Haryana New Expressway: हरियाणा में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। 121 किलोमीटर लंबे अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। यह एक्सप्रेसवे हरियाणा के अंबाला से उत्तर प्रदेश के शामली तक बनेगा और आगे चलकर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवेसे जुड़ेगा।
हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने पुष्टि की है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना दिसंबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।
सरकारी जानकारी के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे की अनुमानित लागत करीब 3,694 करोड़ रुपये है। यानी प्रति किलोमीटर लागत लगभग 30.53 करोड़ रुपये बैठती है। यह परियोजना केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से विकसित की जा रही है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी।
ट्रैफिक दबाव होगा कम, कनेक्टिविटी होगी मजबूत
अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे को अंबाला-मोहाली एक्सप्रेसवे और अंबाला रिंग रोड से जोड़ा जाएगा, जिससे शहरों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। साथ ही यह हाईवे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से लिंक होकर उत्तर भारत के ट्रैफिक फ्लो को सुगम बनाएगा। यह परियोजना हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच परिवहन व्यवस्था को नई रफ्तार देगी।
6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे, ये होगा पूरा रूट
यह एक्सप्रेसवे एक 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे होगा। हरियाणा में यह साहा, बरारा, रादौर, लाडवा और कुरुक्षेत्र जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जिसमें शाहपुर, बारा और सापेरा जैसे गांव शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश में यह यमुना नदी को पार करते हुए गंगोह से होकर गोगवान जलालपुर जंक्शन तक जाएगा, जहां इसे प्रस्तावित गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा।
यह एक्सप्रेसवे बरेली-लुधियाना इकोनॉमिक कॉरिडोर का हिस्सा है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 450 किलोमीटर है। अंबाला-शामली सेक्शन की लंबाई करीब 120.97 किमी होगी और इसे एक नए राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है।
निर्माण कार्य तेज, NHAI कर रही नियमित निगरानी
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की निगरानी में इस परियोजना का निर्माण कई हिस्सों में एक साथ किया जा रहा है। मंत्री अनिल विज ने हाल ही में NHAI के अंबाला प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीके सिन्हा के साथ बैठक कर काम की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि जल निकासी, एक्सेस रोड और ट्रैफिक सेफ्टी जैसे स्थानीय मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस एक्सप्रेसवे से हरियाणा और उत्तर प्रदेश के यात्रियों, ट्रांसपोर्टरों और स्थानीय निवासियों को बड़ा फायदा होगा। चंडीगढ़, मोहाली, अंबाला और आसपास के इलाकों के लोग ट्रैफिक जाम से राहत पाएंगे और यात्रा समय काफी कम होगा।
इसके साथ-साथ यह परियोजना आर्थिक विकास, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा देगी। रियल एस्टेट सेक्टर में भी तेजी आने की उम्मीद है, खासकर अंबाला बाईपास, साहा-बरारा और यमुना क्रॉसिंग जैसे इलाकों में।










