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जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन जाने की तैयारी है? तो बस पकड़ने से पहले ये जरूरी जानकारी जान लें. बल्लभगढ़ से वृंदावन के लिए सीधी बस नहीं है. मथुरा-आगरा जाने वाली बस से छटीकरा उतरना होगा. मथुरा का किराया ₹150 और छटीकरा तक ₹135 है. बसें सुबह करीब 5 बजे से शुरू होती हैं. ऑनलाइन टिकट की सुविधा नहीं, बस में ही नकद टिकट मिलेगा.
जन्माष्टमी का त्योहार नजदीक आते ही फरीदाबाद और बल्लभगढ़ से मथुरा-वृंदावन जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है. भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए लोग सुबह से ही बस स्टैंड पहुंचने लगे हैं. कई यात्री पहली बार सफर कर रहे हैं, इसलिए उन्हें बस के रूट और किराए की जानकारी नहीं होती. ऐसे में अगर आप भी जन्माष्टमी पर मथुरा या वृंदावन जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो बस से जुड़ी यह जानकारी आपके काफी काम आ सकती है.
Local18 से बातचीत में बल्लभगढ़ बस स्टैंड के DI जयपाल राठी ने बताया कि बल्लभगढ़ से वृंदावन के लिए अलग से कोई बस नहीं चलती है. मथुरा और आगरा जाने वाली बसों से ही वृंदावन जाने वाले यात्री सफर करते हैं. ये बसें वृंदावन के छटीकरा मोड़ से होकर गुजरती हैं. वृंदावन जाने वाले यात्रियों को छटीकरा पर उतरना पड़ता है. इसके बाद वहां से ऑटो लेकर वृंदावन पहुंच सकते हैं. इसलिए बस में बैठने से पहले चालक या परिचालक से छटीकरा स्टॉप की जानकारी जरूर लें.
फरीदाबाद और बल्लभगढ़ से मथुरा जाने वाले यात्रियों के लिए बस का किराया 150 रुपये बताया गया है. वहीं वृंदावन जाने वालों को छटीकरा तक 135 रुपये देने होते हैं. बस से उतरने के बाद वृंदावन तक जाने के लिए अलग से ऑटो का किराया देना पड़ता है. जन्माष्टमी के समय मथुरा और वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ काफी बढ़ जाती है. ऐसे में सफर शुरू करने से पहले किराए की जानकारी लेना बेहतर रहेगा. आगरा जाने वाली बसों से भी यात्री छटीकरा तक पहुंच सकते हैं.
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जन्माष्टमी के दौरान मथुरा जाने के लिए लोग सुबह जल्दी घर से निकल रहे हैं. बल्लभगढ़ से मथुरा और आगरा की तरफ जाने वाली बसों का संचालन सुबह करीब 5 बजे से शुरू हो जाता है. इसके बाद यात्रियों की जरूरत के हिसाब से बसें मिलती रहती हैं. कभी बस में बैठने की जगह आसानी से मिल जाती है, तो कभी भीड़ ज्यादा होने के कारण यात्रियों को परेशानी भी होती है. त्योहार के समय सफर करने वाले यात्रियों के लिए सुबह जल्दी बस पकड़ना ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है.
मथुरा और वृंदावन जाने वाले यात्रियों को एक और बात ध्यान में रखनी होगी. बसें आम तौर पर फ्लाईओवर के रास्ते से होकर गुजरती हैं. ट्रैफिक व्यवस्था के कारण कई बार नीचे वाले रास्ते से सरकारी बसों को जाने की अनुमति नहीं मिलती है. इसी वजह से वृंदावन जाने वाले यात्रियों के लिए छटीकरा ही मुख्य उतरने का स्थान रहता है. वापसी के समय भी बसें इसी तरह फ्लाईओवर वाले रास्ते से आती हैं. इसलिए रास्ते में किसी दूसरे स्थान पर उतरने के भरोसे यात्रा नहीं करनी चाहिए.
मथुरा और वृंदावन जाने वाले यात्रियों को टिकट के लिए अलग काउंटर या ऑनलाइन बुकिंग की जरूरत नहीं है. बस में बैठने के बाद परिचालक से टिकट लिया जा सकता है. फिलहाल इस रूट पर ऑनलाइन टिकट की सुविधा उपलब्ध नहीं है. टिकट के लिए यात्रियों को नकद भुगतान करना होता है. इसलिए जन्माष्टमी के समय घर से निकलते वक्त पर्याप्त कैश साथ रखना जरूरी है. खासकर परिवार के साथ यात्रा करने वालों को टिकट और आने-जाने के खर्च का हिसाब पहले से रखना चाहिए.
मथुरा और वृंदावन जाने वाले यात्रियों में बड़ी संख्या बुजुर्ग श्रद्धालुओं की भी रहती है. नियम के अनुसार 65 साल से अधिक उम्र के यात्रियों को आधा टिकट मिलता है. वहीं पात्र यात्रियों के लिए सरकारी नियमों के तहत मुफ्त यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध है. जन्माष्टमी के मौके पर परिवार के साथ मथुरा और वृंदावन जाने वालों को इस सुविधा की जानकारी जरूर रखनी चाहिए. टिकट लेते समय अपनी पात्रता के अनुसार परिचालक को जानकारी देना बेहतर रहेगा… ताकि किराए को लेकर कोई परेशानी न हो.













