हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश के शिक्षा विभाग ने अब सरकारी स्कूलों में जर्मन भाषा पढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इसके लिए 8 दिसंबर 2025 को हरियाणा सरकार का शिक्षा विभाग एक जर्मन प्रतिनिधिमंडल के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करेगा।
विदेशी भाषाओं को बढ़ावा देने की कवायद
यह फैसला राज्य सरकार की उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप विदेशी भाषाओं में निपुण बनाया जाएगा। जर्मन के बाद सरकारी स्कूलों में जापानी (जैपनीज), कोरियन और चीनी (चाइनीज) जैसी अन्य वैश्विक भाषाएं भी पढ़ाई जाने की योजना है। इससे छात्रों को दुनिया भर में उपलब्ध उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
पहले से चल रही है फ्रेंच भाषा की तैयारी
जर्मन भाषा से पहले हरियाणा सरकार फ्रेंच भाषा को पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिए पहले ही एक एमओयू पर हस्ताक्षर कर चुकी है। इसके लिए अध्यापकों का चयन किया जा चुका है और उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाने लगा है। फ्रेंच भाषा की पढ़ाई अगले शैक्षणिक सत्र से शुरू हो जाएगी।
मौजूदा शिक्षकों को दी जाएगी ट्रेनिंग
जर्मन भाषा पाठ्यक्रम को लागू करने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया है कि एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहले से कार्यरत चयनित शिक्षकों को ही जर्मन भाषा का विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इन प्रशिक्षित शिक्षकों के माध्यम से ही विद्यार्थियों को जर्मन भाषा पढ़ाई जाएगी। इस तरह की पहल से न केवल छात्रों के कौशल में वृद्धि होगी, बल्कि शिक्षकों के पेशेवर विकास को भी बल मिलेगा।
यह कदम हरियाणा के शिक्षा क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करते हुए छात्रों को वैश्विक मंच के लिए तैयार करेगा।












