Haryana Rajya Sabha Elections: रिटर्निंग और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किए गए

On: February 27, 2026 7:57 AM
Follow Us:

Haryana Rajya Sabha Elections, चंडीगढ़: भारतीय चुनाव आयोग द्वारा वीरवार को 9 अप्रैल को हरियाणा से राज्यसभा की खाली होने जा रही 2 खाली सीटों को भरने के लिए  नोटिफिकेशन जारी होने के बाद   चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 5 मार्च तक अपना नॉमिनेशन भर सकेंगे। वोटिंग के लिए 16 मार्च की डेट फाइनल की गई है। कुछ दिन पहले  निर्वाचन आयोग ने 10 राज्यों को 37 राज्यसभा सीटों को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया गया।

आईएएस पंकज अग्रवाल रिटर्निंग ऑफिसर 

चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेशन में हरियाणा के आईएएस पंकज अग्रवाल (IAS Pankaj Agarwal) को रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया है। उनके पास एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी भी है। असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी हरियाणा विधानसभा के डिप्टी सेक्रेटरी गौरव गोयल (Gaurav Goyal) को दी गई है।

9 अप्रैल तक है किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल

गौरतलब है कि  भाजपा के 2 राज्यसभा सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल तक है। बता दें कि चुनावी मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने 25 फरवरी को भारतीय चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक शिकायत भेजी थी, जिसमें उन्होंने हरियाणा से राज्य सभा चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर  के तौर पर विधानसभा सचिव राजीव प्रसाद, एचसीएस के स्थान पर किसी भी उपयुक्त आईएएस अधिकारी को पदांकित करने की सार्वजनिक अपील की थी।  जिस पर आयोग ने इसका संज्ञान लेते हुए हरियाणा राज्य सभा चुनाव के लिए आईएएस पंकज अग्रवाल की रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में नियुक्ति की है।

निर्विरोध चुने गए थे राम चंद्र जांगड़ा

बता दें कि निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुने हुए राम चंद्र जांगड़ा  जो मार्च 2020 में राज्यसभा सांसद बने थे, का कार्यकाल 10 अप्रैल 2020 से शुरू होकर 9 अप्रैल 2026 तक है। इसी तरह किरण चौधरी  जो कि 27 अगस्त 2024 को राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध सांसद चुनी गई थी, का कार्यकाल भी 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। वर्तमान लोकसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा के इस्तीफा देने के बाद राज्यसभा सीट खाली हुई थी इस पर किरण चौधरी को निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुना गया था।

वोटों का समीकरण

राज्यसभा चुनाव को लेकर वोटों के समीकरण की बात करें तो हरियाणा विधानसभा में कुल 90 वैध मत हैं, जिनमें सत्ताधारी भाजपा के 48, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के 37, निर्दलीय 3 और इंडियन नेशनल लोकदल के 2 वोट शामिल हैं। राज्यसभा की 2 सीटों के लिए चुनाव होने हैं, और चुनावी जीत के लिए  कुल 90 वोट में से 31 वोट मिलने जरूरी है। पहले राउंड में, यदि भाजपा अपने 2 उम्मीदवार उतारती है और कांग्रेस 1 उम्मीदवार उतारती है, तो भाजपा अपने एक उम्मीदवार को 31 वोट देकर जिता सकती है, जिसके बाद उसके पास 17 वोट बचेंगे।

31 वोट देकर अपने उम्मीदवार को जिता सकती है कांग्रेस 

कांग्रेस अपने उम्मीदवार को 31 वोट देकर आसानी से जिता सकती है, जिसके बाद उसके पास 6 वोट बचेंगे। इस वोट गणित के अनुसार, पहली सीट भाजपा और दूसरी सीट कांग्रेस की लगभग पक्की दिखती है। एक सीट जीतने के बाद भाजपा के पास 17, कांग्रेस के पास 6, निर्दलीय 3 और इनेलो के पास 2 वोट शेष बचते हैं, जिनका कुल योग 28 होता है, जो कि जीत के लिए आवश्यक 31 के कोटे से कम है। यदि  3 निर्दलीय (3) और 2 इनेलो विधायक भाजपा के साथ चले जाएं, तो भी भाजपा के पास केवल 22 वोट होंगे, जो कि 31 से कम हैं।

भाजपा : तो पड़ेगी क्रॉस वोटिंग के जरिए नौ विधायकों की जरूरत 

इसलिए भाजपा को अगर दूसरी सीट भी जीतनी है तो कम से कम उसको ही पक्ष की क्रॉस वोटिंग के जरिए नौ विधायकों की जरूरत पड़ेगी जो फिलहाल कतई संभव नहीं नजर आ रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस अपना एक-एक उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारती है, तो वोटिंग की जरूरत नहीं होगी। नाम वापसी के अंतिम दिन ही दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों को निर्विरोध घोषित कर दिया जाएगा। हालांकि अगर भाजपा एक अन्य प्रत्याशी को मैदान में उतारती है तो वोटिंग करानी पड़ेगी। हालांकि इसके लिए भाजपा को क्रॉस वोटिंग की जरूरत पड़ेगी।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now