झज्जर: जुर्म, जेल, पैरोल जंप, फर्जी पासपोर्ट, विदेश में फरारी और फिर हजारों किलोमीटर दूर एक विदेशी प्रेमिका के साथ नई जिंदगी… किसी बॉलीवुड की सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म जैसी लगने वाली यह कहानी हरियाणा के झज्जर जिले के बादली गांव के रहने वाले कुख्यात गैंगस्टर मैनपाल उर्फ ‘धीला’ की हकीकत है. हत्या, लूट, रंगदारी और पुलिस पर जानलेवा हमलों के दो दर्जन से ज्यादा मुकदमों का सामना कर चुका यह गैंगस्टर जब पैरोल से भागा, तो सीधा कंबोडिया का कारोबारी बन बैठा. अब करीब सात साल बाद, भारी पुलिस सुरक्षा और 12 घंटे की कस्टडी पैरोल के बीच उसने अपनी कंबोडियाई प्रेमिका मेटाचान के साथ हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लेकर हर किसी को चौंका दिया है.
हरियाणा के झज्जर स्थित बादली गांव से निकलकर जुर्म के दलदल में उतरे मैनपाल बादली ने देखते ही देखते अपराध की दुनिया में अपनी गहरी पैठ बना ली थी. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मैनपाल के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, जबरन वसूली, आर्म्स एक्ट और पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला करने के 24 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज हैं. एक अन्य पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ 22 मामलों का ब्योरा दर्ज है, जिनमें से तीन मामलों में अदालत उसे दोषी ठहरा चुकी थी. एक चर्चित हत्या के मामले में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उसे हिसार की सेंट्रल जेल में बंद कर दिया गया था.
पैरोल जंप और 5 लाख रुपये का इनाम
जेल की सलाखों के पीछे मैनपाल की कहानी थमी नहीं. 17 जुलाई 2018 को हिसार डिवीजन के कमिश्नर और झज्जर के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर उसे छह सप्ताह की पैरोल दी गई थी. नियम के मुताबिक, 29 अगस्त 2018 को उसे वापस हिसार सेंट्रल जेल में सरेंडर करना था. लेकिन मैनपाल जेल वापस लौटने के बजाय अंडरग्राउंड हो गया. इसके बाद उसके खिलाफ थाना सदर बहादुरगढ़ में हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स एक्ट की धारा 8/9 के तहत एफआईआर दर्ज की गई. जेल से फरार होने के बाद हरियाणा पुलिस की स्पेशल सेल ने 25 अक्टूबर 2018 को उस पर 5 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित कर दिया और उसकी तलाश में कई राज्यों में छापे मारे.
‘सोनू कुमार’ बनकर फर्जी पासपोर्ट से विदेश फरार
जब पुलिस उसकी तलाश में चप्पे-चप्पे पर दबिश दे रही थी, तब मैनपाल ने भारत छोड़ने की फुलप्रूफ योजना तैयार कर ली. जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने अपनी पहचान बदलकर ‘सोनू कुमार’ पुत्र रणवीर सिंह का फर्जी आधार और पहचान पत्र बनवाया, जिसमें गुरुग्राम का एक फर्जी पता दर्ज कराया गया था. इसी फर्जी पते के सहारे उसने पासपोर्ट कार्यालय से पासपोर्ट (नंबर T3218793) हासिल कर लिया. फर्जी पासपोर्ट का खुलासा होने पर गुरुग्राम के थाना सेक्टर 17/18 में धोखाधड़ी, जालसाजी और पासपोर्ट एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई. 7 जुलाई 2019 को मैनपाल कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से थाई एयरवेज की फ्लाइट TG-314 पर सवार होकर बैंकॉक भाग निकला.
कंबोडिया में लिव-इन, डिस्को और तीन बच्चे
बैंकॉक में करीब 20 से 22 दिन बिताने के बाद मैनपाल सड़क मार्ग से कंबोडिया पहुंच गया. कंबोडिया के पर्यटन शहर सिमरियप (Siem Reap) में उसने अपना नया ठिकाना बनाया. अपने कबूलनामे में उसने खुलासा किया कि वहां उसकी मुलाकात स्थानीय कंबोडियाई महिला चैन मैटा (मेटाचान) से हुई. दोनों ने मिलकर 10 हजार अमेरिकी डॉलर जोड़े और एक मकान खरीदकर लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे. इसके बाद मैनपाल ने वहां ‘कॉनतिआई’ नाम का डिस्को और ‘अंकुर’ नाम का रेस्टोरेंट शुरू किया. कंबोडिया में रहते हुए दोनों के तीन बच्चे हुए. बड़ा बेटा बाहुबली (उम्र 5 साल), छोटा बेटा भगत कुमार (उम्र 4 साल) और एक साल की बेटी आस्था. भारत का मोस्ट वांटेड गैंगस्टर विदेश में एक कामयाब कारोबारी और पारिवारिक व्यक्ति बनकर रह रहा था.
वीजा रिन्यू कराते वक्त धरा गया गैंगस्टर
भारत सरकार ने मैनपाल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) और इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी करवा रखा था. करीब छह साल तक कानून की आंखों में धूल झोंकने के बाद जुलाई 2025 में उसका यह छलावा टूट गया. जब वह कंबोडिया के स्थानीय इमिग्रेशन दफ्तर में अपना वीजा रिन्यू कराने गया, तो अंतरराष्ट्रीय डेटाबेस में उसकी असलियत बेनकाब हो गई. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसे हिरासत में लेकर कानूनी प्रक्रिया के तहत भारतीय एजेंसियों के हवाले कर दिया.
12 घंटे की पैरोल, भारी पुलिस पहरा और 500 मेहमान
हिसार जेल में दोबारा बंद होने के बाद मैनपाल ने अपनी कंबोडियाई प्रेमिका मेटाचान को सामाजिक और कानूनी रूप से पत्नी का दर्जा देने के लिए अदालत में शादी की अर्जी लगाई. अदालत ने मानवीय आधार पर उसे शादी के लिए 12 घंटे की कस्टडी पैरोल मंजूर की. झज्जर के दुलीना स्थित एक निजी फार्म हाउस में शुक्रवार को शादी का भव्य आयोजन हुआ. फार्म हाउस को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था और हर आने-जाने वाले पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी. ऑफ-व्हाइट शेरवानी में मैनपाल और पारंपरिक भारतीय लाल लहंगे में सजी कंबोडियाई दुल्हन मेटाचान ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए. शादी में करीब 500 मेहमान शामिल हुए.












