Gurugram Police Encounter: दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम का पॉश इलाका सुशांत लोक फेज-1 गुरुवार की देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा. दीपक नांदल गैंग के पांच हथियारबंद शूटर एक नामी बिजनेसमैन के घर को निशाना बनाने पहुंचे थे, लेकिन वहां पहले से ही सादी वर्दी में मौत बनकर मुस्तैद खड़ी थी गुरुग्राम पुलिस की तीन स्पेशल टीमें. इसके बाद जो हुआ, वह किसी हॉलीवुड एक्शन फिल्म से कम नहीं था. बदमाशों की ओर से की गई अंधाधुंध फायरिंग का पुलिस ने बेहद बहादुरी से करारा जवाब दिया. इस खूनी मुठभेड़ में जहां तीन जांबाज पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हो गए, वहीं पुलिस की जवाबी कार्रवाई में चार खूंखार बदमाश मौके पर ही ढेर हो गए, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है.
पहले से था इनपुट, तीन क्राइम ब्रांच टीमों ने बिछाया जाल
थाना डीएलएफ सेक्टर-29 में दर्ज एफआईआर के अनुसार, अपराध शाखा को पहले से गुप्त सूचना मिली थी कि दीपक नांदल गैंग फिरौती की धमकी पाने वाले लोगों पर हमला करवा सकता है. इस बार उनका निशाना बिजनेसमैन विशाल बेरी का घर था. इसी इनपुट के आधार पर घर के अंदर और आसपास सादी वर्दी में तैनात पुलिस की नजरें टिकी थीं.
एफआईआर के अनुसार, अपराध शाखा सेक्टर-40 के प्रभारी पीएसआई ललित कुमार अपनी टीम के साथ इलाके में गश्त कर रहे थे. इसी दौरान अपराध शाखा सेक्टर-39 के प्रभारी पीएसआई मोहित कुमार और अपराध शाखा सेक्टर-17 के प्रभारी पीएसआई जितेंद्र कुमार की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया. तीनों टीमों ने गुप्त सूचना के आधार पर सुशांत लोक फेज-1 में अलग-अलग स्थानों पर रणनीतिक तरीके से घेराबंदी की. पुलिस का उद्देश्य था कि यदि शूटर हमला करने पहुंचें तो उन्हें मौके पर ही दबोच लिया जाए.
कंट्रोल रूम से भी मिला अलर्ट
रात करीब 9:22 बजे पुलिस कंट्रोल रूम से वायरलेस संदेश मिला कि काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार 3-4 हथियारबंद संदिग्ध एनएच-48 की ओर देखे गए हैं. इसके बाद पुलिस को पक्का विश्वास हो गया कि यह वही गैंग है, जिसकी सूचना पहले से मिली थी. सभी टीमों को तुरंत हाई अलर्ट पर कर दिया गया.
रात 9:50 बजे पहुंची स्कॉर्पियो, शुरू हुई अंधाधुंध फायरिंग
करीब 9:50 बजे काले रंग की स्कॉर्पियो विशाल बेरी के घर के सामने आकर रुकी. एफआईआर के अनुसार, गाड़ी में कुल पांच बदमाश सवार थे. तीन बदमाश नीचे उतरे और उतरते ही विशाल बेरी के मकान तथा आसपास के मकानों पर अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं. जांच में यह भी सामने आया कि एक आरोपी मोबाइल फोन से पूरी वारदात की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा था, ताकि सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर दहशत फैलाई जा सके.
बदमाशों ने पुलिस पर ही खोल दी फायरिंग
जैसे ही पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर बदमाशों को सरेंडर करने की चेतावनी दी, आरोपियों ने सरेंडर करने के बजाय पुलिस टीम पर ही ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. इस फायरिंग में सिपाही मंजीत सिंह के कंधे में गोली लगी, तो वहीं सिपाही शमशेर सिंह के पेट में गोली लगी. इसके अलावा सहायक उपनिरीक्षक सुनील कुमार के पैर में गोली लगी. तीनों पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने मोर्चा नहीं छोड़ा.
जवाबी कार्रवाई में 4 बदमाश ढेर, एक घायल
लगातार हो रही फायरिंग के बीच पुलिस ने आत्मरक्षा और आरोपियों को काबू करने के उद्देश्य से जवाबी कार्रवाई की. एफआईआर के अनुसार, अलग-अलग पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई फायरिंग में पांचों बदमाश घायल हो गए. सभी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चार आरोपियों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक आरोपी गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज जारी है.
मृत और घायल आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार मृत आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
- आर्यन (रोहतक)
- नितिन (रोहतक)
- अंकित (रोहतक)
- दीपा उर्फ संदीप (फतेहाबाद)
घायल आरोपी:
- शिवम (मेवात/नूंह क्षेत्र)
स्कॉर्पियो, हथियार और कारतूस बरामद
पुलिस ने मौके से वारदात में इस्तेमाल की गई काले रंग की स्कॉर्पियो, कई अवैध हथियार, बड़ी संख्या में खाली कारतूस और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं. घटना स्थल का निरीक्षण ‘सीन ऑफ क्राइम’, एफएसएल (FSL) और बैलिस्टिक टीमों ने किया. मौके से सभी वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए गए हैं.
FIR में क्या कहा गया?
एफआईआर के अनुसार, बदमाश फिरौती नहीं देने पर कारोबारी और उसके परिवार पर जानलेवा हमला करने पहुंचे थे. पुलिस का दावा है कि आरोपियों को कई बार सरेंडर करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग जारी रखी. इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें काबू किया. घटना के संबंध में थाना डीएलएफ सेक्टर-29 में हत्या के प्रयास, पुलिस पर हमला, आपराधिक षड्यंत्र, संगठित अपराध और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस पूरे घटनाक्रम, बरामद हथियारों, स्कॉर्पियो और गैंग के नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है.











