Last Updated:
Rose gardening tips : गुलाब का पौधा घर की बालकनी, छत या आंगन कहीं भी लगाया जा सकता है. यह घर की खूबसूरती बढ़ा देता है, लेकिन कई बार पौधा हरा-भरा होने के बावजूद उसमें फूल कम आते हैं. लोकल 18 से अंबाला के बागवानी विकास अधिकारी विशाल बताते हैं कि अगर पौधा ऐसी जगह रखा है जहां दिनभर छाया रहती है, तो उसमें पत्तियां तो बढ़ सकती हैं, लेकिन फूल कम आएंगे. गुलाब के पौधे की समय-समय पर प्रूनिंग भी उसकी अच्छी ग्रोथ के लिए जरूरी है. फ्लावरिंग के लिए बोनमील, रॉक फॉस्फेट या NPK 00:52:34 जैसी फास्फोरस और पोटैशियम वाली खाद का इस्तेमाल करें.
गुलाब का पौधा घर की बालकनी, छत या आंगन की खूबसूरती बढ़ा देता है, लेकिन कई बार पौधा हरा-भरा होने के बावजूद उसमें फूल कम आते हैं. ऐसे में लोग खाद-पानी बढ़ा देते हैं, जबकि असली वजह धूप, पानी, प्रूनिंग या पौधे में लगने वाले कीड़े भी हो सकते हैं. अगर आपके गुलाब में भी फूल कम आ रहे हैं तो बागवानी विभाग की इन बातों का ध्यान रखना फायदेमंद हो सकता है.
गुलाब के पौधे में अच्छी फ्लावरिंग के लिए पर्याप्त धूप बेहद जरूरी है. अगर पौधा ऐसी जगह रखा है जहां दिनभर छाया रहती है, तो उसमें पत्तियां तो बढ़ सकती हैं, लेकिन फूल कम आने की समस्या हो सकती है. अंबाला के बागवानी विकास अधिकारी विशाल बताते हैं कि गुलाब के पौधे को रोजाना करीब 5 से 7 घंटे तक अच्छी धूप मिलनी चाहिए, इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहां उसे पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी मिल सके.
अक्सर पौधे में फूल कम आने पर लोग बार-बार पानी देना शुरू कर देते हैं, लेकिन गुलाब की जड़ों के लिए लगातार गीली मिट्टी नुकसानदायक हो सकती है. मिट्टी की ऊपरी परत सूखने के बाद ही जरूरत के अनुसार पानी देना चाहिए. गमले में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए. जल निकासी सही होगी तो जड़ों में सड़न जैसी समस्या का खतरा कम रहेगा और पौधा बेहतर तरीके से बढ़ सकेगा.
Add News18 as
Preferred Source on Google
गुलाब के पौधे की समय-समय पर प्रूनिंग करना उसकी अच्छी ग्रोथ के लिए जरूरी है. पौधे में लगी सूखी, कमजोर या खराब शाखाओं को काटकर हटा देना चाहिए. जब फूल सूख जाएं तो उन्हें भी पौधे पर लंबे समय तक नहीं छोड़ना चाहिए. सूखे फूलों को हटाने से पौधे की ऊर्जा नई ग्रोथ और कलियों की तरफ जाने में मदद मिल सकती है.
गुलाब को अच्छी ग्रोथ के लिए पोषक तत्वों की भी जरूरत होती है. बागवानी विकास अधिकारी विशाल के अनुसार, करीब 20 से 30 दिन के अंतराल पर वर्मीकम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद दी जा सकती है. फ्लावरिंग के लिए बोनमील, रॉक फॉस्फेट या NPK 00:52:34 जैसी फास्फोरस और पोटैशियम वाली खाद का इस्तेमाल करें. खाद की मात्रा पौधे और गमले के आकार के अनुसार रखना जरूरी है.
कई बार पौधे को धूप और खाद सही मात्रा में मिलने के बावजूद फूल कम आते हैं. इसकी वजह कीड़े या फंगस से जुड़ी समस्या भी हो सकती है, इसलिए गुलाब की पत्तियों, नई शाखाओं और कलियों को नियमित रूप से जांचते रहें. अगर पत्तियों पर कीड़े, धब्बे या फंगस दिखाई दे तो समय रहते उचित उपचार करना चाहिए. जरूरत के अनुसार नीम ऑयल या उपयुक्त फंगीसाइड का हल्का स्प्रे किया जा सकता है.
गुलाब में फूल कम आने पर सबसे आम गलती यह होती है कि लोग ज्यादा से ज्यादा खाद डालना शुरू कर देते हैं, लेकिन पौधे की फ्लावरिंग सिर्फ खाद पर निर्भर नहीं करती. पर्याप्त धूप, सही पानी, समय पर प्रूनिंग और रोग-कीटों से बचाव भी उतना ही जरूरी है. इन सभी चीजों का संतुलन बनाए रखना चाहिए. जरूरत से ज्यादा खाद या पानी देने से पौधे को नुकसान भी हो सकता है.
गुलाब की देखभाल करते समय मौसम का भी ध्यान रखना चाहिए. बारिश के दौरान गमले में पानी जमा न होने दें, जबकि गर्म मौसम में मिट्टी की नमी पर नजर रखें. पौधे को ऐसी जगह रखना बेहतर होता है, जहां पर्याप्त धूप और हवा मिल सके. बहुत घनी और कमजोर शाखाओं को समय-समय पर हटाते रहना चाहिए, ताकि पौधे के अंदर हवा का आवागमन बना रहे.
अगर गुलाब में फूल कम आ रहे हैं तो सबसे पहले पौधे की जगह और धूप देखें, फिर पानी देने का तरीका सुधारें. इसके बाद सूखी शाखाओं और पुराने फूलों की प्रूनिंग करें और उचित अंतराल पर जैविक खाद दें. पत्तियों और कलियों में कीड़े या फंगस की जांच करते रहें. बागवानी विकास अधिकारी विशाल के मुताबिक, पौधे की नियमित देखभाल और सही संतुलन बनाए रखना गुलाब की बेहतर ग्रोथ और फ्लावरिंग के लिए जरूरी है.











