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Dwarka Expressway: गुरुग्राम से दिल्ली रोजाना आने-जाने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर है. दिल्ली के राघोपुर गांव में बनने वाली करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क से गुरुग्राम के सेक्टर-99 से लेकर सेक्टर-115 तक के हजारों लोगों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी. अब लोगों को छोटी दूरी तय करने के लिए द्वारका एक्सप्रेसवे पर भारी टोल टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा. दिल्ली सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद सिंचाई विभाग ने मौके का मुआयना कर जल निकासी योजना पर काम शुरू कर दिया है. इस सड़क से लगभग 50 सोसायटियों और 12 गांवों को सीधा फायदा होगा.
दिल्ली से सटे राघोपुर में बन रहे 2 किलोमीटर लंबे रोड से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी. (एआई की मदद से बनाई गई तस्वीर)
Dwarka Expressway Road: द्वारका एक्सप्रेसवे के किनारे बसे सेक्टरों और गांवों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर है. अब आसपास के इलाकों में आने-जाने में न तो द्वारका एक्सप्रेसवे के भारी ट्रैफिक में फंसना पड़ेगा और न ही रोजाना टोल टैक्स चुकाना होगा. दिल्ली से सटे गांव राघोपुर में बनने जा रही करीब दो किलोमीटर लंबी नई सड़क गुरुग्राम के सेक्टर-99 से लेकर 115 तक के हजारों परिवारों के लिए वरदान साबित होने वाली है. यह सड़क सेक्टर-108-109 की डिवाइडिंग रोड को सीधे सेक्टर-112-113 से जोड़ेगी, जिससे दिल्ली और हरियाणा के बीच बिना टोल आवाजाही का एक नया और सुगम रास्ता खुल जाएगा.
गुरुग्राम के डेवलप हो रहे नए सेक्टरों के लोगों को आसपास के इलाकों या दिल्ली की ओर जाने के लिए मजबूरन द्वारका एक्सप्रेसवे का सहारा लेना पड़ता है. भले ही दूरी महज एक या दो किलोमीटर की हो, लेकिन एक्सप्रेसवे पर चढ़ते ही गाड़ियों के ड्राइवरों को टोल देना पड़ता है. इससे रोजाना आवागमन करने वाले नौकरीपेशा लोगों और स्थानीय व्यापारियों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा था. राघोपुर रोड के निर्माण के बाद लोगों को छोटी दूरी तय करने के लिए द्वारका एक्सप्रेसवे पर जाने और बार-बार टोल चुकाने की मजबूरी से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी.
दिल्ली सरकार से मिली मंजूरी
इस सड़क परियोजना के लिए दिल्ली सरकार की ओर से आधिकारिक सहमति मिल चुकी है. सहमति मिलने के तुरंत बाद दिल्ली सरकार के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी मुआयना किया. निरीक्षण के दौरान टीम ने सड़क की मौजूदा जमीनी स्थिति, ढलान, बारिश के पानी के प्राकृतिक बहाव और सतही जल निकासी के सभी संभावित रास्तों का बारीकी से अध्ययन किया. अधिकारियों ने गुरुग्राम के प्रभावित सेक्टरों के स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ-साथ राघोपुर गांव के ग्रामीणों से भी जल निकासी को लेकर व्यावहारिक सुझाव लिए. वर्तमान में मुख्य प्राथमिकता यह तय करना है कि दिल्ली की ओर से आने वाले बरसाती पानी को हरियाणा के ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ा जाए या दिल्ली के स्थानीय नालों व बांध की ओर मोड़ा जाए. जल निकासी का रूट फाइनल होते ही निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू होगा.
50 सोसायटियों और 12 गांवों को सीधा लाभ
द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम डेवलपमेंट एसोसिएशन के उप-संयोजक सुनील सरीन के अनुसार, राघोपुर रोड बनने से केवल नए सेक्टरों की लगभग 50 हाईराइज सोसायटियों को ही नहीं, बल्कि दौलताबाद, खेड़की माजरा, जहाजगढ़, धनकोट और धर्मपुर सहित करीब 12 गांवों की ग्रामीण आबादी को भी सीधा फायदा मिलेगा. यह सड़क दोनों राज्यों की सीमा पर रहने वाली एक बहुत बड़ी आबादी के लिए एक सुरक्षित, वैकल्पिक और पूरी तरह टोल-फ्री कनेक्टिविटी प्रदान करेगी. लोगों के रोजाना के सफर में समय और ईंधन की भारी बचत होगी. इस महत्वपूर्ण सड़क के त्वरित निर्माण के लिए हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह का दिल्ली के विधायक संदीप सहरावत के साथ बातचीत का असर अब साफ दिखने लगा है.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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