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फरीदाबाद में महंगी होती प्रॉपर्टी के बीच अब लोगों का रुझान गांवों की ओर बढ़ रहा है. फरीदपुर गांव बेहतर कनेक्टिविटी, तेजी से हो रहे विकास और अपेक्षाकृत किफायती प्लॉट की वजह से निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है. सेक्टर 99A, एफएनजी एक्सप्रेसवे, मुंबई एक्सप्रेसवे और आसपास के बड़े प्रोजेक्ट इस इलाके की संभावनाओं को और मजबूत कर रहे हैं.
फरीदाबाद: फरीदाबाद में पिछले कुछ सालों में प्रॉपर्टी के दाम जिस तेजी से बढ़े हैं. उसने अपना घर खरीदने का सपना देख रहे मिडिल क्लास परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. शहर के कई इलाकों में प्लॉट के रेट इतने ज्यादा हो चुके हैं कि आम आदमी के बजट से बाहर होते जा रहे हैं. यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में लोग शहर की बजाय गांवों का रुख कर रहे हैं. गांवों में आज सड़क, स्कूल, अस्पताल, बाजार और अच्छी कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं तेजी से बढ़ी हैं. ऐसे में लोग कम बजट में प्लॉट खरीदकर भविष्य के लिए निवेश भी कर रहे हैं और घर बनाने की भी तैयारी कर रहे हैं. फरीदाबाद का फरीदपुर गांव भी इन दिनों ऐसे ही गांवों में शामिल हो गया है जहां तेजी से विकास हो रहा है और लोग लगातार प्रॉपर्टी में रुचि दिखा रहे हैं.
क्या है मास्टर प्लान
Local18 से बातचीत में प्रॉपर्टी डीलर विजय मलिक बताते हैं फरीदपुर गांव काफी पुराना गांव है. गांव के साथ ही सेक्टर 99A डेवलप हो रहा है. मास्टर प्लान 2031 के तहत इस पूरे इलाके में विकास की योजना बनाई गई है. यहां ओपन स्पेस भी रखा गया है. जहां स्टेडियम, प्लेग्राउंड और पार्क जैसी सुविधाएं विकसित होंगी. यहां मिक्स लैंड यूज रखा गया है. कुछ हिस्सा रेजिडेंशियल रहेगा, जबकि बाकी हिस्सा ओपन स्पेस के रूप में रहेगा. आने वाले समय में यह पूरा इलाका और बेहतर तरीके से विकसित होगा.
क्या कुछ खास है यहां
विजय मलिक बताते हैं फरीदपुर गांव की सबसे बड़ी ताकत इसकी कनेक्टिविटी है. गांव बीपीटीपी के बिल्कुल पास है. यहां से सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन अजरौंदा और नीलम चौक पड़ता है जिसकी दूरी करीब 6 से 7 किलोमीटर है. ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड भी लगभग 6 से 7 किलोमीटर दूर हैं. मथुरा रोड यहां से करीब 5 से 6 किलोमीटर की दूरी पर है. मुंबई एक्सप्रेसवे भी सिर्फ 3 किलोमीटर दूर है. इसके अलावा फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद यानी एफएनजी एक्सप्रेसवे भी गांव के काफी नजदीक है, जिससे आने वाले समय में इस इलाके की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.
यहां कई सुविधाएं हैं मौजूद
विजय मलिक बताते हैं फरीदपुर गांव के आसपास कई बड़े प्रोजेक्ट भी तेजी से विकसित हो रहे हैं. ओमैक्स वर्ल्ड स्ट्रीट यहां से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर है. सेक्टर-79 में बन रहा यह बड़ा कमर्शियल हब लोगों के लिए काफी सुविधाजनक रहेगा. यहां बाजार, शोरूम, रेस्टोरेंट और दूसरी कई सुविधाएं मौजूद हैं. सेक्टर-78 में विज्ञान भवन भी है… जिसकी दूरी करीब 2 से ढाई किलोमीटर है. आसपास लगातार नई डेवलपमेंट होने की वजह से इस इलाके की अहमियत तेजी से बढ़ रही है.
विजय मलिक बताते हैं फरीदपुर गांव में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की सुविधाओं के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ता. गांव में 12वीं तक का सरकारी स्कूल है. इलाज की बात करें तो बल्लभगढ़ का एम्स करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर है. आसपास कई निजी स्कूल, अस्पताल, बाजार और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी आसानी से मिल जाती हैं. यही वजह है कि अब लोग गांव में प्लॉट खरीदने को अच्छा विकल्प मान रहे हैं.
क्या है रेट
विजय मलिक बताते हैं गांव में प्लॉट के ज्यादा विकल्प नहीं हैं, क्योंकि मांग लगातार बढ़ रही है. अगर कृषि भूमि की बात करें तो यहां सर्किल रेट के हिसाब से जमीन करीब ढाई करोड़ रुपये प्रति एकड़ है. वहीं रिहायशी प्लॉट करीब 18 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से मिल रहे हैं. अगर कमर्शियल प्लॉट की बात करें तो इनके रेट करीब 40 हजार रुपये प्रति गज तक पहुंच चुके हैं. लगातार बढ़ती डेवलपमेंट और बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से आने वाले समय में यहां प्रॉपर्टी की कीमतों में और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में कम बजट में भविष्य के लिए निवेश करने वाले लोगों की नजर अब फरीदपुर गांव पर भी टिकने लगी है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…
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