अंबाला: आज के समय में शरीर से जुड़ी कई ऐसी परेशानियां हैं, जिनके लिए लोग दवाइयों के साथ-साथ अलग-अलग तरह की थेरेपी का सहारा लेते हैं. दरअसल, कमर दर्द हो, घुटनों का दर्द, साइनस की समस्या या एंजायटी, कई लोग इनसे राहत पाने के लिए प्राइवेट थेरेपी सेंटरों का रुख करते हैं. लेकिन इन सेंटरों में लगातार थेरेपी करवाना हर किसी के बजट में नहीं होता. ऐसे में अंबाला के लोगों के लिए काम की खबर है, क्योंकि शहर के नागरिक अस्पताल में आयुष विंग के तहत कई तरह की पंचकर्म थेरेपी बेहद कम शुल्क में उपलब्ध करवाई जा रही है. खास बात यह है कि जिन थेरेपी के लिए निजी सेंटरों में मरीजों को कई बार हजारों रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, वही सुविधा अंबाला नागरिक अस्पताल में करीब 30 रुपये से 200 रुपये तक के शुल्क में मिल रही है.
5 रुपये की ओपीडी पर्ची से शुरू होगी प्रक्रिया
बता दें कि इसके लिए मरीज को सबसे पहले नागरिक अस्पताल में महज 5 रुपये की आयुर्वेदिक ओपीडी पर्ची बनवानी होती है. इसके बाद आयुर्वेदिक डॉक्टर मरीज की समस्या को समझकर उपचार की सलाह देते हैं और जरूरत होने पर संबंधित पंचकर्म थेरेपी की सिफारिश की जाती है.
नागरिक अस्पताल में करीब 27 तरह की पंचकर्म थेरेपी
वहीं, इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए पंचकर्मा थेरेपिस्ट मयक वर्मा ने बताया कि वह पिछले करीब 5 साल से नागरिक अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के अंदर पंचकर्म थेरेपी की अलग भूमिका है. पंचकर्म नाम से ही स्पष्ट है कि इसमें मुख्य रूप से पांच प्रकार के कर्म शामिल होते हैं. इसके अलावा अलग-अलग समस्याओं के लिए कई तरह की प्रक्रियाएं और थेरेपी की जाती हैं. नागरिक अस्पताल में करीब 27 प्रकार की थेरेपी मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं.
कमर और घुटनों के दर्द के मरीज भी पहुंच रहे अस्पताल
वहीं, मयक वर्मा के अनुसार आजकल बड़ी संख्या में लोग कमर दर्द, घुटनों के दर्द, एंजायटी और साइनस पेन जैसी परेशानियों को लेकर पहुंचते हैं. मरीज की समस्या के अनुसार डॉक्टर थेरेपी की सलाह देते हैं. इसमें नस्य, शिरोविरेचन, रक्तमोक्षण, वमन, विरेचन और वस्ति जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि हर मरीज के लिए एक ही तरह की थेरेपी नहीं होती, इसलिए आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे करवाया जाता है. उन्होंने बताया कि पंचकर्म की कुछ प्रक्रियाओं में विशेष विधियों का इस्तेमाल किया जाता है.
कुछ परिस्थितियों में जोंक से किया जाता है रक्तमोक्षण
उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि रक्तमोक्षण में कुछ परिस्थितियों में जोंक का उपयोग किया जाता है. आयुर्वेदिक पद्धति में इस प्रक्रिया के दौरान संबंधित हिस्से से रक्त निकालने की प्रक्रिया की जाती है. हालांकि, यह प्रक्रिया भी मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर ही की जाती है.
30 से 200 रुपये तक में उपलब्ध है थेरेपी
वहीं, मयक वर्मा ने बताया कि नागरिक अस्पताल में अलग-अलग पंचकर्म थेरेपी के लिए रोजाना करीब 30 रुपये से लेकर 200 रुपये तक शुल्क लिया जाता है. वहीं, उनके अनुसार निजी अस्पतालों और थेरेपी सेंटरों में मरीजों को इसी तरह की सेवाओं के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं. ऐसे में सरकारी अस्पताल में कम शुल्क वाली यह सुविधा उन लोगों के लिए खास मायने रखती है, जो लंबे समय तक थेरेपी का खर्च उठाने में परेशानी महसूस करते हैं.
डॉक्टर की सलाह के बाद ही तय होती है थेरेपी
मयक वर्मा ने बताया कि हर व्यक्ति के शरीर की संरचना और समस्या अलग होती है, इसलिए थेरेपी भी उसी के अनुसार तय की जानी चाहिए. उनके अनुसार अब पहले के मुकाबले लोग आयुर्वेद और पंचकर्म को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं और अस्पताल में भी इन सुविधाओं का लाभ लेने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है. लोगों का रुझान पारंपरिक उपचार पद्धतियों की ओर भी बढ़ा है. ऐसे में अंबाला में अगर कोई व्यक्ति पंचकर्म थेरेपी करवाने के बारे में सोच रहा है, तो नागरिक अस्पताल के आयुष विंग में डॉक्टर से परामर्श लिया जा सकता है.
5 रुपये की पर्ची, फिर डॉक्टर की सलाह जरूरी
उन्होंने बताया कि 5 रुपये की ओपीडी पर्ची से प्रक्रिया शुरू होती है और डॉक्टर की सलाह के बाद जरूरत के अनुसार 30 से 200 रुपये तक में संबंधित थेरेपी उपलब्ध करवाई जाती है. हालांकि, किसी भी थेरेपी को अपनी मर्जी से कराने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है.











