Last Updated:
हरियाणा के रोहतक में पीजीआई में 3 साल के बच्चे के फेफड़े से सफल ऑपरेशन कर एक फेफड़ों से पेंच निकाला गया. बच्चे ने एक साल पहले खेलते हुए इसे निगल लिया था. हालांकि, परिवार को इसकी जानकारी नहीं थी. जब परिवार ने बच्चे के पैर का एक्सरे करवाया तो मामले का खुलासा हुआ.
परिवार को इस बात का पता तब चला, जब बच्चे के पैर में फ्रैक्चर होने के बाद उसका एक्स-रे कराया गया.
विनोद सैनी
रोहतक. हरियाणा के रोहतक के पीजीआई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां तीन साल के एक मासूम के फेफड़े से सफल ऑपरेशन के जरिए एक पेंच निकाला गया. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि यह पेंच करीब एक साल पहले बच्चे ने खेलते-खेलते निगल लिया था, लेकिन पूरे साल बच्चे को कोई गंभीर तकलीफ नहीं हुई. परिवार को इस बात का पता तब चला, जब बच्चे के पैर में फ्रैक्चर होने के बाद उसका एक्स-रे कराया गया.
दरअसल, नारनौल में तीन का बच्चा सोते हुए बेड से गिर गया. बच्चे के पैर में चोट लगने के बाद इलाज के लिए निजी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया तो एक्सरे में चोकाने वाला ख़िलासा हुआ. बच्चे के फेफड़े में करीब दो सेंटीमीटर की कील नजर आई तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. मामला रोहतक पीजीआई पहुंचा तो डॉक्टरों फिर जांच की. फिर से बच्चे के सीने में भी एक धातु की वस्तु दिखाई दी. आगे की जांच में पता चला कि बच्चे के फेफड़े में एक पेंच फंसा हुआ है. यह सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए. उनका कहना है कि बच्चे को कभी सांस लेने में परेशानी, खांसी या कोई अन्य गंभीर तकलीफ नहीं हुई, इसलिए उन्हें कभी अंदाजा ही नहीं लगा कि उसने एक साल पहले खेलते समय पेंच निगल लिया था.
नारनौल में तीन का बच्चा सोते हुए बेड से गिर गया. पिता प्रकाश उसे अस्पताल लाए थे.
पीजीआई के सीनियर प्रोफेसर डॉ. रमन बडेरा और उनकी टीम ने चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन कर बच्चे के फेफड़े से पेंच को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया. डॉक्टरों के अनुसार, यह ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि पेंच लंबे समय से फेफड़े में फंसा हुआ था. हालांकि पेंच की वजह से फेफड़े को हल्का नुकसान जरूर हुआ, लेकिन समय रहते ऑपरेशन होने से बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है और अब उसकी हालत सामान्य है.
पीजीआई के सीनियर प्रोफेसर डॉ. रमन बडेरा और उनकी टीम ने बच्चे का ऑपरेशन किया.
ऑपरेशन के बाद परिजनों ने पीजीआई के डॉक्टरों और पूरी मेडिकल टीम का आभार व्यक्त किया. बच्चे के पिता प्रकाश सैनी का कहना है कि डॉक्टरों ने उनके बच्चे को नया जीवनदान दिया है. डॉ. रमन बडेरा ने अभिभावकों से अपील की है कि छोटे बच्चों पर हमेशा नजर रखें, क्योंकि खेलते-खेलते वे सिक्के, पेंच या अन्य छोटी वस्तुएं मुंह में डालकर निगल सकते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ताकि किसी भी बड़े हादसे से बचा जा सके.
About the Author

Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…
और पढ़ें










