हरियाणा विधानसभा में काले कपड़े पहनकर आए कांग्रेस विधायकों का हंगामा, हुड्डा का दावा-पुलिस की धक्कामुक्की से कई MLA घायल

On: August 27, 2026 10:43 PM
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चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा के सत्र का आगाज हंगामे के साथ हुआ है. गुरुवार को कांग्रेस के सभी विधायक काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे. कांग्रेस विधायकों का दावा है कि इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने उनके साथ धक्का मुक्की भी की. इस दौरान सदन की कार्रवाई कुछ समय के लिए रोकनी भी पड़ी थी, लेकिन दोबारा बाद में कार्रवाई शुरू हुई.  उधर, हंगामे के चलते 12.30 तक के लिए सदन की कार्रवाई फिर से स्थगित कर दी गई है.

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा तक मार्च किया. मॉनसून सत्र के पहले दिन उन्होंने काले कपड़े पहनकर राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ नारेबाजी की. पुलिस ने विधायकों को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकइटिंग की और बल प्रयोग किया. कांग्रेस ने प्रेस रिलीज में दावा किया कि कई विधायकों को चोटें आईं.

विधानसभा स्पीकर ने कहा कि वह मामले की पूरी जानकारी लेंगे और वीडियो निकलवाएंगे. उन्होंने कांग्रेस विधायकों से कहा कि आप चेंबर में आइये, सारे मामले को पर्सनली देखूंगा. स्पीकर बोले कि मुझे प्राप्त जानकारी में सामने आया है कि आप कुछ लिखी हुई तख्ती लेकर अंदर आ रहे थे और इसके चलते आपको रोका गया. रघबीर कादयान बोले कि हमारे साथ विशेषाधिकार का हनन और मैंनहैंडलिंग हुई है. महिपाल ढांडा ने कहा कि कांग्रेस ने कर्मचारियों के साथ बहुत गलत दुर्व्यवहार किया और कांग्रेस के विधायक बेकाबू हो गए थे.

पूरे विवाद पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सदन को गुमराह करने के लिए कांग्रेस विधायकों ने मारपीट और कोहनी मारने की बात कही. मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान कांग्रेस विधायक निरंतर नारेबाजी करते रहे. मुख्यमंत्री बोले कि मेरा एक सुझाव है कि आप अपने चेंबर में कांग्रेस विधायकों और भाजपा विधायकों को भी बुला लीजिए, सीसीटीवी फुटेज वीडियो में जो भी सामने आएगा, उसके आधार पर कार्रवाई कर लीजिए, गुंडागर्दी तो कांग्रेस विधायक कर रहे हैं.

गुरुवार सुबह कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा तक मार्च किया.

इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोक प्रस्ताव सदन में पेश किया और सदन में सर्वसम्मति से शोक प्रस्ताव पास हुआ. हालांकि. प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस के विधायकों ने विरोध जताया और कांग्रेस विधायकों की शिकायत पर स्पीकर ने कहा कि मामले की जानकारी ली जाएगी. इस दौरान कांग्रेस विधायकों और सत्ता पक्ष के विधायकों के बीच तीखी बहस देखने को मिली.

इससे पहले, सदन के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार की कड़े शब्दों में निंदा की. उन्होंने कहा कि चाहे जंतर-मंतर हो या विधानसभा मार्च, देश के हर नागरिक और जनप्रतिनिधि को अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है. उनके साथ किसी भी तरह का बलप्रयोग संविधान और लोकतंत्र विरोधी है. जिस तरह पुलिस मुझे और विधायकों को धक्के मार रही थी, ऐसा लग रहा था कि सरकार ने पुलिस की वर्दी में गुंडे भेज रखे थे. उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक और चढ़ावा चोरी, दोनों ऐसे मुद्दा हैं, जिनसे बीजेपी सरकार लगातार आंख चुराती रही. लेकिन जब विपक्ष ने आवाज उठाई और जनता आंदोलनरत हुई तो सरकार ने जांच व कार्रवाई की खानापूर्ती की. लेकिन उसपर भी कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं. कांग्रेस की मांग है कि चढ़ावा चोरी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कोई भी दोषी बचना नहीं चाहिए. क्योंकि ये मामला भगवान राम के प्रति आस्था रखने वाले जन-जन को परेशान करने वाला है.

पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार की कड़े शब्दों में निंदा की.

सरकार को बताना चाहिए कि जांच शुरू करने में देरी क्यों हुई? आरोप जून 2026 के शुरू में सार्वजनिक हुए, 13 जून को एसआईटी बनी. प्रारंभिक रिपोर्ट 23 जून को आई, लेकिन FIR 25 जून को दर्ज हुई. आरोप सामने आने के बाद, कार्रवाई में देरी क्यों हुई? क्या इससे सबूत नष्ट होने या प्रभावित होने का जोखिम था?  एसआईटी ने पाया कि गिनती प्रक्रिया में सुरक्षा गार्ड, फ्रिस्किंग, पॉकेट रहित कपड़े, 180 दिन की CCTV फुटेज जैसी अनिवार्य SOP का पालन नहीं हुआ. CCTV सिर्फ 45 दिनों तक रखी गई. ये व्यवस्थाएं क्यों विफल रहीं और जिम्मेदार अधिकारियों/ट्रस्ट प्रबंधन पर प्रशासनिक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

कांग्रेस ने प्रेस रिलीज में दावा किया कि कई विधायकों को चोटें आईं.

सवाल ये भी कि बड़े नामों को क्लीन चिट कैसे मिली? क्या सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त है? क्या निचले स्तर के कर्मचारी इतने हाईटेक और कई लेयर की सिक्युरिटी में करोड़ों की चोरी कर सकते हैं?  भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर कहा कि सरकार ने जिस तरह पैलेट गन से घायल हुए बच्चे की FIR तक लिखने से मना कर दिया था, उसी से सरकार की क्रूर मंशा स्पष्ट हो गई थी. लेकिन जब हमारे नेता राहुल गांधी ने इसका विरोध किया और थाने में धरना दिया, तब सरकार ने मजबूरी में FIR दर्ज की. लेकिन राहुल गांधी के दृढ़ संकल्प ने दिखा दिया कि सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना ही पड़ेगा, उसी तरह हरियाणा कांग्रेस भी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी और बीजेपी की जवाबदेही तय करेगी.

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं-छात्रों के संघर्ष की जीत है. अगर प्रधान शुरुआत में ही नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा दे देते तो मासूम छात्रों को ना लाठीचार्ज का सामना करने पड़ता और ना ही इतना संघर्ष करना पड़ता. अब सरकार को उन बच्चों से माफी मांगनी चाहिए, जिनपर लाठीचार्ज करवाया था. लाठीचार्ज करने वाले और छात्रों पर पैलेट गन दागने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही जिन प्रदर्शनकारियों पर केस किए गए हैं, सरकार को वो सारे वापिस लेने चाहिए. पेपर लीक की समस्या देश में महामारी का रूप ले चुकी है. युवाओं को बीजेपी सरकार की अनदेखी के चलते सड़कों पर आकर आंदोलन करना पड़ा. इसके खिलाफ कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में, छात्रों की गूंज कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया. आखिरकार जनआंदोलन के खिलाफ बीजेपी को झुकना पड़ा.

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं-छात्रों के संघर्ष की जीत है.

भाजपा सरकार में लगातार हो रहे पेपर लीक के कारण अब तक 7.50 करोड़ अभ्यर्थी प्रभावित हो चुके हैं. यह समस्या केवल प्रतियोगी परीक्षाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में भी ताबड़तोड़ पेपर लीक हो रहे हैं. बेरोजगारी की स्थिति यह है कि हर साल मात्र 6 लाख नौकरियों के लिए 9 करोड़ युवा आवेदन करते हैं. हरियाणा पेपर लीक का गढ़ बन चुका है. हरियाणा में 30 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं. पूरे देश में 152 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं. हरियाणा समेत पूरे देश में पेपर और नौकरियों का सौदा करने वाला एक पूरा रैकेट सक्रिय है. यह समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि जानलेवा साबित हो रही है. सिर्फ NEET पेपर लीक से परेशान होकर देशभर में 26 अभ्यर्थी आत्महत्या कर चुके हैं.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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