फरीदाबाद में प्रॉपर्टी के दाम आसमान पर… कलेक्टर रेट और बाजार भाव में भारी अंतर, जानें सबसे महंगा इलाका

On: September 4, 2026 3:32 PM
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Faridabad Property Rates: दिल्ली-एनसीआर से सटे फरीदाबाद में रियल एस्टेट मार्केट इस समय जबरदस्त उछाल के दौर से गुजर रहा है. बुनियादी ढांचे के विस्तार और आधुनिक कनेक्टिविटी के चलते शहर के अलग-अलग हिस्सों में जमीनों और मकानों की कीमतों में जमीन-आसमान का फर्क साफ देखा जा सकता है. सबसे अहम बात यह है कि सरकारी सर्किल रेट और जमीनों की वास्तविक बाजार कीमत में भारी अंतर बना हुआ है, जिससे खरीदारों के सामने बजट का बड़ा गणित खड़ा हो गया है. ऐसे में ग्रेटर फरीदाबाद का कौन सा इलाका सबसे महंगा है, सर्किल रेट बढ़ने से आम खरीदार की जेब पर क्या असर पड़ता है और अवैध कॉलोनियों में पीले पंजे की कार्रवाई से बचने के लिए क्या सावधानी बरतनी जरूरी है- आइए इस पूरी पड़ताल को विस्तार से समझें.

Faridabad Property Rates: फरीदाबाद में लगातार हो रहे विकास के साथ जमीन और प्रॉपर्टी के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं. शहर के अलग-अलग इलाकों में जमीन की कीमतों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. खास बात यह है कि सरकारी कलेक्टर रेट और जमीन का बाजार भाव कई जगहों पर एक जैसा नहीं है. कई इलाकों में बाजार भाव कलेक्टर रेट से काफी ज्यादा चल रहा है. ऐसे में जमीन या प्लॉट खरीदने वाले लोगों के लिए यह समझना जरूरी है कि कलेक्टर रेट और बाजार भाव में आखिर कितना अंतर है, फरीदाबाद में सबसे महंगी जमीन किस इलाके में है और कलेक्टर रेट बढ़ने का आम आदमी की जेब पर क्या असर पड़ सकता है.

कलेक्टर रेट और मार्केट रेट में डिमांड का खेल
जमीन खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इसको लेकर लोकल-18 ने डीलर विजय मलिक से खास बातचीत की. विजय मलिक बताते हैं बाजार भाव जो डिपेंड करता है मार्केट में अपनी डिमांड के ऊपर डिपेंड करता है. किस प्रॉपर्टी की कितनी डिमांड है, सर्कल रेट और जो मार्केट रेट है, टोटली डिपेंड करता है अपनी डिमांड के ऊपर. डिमांड जैसी होगी उसी तरीके से उसके रेट होंगे. यानी किसी इलाके में प्रॉपर्टी की डिमांड ज्यादा है तो वहां बाजार भाव कलेक्टर रेट से काफी ऊपर जा सकता है. विजय मलिक बताते हैं फरीदाबाद में देखा जाए तो सेक्टर 80 जो ग्रेटर फरीदाबाद में है वहां सबसे ज्यादा महंगी जमीन है. यहां पर करीबन ढाई लाख रुपये गज जमीन है.

डेवलपमेंट और स्टैंप ड्यूटी का आम आदमी पर असर
इस इलाके में जमीन की कीमत अधिक होने के पीछे यहां की डिमांड और लगातार हो रहा विकास बड़ा कारण माना जा रहा है. बाजार भाव और कलेक्टर रेट सिर्फ डिपेंड करता है डिमांड के ऊपर. जिस तरीके से मार्केट में फरीदाबाद में डेवलपमेंट हो रही है, डेवलपमेंट के साथ-साथ जिस तरीके से यहां पर लोगों का रुझान है और लोगों की डिमांड आ रही है, सिर्फ यही रीजन है यहां पर प्लॉट बढ़ने का. कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी महंगी होगी. कलेक्टर रेट बढ़ाने से स्टैंप ड्यूटी रेट बढ़ जाता है. स्टैंप ड्यूटी रेट बढ़ेगा तो इसका असर आम आदमी की जेब पर भी पड़ता है. विजय मलिक बताते हैं कल जिस तरीके की डिमांड है, गवर्नमेंट ने जो कलेक्टर रेट बना रखे हैं उस कलेक्टर रेट पर चीज नहीं मिल पाती है. मार्केट रेट पर ही चीजें मिलती हैं.

