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जींद के नागरिक अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड से ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था शुरू की गई है. अब ओपीडी पर्ची, इमरजेंसी और ब्लड बैंक की फीस डिजिटल माध्यम से भरी जा सकेगी.
जींद. हरियाणा के जींद जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए खुशखबरी है. अब ओपीडी पर्ची, इमरजेंसी पर्ची और ब्लड बैंक की फीस जमा करवाने के लिए नगदी लेकर घूमने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड से भुगतान की व्यवस्था शुरू की गई है. इसके तहत इमरजेंसी, पर्ची काउंटर, ब्लड बैंक सहित अस्पताल में कई स्थानों पर क्यूआर कोड स्कैनर लगाए गए हैं. मरीज क्यूआर कोड स्कैन करके आसानी से ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे. इससे खुले पैसे की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा और भुगतान की प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान होगी.
जानकारी के अनुसार, नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज ओपीडी में जांच करवाने के लिए पहुंचते हैंद्ध जबकि लैब में 500 से अधिक टेस्ट किए जाते हैं. सबसे पहले मरीज लाइनों में लग कर पर्ची कटवाते हैं. इसके बाद चिकित्सकों के कमरों और फिर दवा लेने में काफी समय लग जाता है. मरीजों की इस संख्या को देखते हुए डिजिटल भुगतान की सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है. खासकर उन मरीजों और तीमारदारों को राहत मिलेगी, जिन्हें पर्ची बनवाने या विभिन्न जांचों की फीस जमा करवाने के लिए समय लग जाता था.
कैसे चुकाए जाएंगे पैसे
अस्पताल में ओपीडी पर्ची बनवाने, इमरजेंसी में फीस जमा करवाने और ब्लड बैंक की फीस सहित अन्य निर्धारित शुल्कों का भुगतान क्यूआर कोड के माध्यम से किया जा सकेगा. मरीज को संबंधित काउंटर पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा. इसके बाद डिजिटल माध्यम से भुगतान किया जा सकेगा. इससे नगद लेनदेन पर निर्भरता कम होगी और मरीजों को भुगतान के लिए अतिरिक्त परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी.
खुले पैसे और नकदी की रहती थी टैंशन
नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. रघुवीर पूनिया ने बताया कि अस्पताल में डिजिटल भुगतान की सुविधा शुरू होने से लेनदेन की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी. मरीजों को फीस जमा करवाने के लिए खुले रुपये तलाशने या नगदी की कमी के कारण होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी. इसके साथ ही अस्पताल में भुगतान की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलेगी. अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने के कारण पर्ची बनवाने और जांच करवाने के लिए काफी लोगों की आवाजाही रहती है. ऐसे में क्यूआर कोड से भुगतान की व्यवस्था मरीजों के लिए सहायक साबित होगी. डिजिटल भुगतान के माध्यम से मरीज अपनी सुविधा के अनुसार फीस जमा कर सकेंगे और इलाज की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेंगे. अस्पताल में इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सरल बनाना है.
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Vinod Kumar Katwal is a Senior journalist with over 14 years of experience across print and digital media. He currently serves as a Senior Correspondent at News 18 Hindi, leading Himachal Pradesh, Chandigarh an…







