New Railway Line: केंद्रीय मंत्रिमंडल (भारत) ने दिल्ली से अंबाला के बीच नई रेलवे लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है। 194 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर करीब 5,983 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। केंद्र सरकार का कहना है कि यह परियोजना न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि देश की सामरिक सुरक्षा और रेलवे नेटवर्क को भी मजबूत बनाएगी।
केंद्र सरकार के इस फैसले को रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और हरियाणा समेत उत्तर भारत में कनेक्टिविटी सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी
इस परियोजना की जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने दिल्ली-अंबाला नई रेल लाइन को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन दिल्ली से जम्मू रूट के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होगी।
इस नई लाइन के बनने से सेना की आवाजाही अधिक तेज और सुरक्षित होगी। साथ ही, यात्रियों को भी बेहतर और तेज रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा।
हरियाणा के कई जिलों से होकर गुजरेगी नई रेल लाइन
नई रेल लाइन हरियाणा के प्रमुख जिलों अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत से होकर गुजरेगी। इस रूट पर आने वाले कुल 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जाएगा और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस परियोजना के पूरा होने से हरियाणा के इन जिलों की कनेक्टिविटी दिल्ली और अन्य राज्यों से और अधिक मजबूत हो जाएगी, जिससे व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
4 साल में पूरा करने का लक्ष्य, भूमि अधिग्रहण की जरूरत कम
सरकार ने इस परियोजना को अगले चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस रेल लाइन के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी।
रेलवे इस परियोजना के लिए मौजूदा रेल लाइन के साथ उपलब्ध रेलवे भूमि का उपयोग करेगा, जिससे परियोजना की लागत और समय दोनों में कमी आएगी। इससे काम तेजी से पूरा होने की संभावना है।
यात्रियों और सेना दोनों को होगा फायदा
नई रेल लाइन के शुरू होने से दिल्ली से अंबाला और आगे जम्मू की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज और सुरक्षित रेल सेवाएं मिलेंगी। इसके साथ ही, यह परियोजना देश की सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे सेना की आवाजाही और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट बेहतर होगा।
रेलवे नेटवर्क के इस विस्तार से हरियाणा के प्रमुख शहरों में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।













