4000 से ज्यादा केंद्र अब सरकारी भवनों में शिफ्ट, बच्चों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं – नया हरियाणा

On: May 7, 2026 7:55 PM
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हरियाणा में छोटे बच्चों की शिक्षा और पोषण से जुड़ी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। प्रदेश के 4,000 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र, जो अब तक किराए के कमरों या अस्थायी ढांचों में चल रहे थे, अब चरणबद्ध तरीके से सरकारी भवनों में स्थानांतरित किए जाएंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं, जिससे आने वाले समय में हजारों बच्चों को सुरक्षित और बेहतर माहौल मिल सकेगा।

दरअसल, प्रदेश के कई आंगनबाड़ी केंद्र आज भी बेहद सीमित संसाधनों के साथ संचालित हो रहे हैं। कहीं बच्चों को छोटे और तंग कमरों में बैठना पड़ता है, तो कहीं टिनशेड के नीचे गर्मी और बारिश के बीच पढ़ाई कराई जाती है। ऐसे हालात न सिर्फ बच्चों के स्वास्थ्य पर असर डालते हैं, बल्कि उनके मानसिक और शैक्षणिक विकास को भी प्रभावित करते हैं।

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इसी चुनौती को देखते हुए सरकार ने अब इन केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी स्कूलों या अन्य खाली सरकारी भवनों में शिफ्ट करने का फैसला लिया है। इससे बच्चों को स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित पेयजल, शौचालय और खेल के लिए खुला स्थान जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी।

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यह योजना केवल भवन बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि आंगनबाड़ियों को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में भी काम हो रहा है। जो केंद्र पहले से सरकारी भवनों में संचालित हो रहे हैं, उन्हें ‘सक्षम आंगनबाड़ी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जहां LED स्क्रीन के माध्यम से बच्चों को शुरुआती शिक्षा दी जाएगी।

इसके साथ ही बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए ‘पोषण वाटिका’ तैयार की जा रही है, जिसमें ताजी सब्जियां उगाई जाएंगी। इससे बच्चों को पौष्टिक आहार के साथ-साथ खेती और प्रकृति के बारे में भी शुरुआती जानकारी मिल सकेगी।

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महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों की पहली पाठशाला होते हैं। अगर शुरुआत से ही उन्हें अच्छा माहौल और सही संसाधन मिलें, तो उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर तरीके से हो सकता है। यही वजह है कि सरकार आंगनबाड़ियों को सरकारी स्कूलों के साथ जोड़ने पर जोर दे रही है, ताकि बच्चों को आगे की पढ़ाई में भी सहजता मिले।

सरकार के इस फैसले से जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम करने की परिस्थितियां बेहतर होंगी, वहीं अभिभावकों का भरोसा भी सरकारी व्यवस्था पर मजबूत होगा। आने वाले समय में यह कदम हरियाणा में बाल शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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