फरीदाबाद. मेहनत का फल मीठा होता है. हरियाणा के पलवल जिले के सबसे आखिरी छोर पर बसे जल्हाका गांव के युवा किसान सागर (28) के साथ यही हुआ. जिस खेत में कभी गेहूं की बालियां लहलहाती थीं, कभी धान, ज्वार, मक्का और गन्ने की फसल होती थीं, आज उसी खेत में ड्रैगन फ्रूट की फसल लोगों का ध्यान खींच रही है. परंपरागत खेती से किसान परिवार को हर साल करीब डेढ़ से दो लाख रुपये की आमदनी होती थी, लेकिन नई खेती ने परिवार की आर्थिक स्थिति बदल दी है. इस खेती की शुरुआत किसी कृषि विशेषज्ञ की सलाह से नहीं, बल्कि यूट्यूब पर देखे गए एक वीडियो से हुई. लोकल 18 से सागर बताते हैं कि मैंने एमबीए किया हुआ है और फिलहाल एक एमएनसी कंपनी में जॉब रहा हूं. साल 2023 में ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की थी. इस खेती की शुरुआत मेरे पिताजी ने की थी.
पिता ने कहा- पता करके बताओ
सागर कहते हैं कि मेरे पिताजी अक्सर यूट्यूब पर खेती से जुड़ी वीडियो देखते रहते हैं. एक दिन उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती से जुड़ी वीडियो देखी. यह खेती हमारे लिए बिल्कुल अलग थी. इसके बाद पिताजी ने मुझे बताया कि इस खेती के बारे में रिसर्च करके बताओ कि यह हमारे लिए सही रहेगी या नहीं. हमने इसके बारे में पूरी जानकारी जुटाई और फिर अपने वातावरण में इसे लगाने का फैसला किया.
पहले फूल तोड़कर फेंके
सागर बताते हैं कि हमने खेत में ड्रैगन फ्रूट लगाने से पहले किसी एक्सपर्ट को नहीं बुलाया था. हमने खुद ही मिट्टी की रिसर्च की और पानी की भी जांच कराई. ड्रैगन फ्रूट पौधे लगाने के करीब 18 महीने बाद पहली फ्रूटिंग आती है. पौधे लगाने के बाद शुरुआती 18 महीने तक करीब साढ़े 6 लाख से 7 लाख रुपये तक लागत आती है. हम इसके पौधे करनाल से लेकर आए थे और फरवरी 2023 में खेत में लगाए थे. करीब 9 महीने बाद पौधों में फूल आने शुरू हो गए थे, लेकिन उस समय हमने फूल तोड़ दिए. इसकी वजह यह थी कि उस समय पौधा पूरी तरह मैच्योर नहीं हुआ था. अगर उस समय फ्रूटिंग ले लेते तो पौधे की ग्रोथ प्रभावित हो सकती थी. इसके बाद दूसरी बार जब फूल खिले तो हमने उनसे फ्रूटिंग ली.
पहले साल कितनी पैदावार
सागर बताते हैं कि पहले साल ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन करीब डेढ़ से दो टन रहा था. दूसरे साल उत्पादन साढ़े तीन टन से ऊपर पहुंच गया. अब यह हमारा तीसरा साल है और तीसरे साल में सीजन के दौरान करीब 7 से 8 टन तक उत्पादन पहुंचने की उम्मीद है. खेती में जो भी शुरुआती निवेश हमने किया था, अब हम उस निवेश को निकालकर प्रॉफिट में आ गए हैं. पिछले दो सालों में हमने इससे करीब साढ़े 7 लाख रुपये तक कमा लिए हैं. शुरुआत में मेहनत काफी ज्यादा थी, लेकिन अब इसमें उतनी ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती. इस साल मुख्य रूप से खरपतवार निकालने और पौधों की देखरेख का काम करना पड़ रहा है. इस साल मुझे उम्मीद है कि ड्रैगन फ्रूट से करीब 8 लाख रुपये की कमाई हो सकती है.
