Haryana: हरियाणा में दिव्यांग कर्मचारियों को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने सुनाया ये फैसला

On: May 11, 2026 7:19 PM
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Haryana News: हरियाणा में 70% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारियों को 60 वर्ष तक सेवा में बने रहने की राहत देने वाले पुराने नियम पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि 3 फरवरी 2026 से लागू संशोधित नियमों के बाद कोई भी कर्मचारी 58 वर्ष से आगे सेवा जारी रखने का दावा नहीं कर सकता।

जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अदालत ने इस मामले में दाखिल सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि संशोधित नियम मौजूदा कर्मचारियों पर भी लागू होंगे और पहले दिए गए सेवा विस्तार के आधार पर अब 60 वर्ष तक नौकरी जारी रखने का अधिकार नहीं बनता।

क्या था मामला

श्याम लाल शर्मा व अन्य याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दलील दी थी कि वे गंभीर दिव्यांगता श्रेणी में आते हैं और हरियाणा सिविल सेवा (जनरल) नियम, 2016 के तहत उन्हें पहले ही 60 वर्ष तक सेवा विस्तार दिया जा चुका था। उनका कहना था कि सरकार द्वारा 3 फरवरी 2026 को किए गए संशोधन को पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता।

याचिकाकर्ताओं की दलील

याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि एक बार सेवा विस्तार का अधिकार मिल जाने के बाद वह “क्रिस्टलाइज” हो जाता है, जिसे बाद में नियम बदलकर छीना नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि संशोधित अधिसूचना में कहीं भी इसे पूर्व प्रभाव से लागू करने की बात नहीं कही गई है।

साथ ही उन्होंने यह मुद्दा भी उठाया कि सरकार ने केवल दिव्यांग कर्मचारियों को ही इस लाभ से बाहर किया, जबकि ग्रुप-डी कर्मचारियों और न्यायिक अधिकारियों को अब भी 60 वर्ष तक सेवा का लाभ मिल रहा है, जो समानता के अधिकार के खिलाफ है।

सरकार का पक्ष

हरियाणा सरकार और संबंधित विभागों ने अदालत में कहा कि इस मुद्दे पर पहले ही “रजनीश कुमार बनाम हरियाणा सरकार” मामले में डिवीजन बेंच फैसला दे चुकी है। उस फैसले में स्पष्ट किया गया था कि 3 फरवरी 2026 के बाद कोई भी कर्मचारी 60 वर्ष तक सेवा जारी रखने का दावा नहीं कर सकता।

सरकार ने यह भी कहा कि सेवानिवृत्ति आयु सेवा शर्तों का हिस्सा है और राज्य को इसे बदलने का पूरा अधिकार है।

कोर्ट का फैसला

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि न्यायिक अनुशासन के तहत डिवीजन बेंच के पहले के फैसले का पालन जरूरी है। इसी आधार पर अदालत ने सभी याचिकाएं खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि संशोधित नियम लागू रहेंगे और दिव्यांग कर्मचारी भी 58 वर्ष की आयु के बाद सेवा जारी नहीं रख सकेंगे।

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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