अंबाला में स्वाइन फ्लू की दस्तक, 6 केस सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी..जानें क्या हैं लक्षण और बचाव के तरीके

On: September 3, 2026 7:05 AM
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अंबाला: मौसम बदलने के साथ खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. इसी बीच अंबाला में स्वाइन फ्लू के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ाने के बजाय तैयारियों को और तेज कर दिया है. दरअसल जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 6 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें शुरुआती 3 मरीज उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं. वहीं अब सामने आए 3 नए मरीजों में से एक का इलाज रोटरी अस्पताल में चल रहा है, जबकि दो मरीजों को अंबाला शहर नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तीनों मरीजों की हालत फिलहाल ठीक है.

स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसे सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए. समय पर डॉक्टर से जांच और आवश्यकता पड़ने पर टेस्ट कराने से मरीज को सही उपचार देने में आसानी होती है.

अंबाला के अस्पतालों में रोजाना हजारों मरीजों की ओपीडी

बता दें कि अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 1500 से 1800 मरीजों की ओपीडी रहती है और इसी तरह अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल में भी मरीजों की संख्या बनी रहती है. इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के बीच फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की पहचान करना स्वास्थ्य विभाग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इसी को देखते हुए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खांसी, जुकाम, बुखार, गले में खराश या अन्य फ्लू जैसे लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की गंभीरता से जांच की जाए. जरूरत पड़ने पर मरीज का सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी और संक्रमण की आशंका होने पर उसे अन्य मरीजों से अलग रखा जाएगा.

स्वाइन फ्लू संदिग्ध मरीजों के लिए बनाए गए आइसोलेशन वार्ड

वहीं अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल के आईपीडी ब्लॉक की दूसरी मंजिल पर स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है और इसी तरह अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी की दूसरी मंजिल के ऊपर भी आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है. यहां ऐसे मरीजों को रखा जा सकता है, जिनमें स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देते हैं और डॉक्टर उन्हें अन्य मरीजों से अलग रखने की जरूरत महसूस करते हैं.

अंबाला में स्वाइन फ्लू के 6 मामले सामने आए

वहीं स्वास्थ्य विभाग की सीएमओ रेनू बेरी पजनी ने लोकल 18 को बताया कि अंबाला में अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 6 मामले सामने आए हैं. इनमें पहले तीन मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि तीन नए मरीजों का उपचार चल रहा है. उन्होंने बताया कि एक मरीज रोटरी अस्पताल में भर्ती है और दो मरीज अंबाला शहर नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में हैं. फिलहाल सभी की स्थिति ठीक है.

24 घंटे डॉक्टरों की ड्यूटी और दवाइयां उपलब्ध

वहीं सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और सरकार की ओर से जारी सभी गाइडलाइन का पालन किया जा रहा है. अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हैं और डॉक्टरों को संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और उपचार को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए हैं. संभावित स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों और फिजिशियन की ड्यूटी 24 घंटे और सातों दिन लगाई गई है.

उन्होंने बताया कि डीआईपीएचएल लैब में स्वाइन फ्लू की जांच को लेकर भी तैयारी पूरी है और टेस्ट किट उपलब्ध है. हालांकि हर फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीज का स्वाइन फ्लू टेस्ट नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि फिजिशियन की सलाह और मरीज की स्थिति को देखते हुए ही सैंपल लिया जाएगा.

निजी अस्पतालों को भी संदिग्ध मरीजों की सूचना देने के निर्देश

वहीं सीएमओ रेनू बेरी पजनी ने बताया कि यदि किसी निजी अस्पताल में फ्लू या स्वाइन फ्लू का संदिग्ध मरीज सामने आता है तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी जाती है. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में मरीज के उपचार और आवश्यक जांच की व्यवस्था की जाती है.

स्वाइन फ्लू में दिख सकते हैं ये लक्षण

वहीं डॉक्टरों के अनुसार स्वाइन फ्लू में तेज बुखार, ठंड लगना, सूखी या बलगम वाली खांसी, गले में दर्द या खराश, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक कमजोरी और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. लगातार छींक आना, नाक बंद रहना और सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है. कुछ मामलों में उल्टी या दस्त की शिकायत भी सामने आ सकती है. ऐसे लक्षण लगातार बने रहने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

मास्क पहनने और हाथों की सफाई रखने की सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से मास्क का इस्तेमाल करने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने और हाथों को साबुन से करीब 20 सेकंड तक धोने की सलाह दी है. खांसते या छींकते समय टिश्यू या रुमाल का इस्तेमाल करें और बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें. स्कूलों में भी अगर किसी बच्चे को खांसी-जुकाम है तो उसे मास्क लगाने की सलाह दी गई है.

CMO ने कहा कि कोरोना के दौरान जिस तरह साफ-सफाई और संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाए गए थे, उसी तरह अभी भी सावधानी बरतना जरूरी है. सबसे अहम बात यह है कि लक्षण दिखने पर घबराएं नहीं, बल्कि समय पर डॉक्टर से जांच करवाएं.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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