नई दिल्ली (Delhi NCR Schools Closed Today). सुबह-सुबह उठकर बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना और फिर अचानक सोशल मीडिया पर छुट्टी की खबर वायरल होना- यह हर पेरेंट की रोज की कहानी बन चुकी है. आज यानी 2 सितंबर 2026 को भी दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के लाखों स्टूडेंट्स और पेरेंट्स इसी उलझन में हैं कि स्कूल जाना है या नहीं. उत्तरी भारत के कई हिस्सों में बदलते मौसम और जलभराव की खबरों के बीच लोग लगातार सर्च कर रहे हैं कि क्या आज स्कूल बंद हैं.
दिल्ली-एनसीआर में आज स्कूल खुले हैं या बंद?
आज 2 सितंबर 2026 (बुधवार) को पूरे दिल्ली-एनसीआर में किसी तरह की ‘ब्लैंकेट’ यानी सामूहिक छुट्टी की घोषणा नहीं की गई है, 2026 के रेगुलर कैलेंडर के मुताबिक, 2 सितंबर कोई तय त्योहार या राष्ट्रीय छुट्टी का दिन नहीं है, इसलिए सामान्य दिनों की तरह ही स्कूल संचालित हो रहे हैं. अगर आपके बच्चे के स्कूल से सीधे तौर पर कोई मेसेज नहीं आया है तो मानकर चलिए कि स्कूल खुला है.
जन्माष्टमी की छुट्टी को लेकर कन्फ्यूजन
शहर दर शहर जानिए छुट्टी का अपडेट
- गुरुग्राम और फरीदाबाद (हरियाणा): हरियाणा सरकार और गुरुग्राम/फरीदाबाद जिला प्रशासन की तरफ से आज के लिए कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ है. गुरुग्राम में अक्सर भारी बारिश या वॉटरलॉगिंग के समय डीएम ऑफिस से तुरंत आदेश आते हैं, लेकिन आज ऐसी स्थिति नहीं है.
- नोएडा और गाजियाबाद (यूपी): गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट ने भी कोई नया सर्कुलर जारी नहीं किया है. यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध स्कूल सामान्य समय पर ही चल रहे हैं.
- दिल्ली (NCT): दिल्ली के डायरेक्टरेट ऑफ एजुकेशन (DoE) की तरफ से सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को आज सामान्य रूप से चलाने के निर्देश हैं.
इमरजेंसी हॉलिडे और रेगुलर हॉलिडे में समझें फर्क
हर साल वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाता है. उसमें छपी छुट्टियां तय होती हैं. लेकिन मौसम, प्रदूषण या लोकल इमरजेंसी वाली छुट्टियां अचानक तय की जाती हैं. ऐसे फैसलों का अधिकार डीएम या राज्य के शिक्षा विभाग के पास होता है. जब तक जिला प्रशासन का सील-साइन वाला ऑफिशियल लेटर सामने न आए, तब तक किसी भी न्यूज या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें.
पेरेंट्स और स्टूडेंट्स अब आगे क्या करें?
सुबह-सुबह किसी भी तरह की हड़बड़ी से बचने के लिए हमेशा स्कूल के ऑफिशियल पोर्टल या WhatsApp ब्रॉडकास्ट पर ही भरोसा करें. अगर मौसम का मिजाज अचानक बदलता भी है तो संबंधित स्कूल खुद पेरेंट्स को मेसेज के जरिए सूचित करते हैं. आधिकारिक पुष्टि के बिना बच्चे को घर पर रोकने या अफवाहों के आधार पर स्कूल न भेजने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है.











