस पारंपरिक कला से दूर होती जा रही है। जिसके कारण विभाग मण्डल स्तर पर महिलाओं और युवाओं को इस कला के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित कर रहा है। इस निशुल्क कार्यशाला में सांझी सीखने की इच्छुक महिलाएं सांझी बनाने की कला के गुर सीख सकती है। उन्होंने महिलाओं से कार्यशाला में बढ़ चढ़ कर भाग लेने का आह्वान किया है।
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