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Delhi-Gurugram Border Traffic Jam: शुक्रवार की शाम दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर भीषण जाम लग गया. सिरहौल बॉर्डर से लेकर एक्सप्रेसवे तक वाहनों की मीलों लंबी कतारें रेंगती नजर आईं. दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्था के कारण किए गए रूट डायवर्जन से स्थिति और गंभीर हो गई. ऑफिस से घर लौट रहे नौकरीपेशा और दिल्ली जाने वाले यात्रियों को घंटों इस महाजाम में जूझना पड़ा.
दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर शुक्रवार को लगा महाजाम.
गुरुग्राम: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शुक्रवार की शाम यात्रियों के लिए भारी मुसीबत लेकर आई. दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर उस समय वाहनों का महाजाम लग गया, जब हजारों की संख्या में वाहन चालक अपने दफ्तरों से घरों की ओर लौट रहे थे. दिल्ली में संभावित विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा बरती जा रही सख्ती और बॉर्डर पर गाड़ियों की सघन जांच के चलते यातायात पूरी तरह से चरमरा गया.
प्रमुख प्रवेश द्वार यानी सिरहौल बॉर्डर और दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं. स्थिति यह थी कि वाहन चालकों को एक किलोमीटर की दूरी तय करने में भी घंटों का समय लग गया. दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस द्वारा सुरक्षा कारणों के चलते कई रास्तों पर रूट डायवर्जन और बैरिकेडिंग की गई थी, जिसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ा.
पीक आवर्स ने बढ़ाई मुश्किलें
शुक्रवार का दिन होने के कारण शाम के पीक आवर्स में वैसे भी सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव रहता है. ऊपर से दिल्ली की ओर होने वाले प्रदर्शन और डायवर्जन के दिशा-निर्देशों ने इस दबाव को कई गुना बढ़ा दिया. परिणामस्वरूप, नौकरीपेशा लोग, जो हफ़्तेभर की थकान के बाद जल्दी घर पहुंचना चाहते थे, वे हाईवे और सर्विस लेन पर घंटों फंसे रहे. बच्चों को लेकर चल रहे अभिभावक और बस यात्री भी इस जाम से बेहाल नजर आए.
प्रशासन की अपील और वैकल्पिक मार्ग
ट्रैफिक पुलिस लगातार स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटी रही, लेकिन वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण राहत मिलने में काफी समय लगा. प्रशासन ने पहले ही एडवाइजरी जारी कर लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की थी, हालांकि कई वाहन चालकों को इसकी समय पर सूचना न मिलने के कारण वे जाम के जाल में फंस गए. फिलहाल ट्रैफिक पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि धीरे-धीरे आवाजाही को सामान्य किया जा सके.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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