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Nerve Damage Reason : क्या आप भी हाथ-पैर में झुनझुनाहट, जलन या सुन्नपन को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. ऐसा करना भारी पड़ सकता है. अगर समय रहते इसके कारणों का पता नहीं लगाया गया, तो नसों को नुकसान पहुंच सकता है. लोकल 18 से फरीदाबाद के डॉ. निशांत बताते हैं कि डायबिटीज में ब्लड शुगर बढ़ना नसों के लिए घातक है. इसकी शुरुआत अक्सर पैरों की उंगलियों में जलन से होती है. झुनझुनाहट के साथ मांसपेशियों में भी अकड़न आ सकती है. डॉ. निशांत कहते हैं कि पैरों में सुन्नपन होने से छोटी-मोटी चोट या खरोंच का पता नहीं चलता, जिससे घाव होने का खतरा बढ़ जाता है. झुनझुनाहट की वजह जानने के लिए ब्लड शुगर और विटामिन B12 के स्तर की जांच कराई जा सकती है.
फरीदाबाद. हाथ-पैर में झुनझुनाहट, जलन या सुन्नपन को अक्सर लोग सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन कई बार यह परेशानी शरीर में विटामिन की कमी या डायबिटीज का संकेत हो सकती है. समय रहते इसके कारण का पता नहीं लगाया जाए, तो नसों को नुकसान पहुंच सकता है. लंबे समय तक ब्लड शुगर बढ़ा रहने से नसों को स्थायी नुकसान होने का खतरा भी रहता है. लोकल 18 से फरीदाबाद स्थित अमृता हॉस्पिटल के एंडोक्राइनोलॉजी और डायबिटीज विभाग के प्रोफेसर डॉ. निशांत रायजादा बताते हैं कि हाथ-पैर में झुनझुनाहट होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. इनमें डायबिटीज, विटामिन B12 की कमी और ज्यादा शराब का सेवन प्रमुख हैं. विटामिन B12 नसों के सही काम करने के लिए जरूरी है. इसकी कमी से झुनझुनाहट के साथ सुन्नपन भी हो सकता है.
रात में ज्यादा खतरनाक
डॉ. निशांत बताते हैं कि डायबिटीज में ब्लड शुगर बढ़ने से नसों को नुकसान पहुंच सकता है. इसकी शुरुआत अक्सर पैरों की उंगलियों में जलन से होती है. धीरे-धीरे यह परेशानी पैरों में ऊपर की तरफ बढ़ सकती है. इसके बाद सुन्नपन होने लगता है और गंभीर स्थिति में हाथों की उंगलियां भी प्रभावित हो सकती हैं. अगर रात के समय पैरों में ज्यादा जलन होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. झुनझुनाहट के साथ मांसपेशियों में भी अकड़न आ सकती है.
डॉ. निशांत बताते हैं कि डायबिटीज नसें मांसपेशियों को काम करने में मदद करती हैं. ऐसे में नसों में परेशानी होने पर मांसपेशियों में अकड़न और कमजोरी भी हो सकती है. पैरों में सुन्नपन होने से छोटी-मोटी चोट या खरोंच का पता नहीं चलता, जिससे घाव होने का खतरा बढ़ जाता है. मालिश करने से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन समस्या का सही इलाज कराने के लिए जांच और डॉक्टर की सलाह जरूरी है. डॉ. निशांत कहते हैं कि झुनझुनाहट की वजह जानने के लिए ब्लड शुगर और विटामिन B12 के स्तर की जांच कराई जा सकती है. जरूरत पड़ने पर अन्य बीमारियों की जांच भी जरूरी है. अगर डायबिटीज के कारण परेशानी हो रही है, तो शुगर कंट्रोल करें. विटामिन की कमी होने पर डॉक्टर की सलाह से उसका इलाज किया जा सकता है.
क्या खाएं, क्या ज्यादा जरूरी
डॉ. निशांत बताते हैं कि हेल्दी डाइट में फल और सब्जियां शामिल करें. रोजाना व्यायाम करें, वजन नियंत्रित रखें और समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच कराएं. खासकर 40 साल से अधिक उम्र के लोगों को शुगर की जांच पर ध्यान देना चाहिए. शराब के सेवन से भी बचना चाहिए. अगर झुनझुनाहट लगातार बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…



