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लोन की किस्तें भरने के बाद भी बैंक बकाया दिखा रहा है? NOC नहीं मिल रही या रिकवरी एजेंट फोन पर धमका रहा है? घबराने की जरूरत नहीं है. फरीदाबाद कोर्ट की एडवोकेट कविता वर्मा से जानिए, भुगतान का सबूत कैसे रखें, गलत क्रेडिट स्कोर की शिकायत कहां करें और अपने अधिकारों की रक्षा कैसे करें.
फरीदाबाद: बैंक से लोन लेने के बाद हर महीने समय पर किस्त भरना जरूरी होता है. लेकिन कई बार किस्तें चुकाने के बाद भी बैंक की तरफ से बकाया राशि का मैसेज आने लगता है. कभी पेनल्टी के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगे जाते हैं, तो कभी लोन पूरा होने के बाद भी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नहीं मिलता. ऐसे में आम आदमी समझ नहीं पाता कि अपनी शिकायत कहां करे और अपने अधिकारों की रक्षा कैसे करें. अगर बैंक गलत बकाया दिखा रहा है या रिकवरी एजेंट फोन करके धमका रहा है, तो आपके पास कानूनी विकल्प मौजूद हैं. Local18 ने फरीदाबाद के सेक्टर-12 कोर्ट में पांच साल से प्रैक्टिस कर रहीं एडवोकेट कविता वर्मा से इस बारे में बातचीत की. उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में लोगों को क्या करना चाहिए.
किस्त भरने का सबूत रखना जरूरी
एडवोकेट कविता वर्मा बताती हैं कि लोन की किस्त जमा करने के बाद उसका रिकॉर्ड जरूर सुरक्षित रखें. अगर आपने NEFT, UPI या किसी अन्य ऑनलाइन माध्यम से भुगतान किया है, तो ट्रांजेक्शन की रसीद और बैंक स्टेटमेंट संभालकर रखें. इससे बैंक के सामने भुगतान का प्रमाण दिया जा सकता है. अगर बैंक गलत बकाया दिखाता है, तो सबसे पहले बैंक मैनेजर को लिखित शिकायत दें और उसकी रसीद अपने पास रखें. समाधान नहीं मिलने पर RBI के शिकायत पोर्टल का सहारा लिया जा सकता है.
NOC नहीं मिले तो क्या करें?
कविता वर्मा बताती है कि लोन पूरी तरह चुकाने के बाद भी NOC नहीं मिलने पर बैंक से लिखित रूप में इसकी मांग करें. इसके बावजूद समाधान नहीं मिलता है, तो मामले के अनुसार RBI के शिकायत तंत्र या उपभोक्ता आयोग का सहारा लिया जा सकता है.
रिकवरी एजेंट धमकाए तो जानें अधिकार
कविता वर्मा बताती है कि रिकवरी एजेंट कर्ज की वसूली के नाम पर ग्राहक को गाली नहीं दे सकता और न ही उसे अपमानित कर सकता है. सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक ही संपर्क कर सकता है. ग्राहक को एजेंट की पहचान भी जांचनी चाहिए. धमकी या दुर्व्यवहार होने पर कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और अन्य सबूत सुरक्षित रखें.
गलत क्रेडिट स्कोर की शिकायत कहां करें?
कविता वर्मा बताती है कि अगर गलत पेनल्टी या भुगतान की गलत जानकारी के कारण क्रेडिट स्कोर खराब हुआ है, तो बैंक से रिकॉर्ड ठीक कराने की लिखित मांग करें. जरूरत पड़ने पर संबंधित क्रेडिट ब्यूरो में भी विवाद दर्ज कराएं. बैंक शिकायत पर कार्रवाई नहीं करता है, तो पहले बैंक के शिकायत निवारण तंत्र और पात्रता के अनुसार RBI के शिकायत पोर्टल का इस्तेमाल करें. इसके बाद भी समाधान नहीं मिलने पर उपभोक्ता आयोग या उचित कानूनी मंच पर शिकायत की जा सकती है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…








