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Ambala News : सुबह की शुरुआत से लेकर रात के अंत तक दवा के साथ करने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे माहौल में अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल की योग ओपीडी ऐसे लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है. ये ओपीडी ऐसे लोगों के लिए भी वरदान है जो प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ जीवन की ओर लौटना चाहते हैं. योग ओपीडी में रोजाना ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जो लंबे समय से मोटापा, मधुमेह, कब्ज, एसिडिटी, तनाव और दर्द से जूझ रहे हैं. लोकल 18 से अस्पताल की योगाचार्या शारदा बताती हैं कि योग किसी एक मौसम तक सीमित नहीं है.
अंबाला. बदलती जीवनशैली, भागदौड़ भरी दिनचर्या और अनियमित खान-पान ने लोगों को ऐसी बीमारियों के बीच खड़ा कर दिया है, जिनसे छुटकारा पाने के लिए वे रोज दवाइयों का सहारा ले रहे हैं. सुबह की शुरुआत गोली से और रात का अंत दवा के साथ करने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे माहौल में अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल से एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई है, जहां दवाओं के साथ योग को भी इलाज का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है. अस्पताल की होम्योपैथिक ओपीडी में चल रही योग ओपीडी उन लोगों के लिए नई उम्मीद बन रही है, जो बिना जरूरत अधिक दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ जीवन की ओर लौटना चाहते हैं.
नागरिक अस्पताल में आयुर्वेद विभाग के अंतर्गत संचालित योग ओपीडी में रोजाना ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जो लंबे समय से मोटापा, मधुमेह, कब्ज, एसिडिटी, तनाव और दर्द जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. यहां मरीजों को सिर्फ योगासन नहीं सिखाए जाते, बल्कि उनकी बीमारी, उम्र और शारीरिक क्षमता के अनुसार अलग-अलग अभ्यास करवाए जाते हैं, ताकि उन्हें लंबे समय तक लाभ मिल सके. अस्पताल का मानना है कि नियमित योग से कई बीमारियों को नियंत्रित करने के साथ-साथ भविष्य में होने वाली समस्याओं से भी बचाव संभव है.
मोटापा कम करने के लिए क्या
लोकल 18 से नागरिक अस्पताल अंबाला शहर में कार्यरत योगाचार्या शारदा बताती हैं कि योग किसी एक मौसम तक सीमित नहीं है, क्योंकि अक्सर लोग यह सोचते हैं कि सर्दियों या बरसात में योग करना कठिन होता है, जबकि सच यह है कि इन मौसमों में योग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर को सक्रिय रखने में अधिक मददगार साबित होता है. यदि व्यक्ति रोज कुछ समय योग को दे, तो वह शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बन सकता है. योग में खड़े होकर, बैठकर और लेटकर किए जाने वाले अनेक आसन शामिल हैं. इनमें अनुलोम-विलोम और कपालभाति प्राणायाम से मोटापा कम करने, फेफड़ों को मजबूत बनाने और शरीर में ऊर्जा बढ़ाने में मदद मिलती है.
त्राटक अभ्यास
योगाचार्या शारदा बताती हैं कि मंडूकासन मधुमेह के मरीजों के लिए लाभकारी है, जबकि पवनमुक्तासन कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है. आजकल बच्चों की हाइट काफी ज्यादा कम होती जा रही है इसलिए बच्चों और युवाओं के लिए ताड़ासन शारीरिक संतुलन और लंबाई के विकास में उपयोगी माना जाता है. आंखों की थकान और कमजोर दृष्टि से परेशान लोगों के लिए त्राटक अभ्यास फायदेमंद हो सकता है, जिसमें अंधेरे कमरे में जलती हुई मोमबत्ती की लौ पर ध्यान केंद्रित किया जाता है. सुबह हरी घास पर नंगे पैर चलना भी शरीर और आंखों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है. लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वाले लोगों को भ्रामरी प्राणायाम करने की सलाह दी जाती है, जिससे मानसिक तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है.
बड़ी उम्मीद
योगाचार्या शारदा के मुताबिक, नागरिक अस्पताल अंबाला शहर में कोई भी व्यक्ति मात्र 5 रुपये की पर्ची बनवाकर योग ओपीडी में योग आसनों के परामर्श ले सकता है. यहां मरीजों को होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक ओपीडी के जरिए हर तरह की बीमारी का इलाज किया जाता है. अनेक बीमारियों के अनुसार योगासन सिखाए जाते हैं. अस्पताल की यह छोटी-सी योग ओपीडी कई लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य की बड़ी उम्मीद बनती जा रही है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…
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