अंबाला: हरियाणा के अंबाला शहर में एक ऐसा तालाब मौजूद है, जो सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि अपने अनोखे रहस्य की वजह से भी लोगों को हैरान कर देता है. दरअसल जीटी रोड स्थित मनमोहन नगर का राम तलाई तालाब हर 10 से 15 दिन में अपना रंग बदलने के लिए जाना जाता है. स्थानीय लोगों का दावा है कि कभी इसका पानी हरा दिखाई देता है, कभी काला तो कभी दूधिया सफेद होता है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि दशकों से इसकी नियमित सफाई नहीं हुई, लेकिन आज भी इसका पानी साफ नजर आता है और यही वजह है कि यह तालाब श्रद्धालुओं के साथ-साथ यहां आने वाले लोगों के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है.
भगवान श्रीराम से जुड़ी है तालाब की मान्यता
बता दें कि स्थानीय मान्यताओं के मुताबिक इस तालाब का इतिहास भगवान श्रीराम से जुड़ा हुआ है. कहा जाता है कि भगवान श्रीराम और माता सीता इस स्थान पर आए थे, जिसके बाद इस जगह का नाम राम तलाई पड़ गया. हालांकि इस मान्यता के ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन वर्षों से चली आ रही इस आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन करने पहुंचते हैं. तालाब के चारों ओर बनी साधु-संतों की समाधियां और प्राचीन शिव मंदिर इस स्थान की धार्मिक पहचान को और मजबूत करते हैं.
बारिश के पानी से भरता है तालाब
वहीं लोकल 18 से बातचीत में राम तलाई डेरे के सेवादार ऋषि राम ने बताया कि वह पिछले 30 से 35 वर्षों से इस स्थान की सेवा कर रहे हैं. उनका कहना है कि तालाब में किसी नहर, ट्यूबवेल या पाइपलाइन से पानी नहीं आता है, इसमें सिर्फ बारिश का पानी ही जमा होता है. इसके बावजूद पानी का साफ रहना और हर 10 से 15 दिन में उसका रंग बदल जाना आज भी लोगों के लिए रहस्य बना हुआ है. उन्होंने बताया कि पुराने साधु-संत कहा करते थे कि भगवान श्रीराम और माता सीता यहां आए थे, इसलिए इस स्थान को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है.
छोटी खारौली ईंटों से बनी है तालाब की संरचना
वहीं ऋषि राम बताते हैं कि तालाब की बनावट इसकी प्राचीनता की गवाही देती है, क्योंकि इसके किनारे छोटी खारौली ईंटों से बने हुए हैं, जिनकी कारीगरी आज भी पुराने समय की याद दिलाती है. तालाब में मछलियां और कछुए भी मौजूद हैं, जबकि सर्दियों के मौसम में यहां विदेशी प्रवासी पक्षियों का डेरा लग जाता है. इससे यह स्थान धार्मिक स्थल होने के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन जाता है.
बचपन से मंदिर में माथा टेक रही हैं श्रद्धालु
वहीं मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं श्रद्धालु गीता रानी ने लोकल 18 को बताया कि वह बचपन से इस मंदिर में माथा टेकने आ रही हैं. उनका कहना है कि यहां स्थापित प्राचीन शिवलिंग के प्रति लोगों की गहरी आस्था है और सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है. उन्होंने बताया कि रामबाग डेरे के अंतर्गत आने वाला यह मंदिर और तालाब अंबाला की धार्मिक विरासत का अहम हिस्सा है.
दशकों से नहीं हुई तालाब की विशेष सफाई
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 1962 और 1990 में तालाब की सफाई कराई गई थी, लेकिन उसके बाद से इसकी कोई विशेष देखरेख नहीं हुई. इसके बावजूद पानी का साफ रहना और रंग बदलना आज भी लोगों को हैरान करता है. लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर ध्यान दे, तो राम तलाई तालाब अंबाला ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है. क्योंकि आस्था, इतिहास और रहस्य का यह संगम आज भी हर आने वाले को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है.












