गुरुग्राम, 02 जून।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से देशभर में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक मनाए जा रहे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व-1000 वर्ष की धैर्यगाथा, अटूट आस्था’ कार्यक्रम के तहत हरियाणा सरकार की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेशभर के श्रद्धालुओं को श्री सोमनाथ ज्योर्तिलिंग की धार्मिक यात्रा करवाने का निर्णय लिया है। इच्छुक श्रद्धालु यात्रा का लाभ उठाने के लिए 6 जून तक स्वयं अपने स्मार्ट फोन या नजदीकी अटल सेवा केंद्र/सीएससी से सरल पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। श्रद्धालुओं को ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर स्पेशल ट्रेन में बुकिंग मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी 8 जून को कुरूक्षेत्र से झंडी दिखाकर रेल को रवाना करेंगे। स्पेशल ट्रेन कुरुक्षेत्र से चलकर करनाल, पानीपत, सोनीपत, दिल्ली आदि रेलवे स्टेशनों से होते हुए श्री सोमनाथ तक जाएगी। गुरुग्राम जिला के पंजीकृत श्रद्धालु नजदीकी स्टेशन से विशेष रेल में सवार होंगे। स्टेशन तक पहुंचने की सुविधा श्रद्धालुओं को अपने स्तर पर करनी होगी।
बिना पंजीकरण और बिना कंसेंट के यात्रा की रहेगी मनाही :
यात्रा के दौरान स्पेशल ट्रेन सहित धार्मिक स्थल पर किसी भी प्रकार का धूम्रपान या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं को पंजीकरण कराने उपरांत ही स्पेशल ट्रेन में बैठने की अनुमति दी जाएगी। यदि कोई श्रद्धालु बिना किसी कांसेंट और रजिस्ट्रेशन के जबरदस्ती स्पेशल ट्रेन में चढ़ जाता है तो चेकिंग टीम द्वारा चेकिंग के दौरान उसके पास किसी प्रकार का दस्तावेज व पहचान पत्र न मिलने पर संबंधित व्यक्ति को बीच रास्ते में ही उतार दिया जाएगा, जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेवार होगा। इसके साथ ही कोई श्रद्धालु पंजीकरण करने और कंसेंट देने के उपरांत यात्रा पर नहीं जाता है तो सरकार द्वारा उसे यात्रा पर जाया हुआ मानकर अगले तीन साल तक उसे इस प्रकार की किसी भी यात्रा पर जाने का अवसर नहीं दिया जाएगा, जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेवार होगा।
डीसी उत्तम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा के लिए सरल पोर्टल पर मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत पंजीकरण करवाना अति अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षा के दृष्टिगत श्री सोमनाथ यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालुओं को अपनी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानकारी भी साझा करनी होगी ताकि बाद में कोई परेशानी न आए। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे यात्रा के लिए अपना अधिकृत और योग्य चिकित्सक द्वारा प्रमाणित मेडिकल प्रमाण पत्र अवश्य लगाएं। इस योजना के तहत सरकार द्वारा तीर्थ यात्रियों के रहने, खाने और स्थानीय परिवहन की पूरी व्यवस्था अपने स्तर पर की जाएगी।
डीसी ने बताया कि यात्रा के लिए आवेदन करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं, जिनमें वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य सरकारी आईडी), परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), शारीरिक रूप से यात्रा के लिए फिट होने की स्वयं घोषणा तथा पिछले तीन वर्षों में योजना का लाभ न लेने की घोषणा शामिल है। उन्होंने पात्रता की जानकारी देते हुए बताया कि आवेदक का हरियाणा का निवासी होना और परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। 60 वर्ष से अधिक आयु और 1.80 लाख तक वार्षिक आय वाले वरिष्ठ नागरिक अपने जीवनसाथी को मुफ्त साथ ले जा सकते हैं। जबकि 80 वर्ष से अधिक के श्रद्धालु अपने साथ एक अन्य सहायक (अटेंडेंट) को पूर्ण भुगतान पर साथ ले जा सकते है। है।
डीसी ने बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पात्र नागरिक अपने जीवनसाथी को निःशुल्क ले जा सकते हैं। वही विशेष परिस्थितियों में सहायक को भुगतान के आधार पर साथ ले जा सकते हैं। योजना के नियमों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति हर तीन वर्षों में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ ले सकता है। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर संचालित इस योजना में आवेदन के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है और हर तीन वर्ष में एक बार ही इस योजना का लाभ लिया जा सकता है। पोर्टल पर पंजीकरण के उपरांत पात्र श्रद्धालु लघु सचिवालय, गुरुग्राम के छठे तल पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी, कार्यालय में अपनी सूचना अवश्य दें।
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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं डीएलएसए सचिव निशा ने किया वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण
महिलाओं को संवेदनशीलता और तत्परता से सहायता देने के दिए निर्देश
महिलाओं को एक ही स्थान पर बेहतर सहायता उपलब्ध कराने पर हुई चर्चा
गुरुग्राम, 2 जून- मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) गुरुग्राम, निशा ने वन स्टॉप सेंटर, गुरुग्राम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, सेवाओं और अभिलेखों का अवलोकन करते हुए केंद्र की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान निशा ने केंद्र में उपलब्ध आश्रय, परामर्श, चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता तथा कानूनी सहायता संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने सेन्टर में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों से महिलाओं को दी जा रही सेवाओं के बारे में चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर संकटग्रस्त और हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर आवश्यक सहायता एवं सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र में आने वाली प्रत्येक महिला को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ सहायता प्रदान की जाए तथा उन्हें उनके कानूनी अधिकारों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाए।
निशा ने डीएलएसए गुरुग्राम द्वारा संचालित निशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि जरूरतमंद महिलाओं तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए वन स्टॉप सेंटर और डीएलएसए के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं तक समय पर सहायता पहुंचाना है। यदि दोनों संस्थाएं आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तो महिलाओं को कानूनी सहायता, परामर्श, संरक्षण और अन्य आवश्यक सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इसलिए दोनों संस्थाओं के बीच सहयोग और समन्वय को लगातार मजबूत किया जाना आवश्यक है, ताकि किसी भी महिला को सहायता प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक पिंकी ने केंद्र की गतिविधियों और महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी।
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