अवैध कॉलोनियां, डीटीपी का पीला पंजा और जरूरी सावधानियां
जनरली यदि आप किसी बिल्डर की भी प्रॉपर्टी देखते हैं तो मार्केट रेट पर ही आपको मिलती है, कलेक्टर रेट पर नहीं मिलेगी. यानी ग्राहक को जमीन या प्रॉपर्टी खरीदते समय सरकारी कलेक्टर रेट के बजाय बाजार में चल रही वास्तविक कीमत का सामना करना पड़ता है. विजय मलिक बताते हैं फरीदाबाद आज जिस तरीके से डेवलप हो रहा है, बहुत सारे बिल्डर हैं जो कि फरीदाबाद को डेवलप कर रहे हैं. जो भी बिल्डर डेवलप कर रहे हैं, गवर्नमेंट से लाइसेंस लेकर डेवलप कर रहे हैं. आज डीटीपी जैसे फरीदाबाद में जिसे पीला पंजा कहते हैं, एक्शन ले रही है. वह उसी लोकेशन पर एक्शन ले रही है जहां पर गवर्नमेंट की जमीन है. कुछ दो पैसे के लालच में जो लोकल बिल्डर होते हैं उन्होंने खेत काटकर सीधा कॉलोनी डेवलप कर दी है. अब जिनको प्लॉट बेचा उन पर जो है डीटीपी एक्शन ले रही है.

सस्ता नहीं, ऑथराइज्ड चुनें… प्रॉपर्टी आईडी और चेन जांचना जरूरी
विजय मलिक बताते हैं गलत तरीके से उनको बेच दिया. पीला पंजा वही चल रहा है जहां गवर्नमेंट की जमीन है, जहां गवर्नमेंट का मास्टर प्लान है. ग्राहक ऐसे डीलर से खरीदते हैं तो उनको सबसे पहले ध्यान देना चाहिए कि उस डीलर की प्रॉपर्टी आईडी है या नहीं है. क्या उस डीलर के पेपर पूरे हैं. उसकी प्रॉपर्टी चेन चेक कीजिए. कहीं यह गवर्नमेंट की प्रॉपर्टी तो नहीं है. मैं तो लोगों को यही सलाह दूंगा यदि आप प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं तो बेशक से दो पैसे थोड़ी महंगी खरीदें परंतु ऑथराइज्ड जगह पर प्रॉपर्टी लें. सेक्टर के अंदर लें और किसी अप्रूव्ड डीलर से खरीदें.

सेक्टर-80 में कलेक्टर रेट बनाम मार्केट रेट: बड़ा अंतर
विजय मलिक बताते हैं अगर आज हम फरीदाबाद के सेक्टर 80 की बात कर लेते हैं तो सेक्टर 80 में कलेक्टर रेट जो चल रहा है अराउंड 58,500 का कलेक्टर रेट निकलता है. और वहां पर हम यदि मार्केट वैल्यू पर प्लॉट के रेट देखते हैं तो ढाई लाख रुपये गज के हिसाब से चल रही है. यही डिफरेंस है कलेक्टर रेट और मार्केट रेट में. यह डिफरेंस क्रिएट होता है सिर्फ डिमांड से. किस प्रॉपर्टी का मार्केट रेट क्या रहने वाला है, यह उसकी डिमांड और लोकेशन पर काफी हद तक निर्भर करता है. विजय मलिक बताते हैं फरीदाबाद में आज जो नहर पार का एरिया है, उस एरिया में सबसे महंगा सेक्टर जो आता है वह सेक्टर 80 आता है. यहां पर कुछ हुड्डा के प्लॉट भी हैं और यहां पर कुछ बीपीटीपी के हैं. दोनों ने मिलकर के यहां डेवलप किया है. यहां पर आपको मिनिमम जो प्लॉट साइज मिलता है 250 गज का मिलता है. यही वजह है कि इस इलाके में जमीन की कीमत आम खरीदार के लिए काफी ज्यादा है.

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Rahul Goel

Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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