नर्सरी से भी कमाई का रास्ता खोजा
सागर बताते हैं कि जरूरी नहीं है कि ड्रैगन फ्रूट से सिर्फ फल बेचकर ही मुनाफा कमाया जाए. इसकी नर्सरी बनाकर पौधे तैयार करके भी अच्छी कमाई की जा सकती है. नर्सरी बनाकर पौधे बेचने से करीब 4 लाख रुपये तक का प्रॉफिट हो सकता है. अगर आपका पेड़ अच्छा है और फ्रूटिंग भी अच्छी है, साथ ही आप नर्सरी भी तैयार करके पौधे बेच रहे हैं, तो एक एकड़ जमीन से आराम से 10 लाख रुपये तक की कमाई हो सकती है. हमने पिछले साल भी इसकी नर्सरी तैयार की थी और इस साल भी नर्सरी बना रहे हैं. अगर सही तरीके और बेहतर प्रबंधन के साथ ड्रैगन फ्रूट की खेती की जाए तो एक एकड़ से करीब 12 लाख रुपये तक का मुनाफा भी हो सकता है.
ड्रिप सिस्टम आया काम
सागर बताते हैं कि ड्रैगन फ्रूट की सिंचाई ड्रिप सिस्टम से की जाती है. जिस जगह ड्रैगन फ्रूट लगा हुआ है, वहां करीब 7 फीट ऊंचे खंभे लगाए गए हैं. इनमें करीब 2 फीट हिस्सा जमीन के अंदर रहता है और 5 फीट हिस्सा जमीन के ऊपर रहता है. खंभे के ऊपर एक रिंग लगी हुई है. जब तक पौधा रिंग तक नहीं पहुंचता, तब तक उसे सहारे के लिए बांधकर रखा जाता है. जैसे ही पौधा रिंग तक पहुंचता है, इसके बाद वह अपने आप बाहर की तरफ फैलने लगता है. शुरुआती एक से डेढ़ साल तक पौधे की अच्छे से केयर करनी होती है. करीब 3 साल में पौधा पूरी तरह मैच्योर हो जाता है. इसके बाद इसकी इतनी देखभाल की जरूरत नहीं रहती.
कितने रुपये किलो बिक रहा
सागर बताते हैं कि ड्रैगन फ्रूट का एवरेज साइज करीब साढ़े चार सौ से 500 ग्राम तक होता है. मैंने अपने फार्म से सबसे बड़ा ड्रैगन फ्रूट करीब साढ़े 700 ग्राम का निकाला है. मंडी में मिलने वाले भाव से हमें ज्यादा मतलब नहीं है, क्योंकि हमारा फल रिटेल में जाता है. हम इसे किलो के हिसाब से बेचते हैं. बाजार में अगर ग्राहक ड्रैगन फ्रूट खरीदने जाता है तो एक पीस करीब 100 से 125 रुपये में मिलता है. कई बार ग्राहक को पीस के हिसाब से खरीदने पर यह महंगा पड़ता है. हमारे यहां एक किलो में करीब तीन पीस तक आ जाते हैं और ग्राहक को यह बाजार के मुकाबले सस्ता पड़ता है. हमारे ड्रैगन फ्रूट का रिटेल भाव करीब 300 रुपये किलो तक जाता है.
एक एकड़ में कितने पौधे
सागर बताते हैं कि हमने ड्रैगन फ्रूट की खेती एक एकड़ से ज्यादा जमीन में लगा रखी है. इसमें करीब 500 पोल लगाए जाते हैं. एक पोल पर 4 पौधे लगाए जाते हैं और इस तरह एक एकड़ में करीब 2000 पौधे हो जाते हैं. पौधों की लाइन में करीब 8 बाई 8 फीट की दूरी रखी गई है, जबकि साइड की तरफ करीब 11 फीट की दूरी है. इस तरह पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है और खेत में काम करना भी आसान रहता है. सागर बताते हैं कि ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू करने का फैसला हमारे परिवार के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हुआ.













