फरीदाबाद: UPI से पैसे भेजते समय कई बार जल्दबाजी में गलत नंबर या खाते में रकम ट्रांसफर हो जाती है. इसके बाद लोगों को समझ नहीं आता कि पैसे वापस कैसे मिलेंगे और सबसे पहले किससे शिकायत करनी चाहिए. अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो घबराने की जरूरत नहीं है. बैंक को शिकायत करने से लेकर साइबर हेल्पलाइन और पुलिस में शिकायत तक कुछ जरूरी कदम समय पर उठाने होते हैं. सामने वाला पैसा वापस न करे या बैंक शिकायत पर सुनवाई न हो तो आगे कहां शिकायत करनी है, यह जानना भी जरूरी है.
बैंक में तुरंत शिकायत करने का तरीका क्या है
UPI से गलत खाते में पैसे चले जाने पर Local18 से बातचीत में फरीदाबाद सेक्टर-12 कोर्ट के एडवोकेट मोहन तिवारी बताते हैं कि किसी व्यक्ति के खाते से पैसे गलती से किसी दूसरे खाते में चले जाते हैं, तो सबसे पहले बैंक को इसकी जानकारी देनी चाहिए. कई बार जल्दबाजी में ऐसी गलती हो जाती है जिस मोबाइल से UPI के जरिए ट्रांजैक्शन किया गया है, उसका UPI नंबर और ट्रांजैक्शन आईडी संभालकर रखनी चाहिए. इसके बाद बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर फोन करके बताना चाहिए कि पैसे गलती से दूसरे खाते में चले गए हैं और रकम वापस लेने के लिए शिकायत दर्ज करनी है. बैंक की शाखा में जाकर भी शिकायत दी जा सकती है.
गलत खाते में रकम जाने पर पहला कदम क्या
मोहन तिवारी बताते हैं कि पैसे गलत खाते में चले गए हैं तो इसकी शिकायत बैंक में की जा सकती है. कस्टमर केयर पर फोन करके भी जानकारी दी जा सकती है. सबसे जरूरी बात यह है कि शिकायत करने में देरी नहीं करनी चाहिए. बैंक को ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी और उपलब्ध रिकॉर्ड देना चाहिए, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई की जा सके. RBI भी इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग से जुड़ी अनधिकृत लेनदेन की जानकारी बैंक को जल्द देने की सलाह देता है.
पैसे वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया कैसे शुरू करें
मोहन तिवारी बताते हैं कि बैंक में शिकायत करने के साथ ही साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी शिकायत की जा सकती है. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी है. शिकायत करते समय ट्रांजैक्शन आईडी या UTR नंबर, ट्रांजैक्शन की तारीख, रकम, बैंक की जानकारी और उपलब्ध सबूत अपने पास रखने चाहिए.
सामने वाला पैसा लौटाए नहीं तो क्या करें
मोहन तिवारी बताते हैं कि अगर गलती से पैसा किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में चला गया है और सामने वाला उसे वापस नहीं कर रहा है तो इसकी शिकायत की जा सकती है. मामले की जानकारी पुलिस या साइबर पुलिस को देकर उपलब्ध सबूत दिए जा सकते हैं. शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच करती है और लेनदेन से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा सकती है. इस तरह के मामले में ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, UPI आईडी, बैंक की जानकारी और बातचीत से जुड़े सबूत संभालकर रखना जरूरी है.
बैंक शिकायत नहीं सुने तो कहां जाएं
अगर बैंक में शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है तो ग्राहक अपनी शिकायत को आगे बढ़ा सकता है. मोहन तिवारी बताते हैं कि साइबर अपराध से जुड़ा मामला होने पर साइबर पुलिस या संबंधित पुलिस थाने में शिकायत की जा सकती है. इसके अलावा बैंक की शिकायत का समाधान नहीं होने पर RBI की शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है. RBI के मौजूदा Integrated Ombudsman Scheme के तहत बैंक और अन्य संबंधित विनियमित संस्थाओं के खिलाफ सेवा में कमी से जुड़ी शिकायत की जा सकती है.
शिकायत करते समय कौन से कागज संभालें
UPI से गलत खाते में पैसे जाने के बाद शिकायत करते समय ट्रांजैक्शन आईडी या UTR नंबर, ट्रांजैक्शन की तारीख, भेजी गई रकम, UPI आईडी, बैंक की जानकारी और ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट संभालकर रखना चाहिए. साइबर अपराध पोर्टल भी वित्तीय शिकायत के दौरान ट्रांजैक्शन आईडी, तारीख, रकम और संबंधित बैंक की जानकारी रखने को कहता है.












