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Ground Report Faridabad : फरीदाबाद के दयालपुर गांव में सड़क बनने के बाद लोगों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ गई है. स्कूल के सामने और गांव के अंदर माता चौक पर वाहनों की गति रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है. लोकल 18 से दीपक कहते हैं कि इस सड़क की चौड़ाई जितनी है, उसके मुकाबले यहां ट्रैफिक ज्यादा है. बड़ी गाड़ियां और ट्रक भी इस रास्ते से निकलते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. कई बार बच्चे हादसे की चपेट में आने से बाल-बाल बच चुके हैं. पदम सिंह बताते हैं कि गांव में कई ऐसी जगह हैं जहां सड़क बनने के बाद भी ब्रेकर नहीं लगाए गए हैं.
फरीदाबाद. हरियाणा स्थित फरीदाबाद के दयालपुर गांव में सड़क बनने के बाद ग्रामीणों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ गई है. सड़क तो तैयार हो गई, लेकिन कई जरूरी जगहों पर ब्रेकर नहीं बनाए गए हैं. ऐसे में इस रास्ते से गुजरने वाले वाहन तेज रफ्तार से निकलते हैं और आए दिन हादसे का खतरा बना रहता है. गांव में प्रवेश करते ही प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के पास भी ब्रेकर नहीं है. इसके अलावा स्कूल के सामने और गांव के अंदर माता चौक पर भी वाहनों की गति रोकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क यूपी तक जुड़ती है, इसलिए इस पर ट्रैफिक भी काफी रहता है.
लोकल 18 से दीपक कहते हैं कि इस सड़क की चौड़ाई जितनी होनी चाहिए, उसके मुकाबले यहां ट्रैफिक ज्यादा है. आगे गर्ल्स स्कूल और स्टेडियम है, जहां बच्चे आते-जाते रहते हैं. कई स्कूलों के बस स्टॉप भी इसी रास्ते पर हैं. ऐसे स्थानों पर वाहनों की रफ्तार कम करने के लिए ब्रेकर होना जरूरी है. माता चौक पर भी काफी भीड़ रहती है और स्कूल के बच्चे यहां खड़े होते हैं. बड़ी गाड़ियां और ट्रक भी इस रास्ते से निकलते हैं, जिससे जाम की स्थिति बन जाती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
खुला नाला बना आफत
दीपक बताते हैं कि माता चौक से साइड रोड की तरफ मुड़ते ही एक गहरा गड्ढा और नाला है, जिसे अभी तक कवर नहीं किया गया है. रात के समय यहां किसी के गिरने का खतरा बना रहता है. ग्रामीणों की मांग है कि नाले को ढका जाए और चौराहे पर ब्रेकर के साथ साइन बोर्ड भी लगाया जाए, ताकि वाहन चालकों को आगे की स्थिति की जानकारी मिल सके.
रास्ते को वन वे करने की मांग
रणवीर सिंह बताते हैं कि माता चौक पर ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए रास्ते को वन वे किया जाना चाहिए. आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्ता होने से वाहनों का दबाव कम हो सकता है. बीच में ब्रेकर बनाए जाने चाहिए. आसपास अस्पताल और स्कूल होने के कारण यहां लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती है. खासकर बच्चों को सड़क पार करने में परेशानी होती है. कई बार बच्चे हादसे की चपेट में आने से बाल-बाल बच चुके हैं.
सड़क पार करने में दिक्कत
पदम सिंह बताते हैं कि गांव में कई ऐसी जगह हैं जहां सड़क बनने के बाद भी ब्रेकर नहीं लगाए गए हैं. यह सड़क काफी व्यस्त है और यहां बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं. तेज रफ्तार गाड़ियों के कारण लोगों में हमेशा डर बना रहता है. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को होती है. उन्हें सड़क पार करने के लिए वाहनों के बीच से निकलना पड़ता है. सड़क निर्माण के साथ जरूरी स्थानों पर ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले समस्या का समाधान हो सके.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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