पुर्नजन्म की कहानीः 85 साल की ‘पत्नी’ के अंतिम संस्कार में पहुंचा 25 साल का युवक, 1987 में मौत के बाद 2001 में दोबारा लिया था जन्म

On: August 27, 2026 2:39 PM
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Palwal Reincarnation Story: हरियाणा के पलवल के होडल से एक युवक के पुर्नजन्म की कहानी सामने आई है. युवक 85 वर्षीय महिला के अंतिम संस्कार में पहुंचा था, जो कि पूर्व जन्म में उसकी पत्नी थी. युवक का नाम आकाश है और वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा है. 2001 में राजस्थान में आकाश का पुर्नजन्म हुआ था.

पुर्नजन्म की कहानीः 85 साल की ‘पत्नी’ के संस्कार में पहुंचा 25 वर्षीय पति Zoom

हरियाणा के पलवल के होडल की यह पूरी कहानी पुनर्जन्म से जुड़ी है. (फोटो एआई)

पलवल. क्या आप पुर्नजन्म पर विश्वास करते हैं? आपका जवाब हां या ना कुछ भी हो, लेकिन ये कहानी पढ़िये.  85 साल की बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार चल रहा था. इस दौरान 25 साल का युवक मौके पर पहुंचा और बताया कि पूर्व जन्म में वह 85 वर्ष की चमेली देवी का पति था. महिला के बेटे ने ही युवक को मां के निधन की सूचना दी थी.

दरअसल, , हरियाण के पलवल के होडल की यह पूरी कहानी पुनर्जन्म से जुड़ी है. 18 जनवरी 1987 से यह कहानी शुरू होती है. गांव मित्रोल के रहने वाले मास्टर हीरालाल अपने बड़े बेटे जोगेंद्र सिंह चौहान के साथ साइकल पर होडल से गांव की तरफ आ रहे थे और इसी दौरान एक बस ने उनकी साइकल में टक्कर मार दी. हादसे में मास्टर की मौत हो गई, जबकि उनके बड़े बेटे जोगेंद्र सिंह चौहान (17) घायल हुआ था. बाद में जोगेंद्र एसडीएम कार्यालय में सुपरिंटेंडेंट लग गए.

15 अगस्त को बुजुर्ग महिला का निधन हुआ था और बेटे ने ही आकाश को मां के निधन की सूचना दी. उनका मानना है कि पूर्व जन्म में आकाश उनके पिता थे. आकाश ने भी अंतिम संस्कार के बाद परिवार को सांत्वना दी. आकाश ने बताया कि साल 1987 में सड़क दुर्घटना में उसकी मौत हुई थी और फिर 15 साल बाद उसका दोबारा जन्म हुआ. उसे सब याद है और  अभी वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा है.  गांव के लोगों का कहना है कि युवक पिछले जन्म में टीचर था औऱ हादसे में उसकी मौत हो गई थी. फिर राजस्थान में पुर्नजन्म के बाद उसे अपनी पूरी जिंदगी याद है.

बेटे जोगेंद्र ने उठाया ‘पिता’ की पढ़ाई का सारा खर्च

हादसे में मारे गए मास्टर सिंह के बेटे जोगेंद्र सिंह ने बताया कि साल 2001 में उनके पिता ने राजस्थान के भरतपुर के गांव बड़ेसरा के देवीसिंह फौजदार के घर मे जन्म लिया था. वताते हैं कि 2006 में 5 साल का एक बच्चा आकाश उनके घर पहुंचा और पूरे परिवार की पहचान बता दी, जिससे वह हैरान रह गए. तब से वह आकाश को अपना पिता ही मान रहे थे. इस दौरान उन्होंने आकाश की पढ़ाई का खर्चा उठाया और आर्थिक रूप से मदद भी की है.

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, आकाश के वर्तमान पिता देवी सिंह ने बताया कि साल 2001 में उनकी पत्नी सरोज ने बेटे को जन्म दिया और आकाश कहता था कि उसके दो बेटे और एक बेटी है और पक्का मकान भी है. यह पूरा मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है.

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Vinod Kumar Katwal

Vinod Kumar Katwal is a Senior journalist with over 14 years of experience across print and digital media. He currently serves as a Senior Correspondent at News 18 Hindi, leading Himachal Pradesh, Chandigarh an…

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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