कितने साल की उम्र से शुरू कर सकते हैं स्विमिंग? कोच आशीष चौधरी से जानिए, अंबाला में यहां मिलेगी ट्रेनिंग

On: September 20, 2026 6:03 PM
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Ambala Swimming Training : अंबाला छावनी में अंतरराष्ट्रीय स्तर का ऑल वेदर स्विमिंग पूल खिलाड़ियों के लिए वरदान बन गया है. यहां समय-समय पर अलग-अलग स्तर की प्रतियोगिताएं भी होती हैं, जिससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है. स्विमिंग कोच आशीष चौधरी लोकल 18 से बताते हैं कि 3 से 4 साल की उम्र से बच्चे को पानी के प्रति सहज बनाते हुए स्विमिंग की ट्रेनिंग दी जा सकती है. 8 से 10 साल की निरंतर तैयारी के बाद खिलाड़ी राज्य स्तर से राष्ट्रीय और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य बना सकता है. लोकल 18 से 11वीं छात्रा आस्था ने बताया कि वह पिछले चार साल से स्विमिंग सीख रही हैं. शिवानी कहती हैं कि वह रोजाना सुबह करीब दो घंटे अभ्यास करती हैं.

अंबाला. अगर माता-पिता अपनी बेटी के लिए ऐसा खेल तलाश रहे हैं, जिसमें फिटनेस के साथ करियर बनाने का मौका भी मिले, तो स्विमिंग एक बेहतर विकल्प हो सकता है. हरियाणा की बेटियां आज अलग-अलग खेलों में देश-दुनिया में पहचान बना रही हैं. अब स्विमिंग में भी उनका प्रदर्शन लगातार मजबूत हो रहा है. अंबाला छावनी का ऑल वेदर स्विमिंग पूल युवाओं को इसी दिशा में आगे बढ़ने का मंच दे रहा है. अंबाला छावनी में करीब 38 करोड़ 68 लाख रुपये की लागत से तैयार अंतरराष्ट्रीय स्तर का ऑल वेदर स्विमिंग पूल खिलाड़ियों के लिए वरदान बन गया है. यहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ सालभर अभ्यास की सुविधा उपलब्ध है. सर्दियों में गर्म पानी की व्यवस्था के कारण खिलाड़ियों की ट्रेनिंग प्रभावित नहीं होती. समय-समय पर अलग-अलग स्तर की प्रतियोगिताएं भी होती हैं, जिससे खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है.

स्विमिंग कोच आशीष चौधरी लोकल 18 से बताते हैं कि वह पिछले करीब 15 साल से युवाओं को स्विमिंग सिखा रहे हैं. अंबाला का ऑल वेदर स्विमिंग पूल खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन सुविधाओं से लैस है. बच्चे छोटी उम्र से स्विमिंग की शुरुआत कर सकते हैं. 3 से 4 साल की उम्र से बच्चे को पानी के प्रति सहज बनाते हुए ट्रेनिंग दी जा सकती है. लगातार अभ्यास करने वाले बच्चे 9 से 11 साल की उम्र तक अच्छी परफॉर्मेंस देने लगते हैं, जबकि 14 से 15 साल की उम्र में वे बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं.

शिवानी कटारिया बनीं मिसाल

आशीष चौधरी के अनुसार, करीब 8 से 10 साल की निरंतर तैयारी के बाद खिलाड़ी राज्य स्तर से राष्ट्रीय और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य बना सकता है. खिलाड़ियों का रोजाना करीब 2 से 3 घंटे अभ्यास होता है और कई बच्चे सुबह के समय नियमित ट्रेनिंग करते हैं. लड़कियों के लिए भी स्विमिंग में काफी संभावनाएं हैं. आज बड़ी संख्या में लड़कियां पढ़ाई के साथ स्विमिंग की ट्रेनिंग ले रही हैं. प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को ट्रॉफी के साथ कैश प्राइज भी मिलते हैं. कई प्रतियोगिताओं में लाखों रुपये तक की पुरस्कार राशि मिलती है. आशीष चौधरी ने 2016 की भारतीय महिला तैराक शिवानी कटारिया का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने ओलंपिक स्तर तक देश का प्रतिनिधित्व किया. ऐसे उदाहरण बेटियों को इस खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं. बच्चों को नशे से दूर रखते हुए किसी न किसी खेल से जरूर जोड़ें. खेल शरीर को फिट रखने के साथ अनुशासन और आगे बढ़ने का मौका भी देता है.

क्या बोलीं छात्राएं

लोकल 18 से 11वीं छात्रा आस्था ने बताया कि वह पिछले चार साल से स्विमिंग सीख रही हैं. पढ़ाई के साथ खेल को आगे बढ़ाना उनके लिए एक अच्छा अनुभव है. आस्था का लक्ष्य आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है. खिलाड़ी शिवानी ने कहा कि पिछले पांच साल से स्विमिंग की ट्रेनिंग ले रही हैं. वह रोजाना सुबह करीब दो घंटे अभ्यास करती हैं और साथ ही 12वीं कक्षा की पढ़ाई भी कर रही हैं. वह सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं और कई मेडल और कैश प्राइज भी जीत चुकी हैं. शिवानी का कहना है कि अंबाला में मिला अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्विमिंग पूल खिलाड़ियों के लिए बड़ी सुविधा है. उनका सपना आने वाले समय में विदेशों में भारत का नाम रोशन करना है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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