Aaj Ka Mausam | Today Weather News: आज का मौसम: 29 जुलाई तक संभलकर रहें! UP, बिहार से दिल्ली तक 15 राज्यों में आंधी-तूफान, भारी बारिश, IMD का अलर्ट

On: July 26, 2026 7:37 AM
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Today Weather News: मानसून का असली तेवर अब पूरे उत्तर भारत पर दिखने लगा है. पिछले कुछ दिनों से जिस तरह अलग-अलग राज्यों में बारिश, बाढ़, जलभराव और आंधी की घटनाएं सामने आ रही हैं, उसने साफ कर दिया है कि अगले कुछ दिन मौसम को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है. सड़कें पानी में डूब रही हैं, नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और कई इलाकों में तेज हवाएं सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं. ऐसे में अगर आप 29 जुलाई तक कहीं यात्रा की योजना बना रहे हैं या रोजाना घर से बाहर निकलते हैं, तो मौसम विभाग (IMD) का ताजा अपडेट जरूर जान लें. IMD के अनुसार उत्तर भारत के कई राज्यों में सक्रिय मानसून और बने हुए कम दबाव के क्षेत्रों की वजह से अगले कुछ दिन लगातार बारिश का दौर बना रहेगा. इसका असर खेती, ट्रैफिक और बिजली व्यवस्था पर भी पड़ सकता है. सबसे ज्यादा चिंता पहाड़ी राज्यों, नदी किनारे बसे इलाकों और खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए है, जहां लैंडस्लाइड, अचानक बाढ़ और वज्रपात का खतरा भी बढ़ गया है. ऐसे समय में लापरवाही छोटी नहीं बल्कि बड़ी मुश्किल बन सकती है.

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 25 जुलाई से लेकर 29 जुलाई तक देश के कई हिस्सों में मौसम बेहद सक्रिय रहेगा. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत 15 राज्यों में कहीं भारी तो कहीं मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने का भी अनुमान है. कुछ राज्यों में ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है. वहीं, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश के कारण लैंडस्लाइड और नदियों के उफान पर रहने का खतरा बढ़ गया है. दूसरी ओर स्काईमेट ने पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी तट के राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है. ऐसे में किसानों, यात्रियों, मछुआरों और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
बिहार के अधिकांश हिस्सों में अगले दो दिनों तक मौसम खराब बना रह सकता है.
  • IMD के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उसके आसपास बने कम दबाव वाले क्षेत्र के कारण उत्तर भारत में नमी लगातार पहुंच रही है. इसके साथ ही गुजरात से कर्नाटक तट तक समुद्र के ऊपर सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र भी बारिश को और मजबूत कर रहा है. यही वजह है कि कई राज्यों में बादलों की लगातार आवाजाही बनी हुई है और अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के आसार कम हैं.
  • मौसम विभाग का कहना है कि पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं. वहीं पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है. किसानों को फसल की सुरक्षा करने, खुले मैदानों से दूर रहने और खराब मौसम के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने भी संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है.

दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर

दिल्ली-एनसीआर में 25 जुलाई को भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. राजधानी में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका जताई गई है. लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.

यूपी में पूर्वांचल से बुंदेलखंड तक बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने मेरठ, आगरा, मथुरा, कानपुर, बांदा, झांसी, ललितपुर, गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, आजमगढ़, बस्ती, देवरिया, बलिया, सोनभद्र, चंदौली, मऊ, वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है. इन इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. किसानों को खेतों में सावधानी बरतने और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

बिहार में वज्रपात और भारी बारिश का डबल खतरा

बिहार के अधिकांश हिस्सों में अगले दो दिनों तक मौसम खराब बना रह सकता है. पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, भोजपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और अररिया में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है. इन जिलों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. पटना में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने खास तौर पर वज्रपात को लेकर सतर्क रहने की अपील की है.

झारखंड में कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना

झारखंड में मानसून की सक्रियता बढ़ने से साहेबगंज, पाकुड़, रांची, खूंटी, देवघर, धनबाद, जमशेदपुर, पलामू, गुमला, सरायकेला, सिमडेगा, पश्चिम सिंहभूम, लातेहार, रामगढ़, गढ़वा, लोहरदगा और पूर्वी सिंहभूम में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है. रांची में अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है.

पश्चिम बंगाल में तेज हवा और बारिश से बढ़ेगी मुश्किल

पश्चिम बंगाल में पुरुलिया, बांकुड़ा, नादिया, मुर्शिदाबाद, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व बर्धमान, उत्तर 24 परगना, दुर्गापुर और झाड़ग्राम में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कोलकाता में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली गिरने की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है.

राजस्थान में फिर सक्रिय होगा मानसून, कई जिलों में तेज बारिश की चेतावनी

राजस्थान में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है. मौसम विभाग ने जयपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, कोटा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर, अजमेर, सीकर और नागौर समेत कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है. इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर राज्य के पूर्वी और दक्षिणी जिलों में सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है. प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले मार्गों से बचने की सलाह दी है.

मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है. मौसम विभाग ने बालाघाट, डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, विदिशा, खंडवा, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), खरगोन, छतरपुर और शिवपुरी सहित कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है. इन क्षेत्रों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. भोपाल में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है और कुछ ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है.

हरियाणा में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हो सकती है.

पंजाब-हरियाणा में तेज हवाओं के साथ बदलेगा मौसम

  • पंजाब में जालंधर, अमृतसर, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, फरीदकोट और संगरूर समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. किसानों को कटाई और भंडारण किए गए अनाज की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
  • हरियाणा में भी बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हो सकती है. दिल्ली से सटे गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, करनाल और अंबाला समेत कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश का असर दिखाई दे सकता है. मौसम विभाग ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें.

पहाड़ों पर लैंडस्लाइड और नदियों के उफान का खतरा

  • उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी इलाकों की चिंता बढ़ा दी है. मौसम विभाग ने बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. देहरादून में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. लगातार बारिश से चारधाम यात्रा मार्गों पर लैंडस्लाइड और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है.
  • हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मनाली में अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. लगातार बारिश के कारण पहाड़ी मार्गों पर लैंडस्लाइड और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ गया है. पर्यटकों को मौसम का अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है.
  • जम्मू-कश्मीर में पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा में बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. श्रीनगर में अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

महाराष्ट्र में तटीय और विदर्भ क्षेत्रों पर बारिश का असर

महाराष्ट्र में मुंबई, ठाणे, पालघर, गोंदिया, चंद्रपुर, भंडारा, जालना, बीड, नांदेड़ और हिंगोली समेत कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है. मौसम विभाग ने 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है. तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं. ऐसे में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. शहरी इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है.

गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात की आशंका

गुजरात में अहमदाबाद, राजकोट, वलसाड, नवसारी, सूरत, तापी, बावला और डांग समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की है.

IMD ने किन राज्यों के लिए सबसे बड़ा अलर्ट जारी किया है?

मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत 15 राज्यों के लिए भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड और मैदानी इलाकों में जलभराव का खतरा भी जताया गया है. लोगों को मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है.

29 जुलाई तक सबसे ज्यादा खतरा किन लोगों को है?

मौसम विभाग के मुताबिक किसानों, मछुआरों, पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और नदी किनारे बसे परिवारों को सबसे अधिक सतर्क रहने की जरूरत है. तेज हवा और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड और अचानक बाढ़ की आशंका है. वहीं, शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. ऐसे में अनावश्यक यात्रा से बचना और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना सबसे बेहतर विकल्प होगा.

उत्तर भारत में बारिश इतनी तेज क्यों हो रही है?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उसके आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के साथ-साथ गुजरात से कर्नाटक तट तक सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण लगातार नमी उत्तर भारत तक पहुंच रही है. इसी वजह से बादलों की सक्रियता बढ़ गई है. यह सिस्टम उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश को बनाए रख सकता है. इसके अलावा पहाड़ों पर सक्रिय पश्चिमी प्रभाव भी मौसम को और ज्यादा असरदार बना रहा है.

क्या इस दौरान यात्रा करना सुरक्षित रहेगा?

अगर यात्रा बहुत जरूरी न हो तो 29 जुलाई तक मौसम की स्थिति देखकर ही बाहर निकलना बेहतर होगा. खासकर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. कई जगह सड़कें बंद हो सकती हैं और लैंडस्लाइड का खतरा बना रह सकता है. मैदानी इलाकों में भी जलभराव और तेज हवाओं के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है. यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा जानकारी जरूर देख लें.

खराब मौसम के दौरान लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में न जाने, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने तथा वज्रपात के समय सुरक्षित इमारत के अंदर रहने की सलाह दी है. किसानों को फसल और कृषि उपकरण सुरक्षित स्थान पर रखने चाहिए. मछुआरों को समुद्र में जाने से बचना चाहिए. पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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