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बल्लभगढ़ के झाड़सेंतली गांव काम पर जाता हूं और इसी रास्ते से आना-जाना करता हूं. हर बारिश में यही परेशानी होती है. कई बार अंडरपास में पांच फीट से ज्यादा पानी भर जाता है. बाइक बंद हो जाती है, कपड़े भीग जाते हैं और कंपनी समय पर नहीं पहुंच पाते. सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को होती है. डर की वजह से वे इस रास्ते से नहीं निकल पातीं और उन्हें कई किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है. संजय बताते हैं कि यह रास्ता करीब 20 गांवों को जोड़ता है.
फरीदाबाद: फरीदाबाद में बारिश रुके करीब तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन बल्लभगढ़ के जाजरू गांव के पास बने अंडरपास से अब तक पानी नहीं निकला है. अंडरपास में पानी भरा होने की वजह से रोज आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यही रास्ता करीब 20 से 25 गांवों को जोड़ता है. किसी को स्कूल जाना है, किसी को ऑफिस, तो किसी को खेतों तक पहुंचना है. लेकिन पानी और कीचड़ की वजह से हर कोई परेशान है. ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में यही हाल हो जाता है. तेज बारिश होने पर अंडरपास में पांच फीट से ज्यादा पानी भर जाता है और कई दिनों तक पानी नहीं निकलता.
बारिश में होता है ऐसा हाल
लोकल18 से में रणवीर सिंह बताते हैं कि रोज बल्लभगढ़ के झाड़सेंतली गांव काम पर जाता हूं और इसी रास्ते से आना-जाना करता हूं. हर बारिश में यही परेशानी होती है. कई बार अंडरपास में पांच फीट से ज्यादा पानी भर जाता है. बाइक बंद हो जाती है, कपड़े भीग जाते हैं और कंपनी समय पर नहीं पहुंच पाते. सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को होती है. डर की वजह से वे इस रास्ते से नहीं निकल पातीं और उन्हें कई किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है. संजय बताते हैं कि यह रास्ता करीब 20 गांवों को जोड़ता है. असावटी अंडरपास का बहुत बुरा हाल है. अगर यहां से नहीं निकलें तो चार से पांच किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है. अंडरपास में लाइट भी नहीं है और सफाई भी नहीं होती. पूरी जगह कीचड़ फैला रहता है. कई बार बाइक फिसल जाती है और लोग गिरकर घायल हो जाते हैं. अभी अगर दोबारा बारिश हुई तो पानी फिर कई फीट तक भर जाएगा.
अंडरपास में नहीं रहती है लाइट
विनोद कुमार बताते हैं मैं सागरपुर गांव का रहने वाला हूं. इस अंडरपास में न तो लाइट की व्यवस्था है और न ही पानी निकालने का कोई इंतजाम. कई दिनों तक पानी भरा रहता है. यहां पानी निकालने के लिए मशीन लगाई जानी चाहिए. दिन में भी अंडरपास इतना अंधेरा रहता है कि रात जैसा लगता है. ड्यूटी पर जाने में परेशानी होती है और कई बार कीचड़ की वजह से बाइक फिसल जाती है. पास में फ्लाईओवर का काम चल रहा है, इसलिए इस रास्ते पर लोगों की आवाजाही और बढ़ गई है. मनोज कुमार बताते हैं कि अंडरपास में हमेशा अंधेरा रहता है. बारिश के दिनों में यहां लूटपाट की घटनाओं का भी डर बना रहता है क्योंकि लाइट नहीं है. रात के समय ड्यूटी करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है और कई लोग मजबूरी में जान जोखिम में डालकर यहां से निकलते हैं.
पांच फीट तक भर जाता है पानी
राहुल डागर बताते हैं मैं जाजरू गांव का रहने वाला हूं. कुछ दिन पहले हुई बारिश का पानी अभी तक अंडरपास में भरा हुआ है. जब तेज बारिश होती है तो यहां करीब पांच फीट तक पानी भर जाता है. पानी का स्तर दिखाने के लिए लेवल भी लगा हुआ है लेकिन पानी निकलने में कई बार महीना तक लग जाता है. यह रास्ता कई गांवों को जोड़ता है. इसलिए हजारों लोगों को रोज परेशानी उठानी पड़ती है. राजेश नागर बताते हैं हर बारिश में यहां यही हालत हो जाती है. अंडरपास में पानी भरने से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर पानी निकालने की व्यवस्था, लाइट और नियमित सफाई कराई जाए तो लोगों को काफी राहत मिल सकती है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें












