घूमेगी ढाल, चलाएगा तलवार…फरीदाबाद में ऐसा होगा 80 फीट का दशानन, नौ पीढ़ियों से रावण का पुतला बना रहे स्वराज अहमद

On: October 18, 2026 10:46 PM
Follow Us:

Last Updated:

Faridabad Dussehra 2026 : फरीदाबाद में इस दशहरे पर 80 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा, जो शहर का सबसे बड़ा दशानन होगा. स्वराज अहमद का परिवार पिछली नौ पीढ़ियों से रावण के पुतले बना रहा है. इस बार रावण की घूमने वाली ढाल और तलवार देखते ही बनेगी. 65 साल के स्वराज अहमद पिछले 15 साल से फरीदाबाद में रावण परिवार के पुतले बना रहे हैं. लोकल 18 ने उनसे बात की. स्वराज अहमद बताते हैं कि पिछले साल हमने 65 फीट का रावण बनाया था, लेकिन इस बार इसकी ऊंचाई बढ़ाकर 80 फीट कर दी गई है. कुंभकरण का पुतला 60 फीट और मेघनाथ भी 60 फीट ऊंचा होगा.

Amazon Prime DayTop Deals Inside

फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद में इस बार दशहरे पर 80 फीट ऊंचे रावण का दहन किया जाएगा. यह फरीदाबाद का सबसे बड़ा रावण होगा. इसकी खासियत सिर्फ इसकी ऊंचाई नहीं, बल्कि इसे बनाने का पारंपरिक तरीका और इसमें किए गए नए प्रयोग भी हैं. रावण के हाथों की बनावट से लेकर ढाल और तलवार तक में खास काम किया गया है. इस पुतले को बनाने वाले कारीगर स्वराज अहमद मथुरा के रहने वाले हैं. उनका परिवार पिछले नौ पीढ़ियों से रावण के पुतले बनाने का काम कर रहा है. इस बार भी पूरा परिवार मिलकर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले तैयार कर रहा है. लोकल 18 से कारीगर स्वराज अहमद बताते हैं कि मथुरा का रहने वाला हूं. हमारे परिवार में कई पीढ़ियों से रावण के पुतले बनाने का काम होता आ रहा है. हम पिछली नौ पीढ़ियों से इस काम को कर रहे हैं. आज भी पूरा परिवार मिलकर इस काम को आगे बढ़ा रहा है. हम खुद ही पुतले बनाते हैं और उन्हें तैयार करके मौके पर खड़ा करने तक का काम करते हैं.

स्वराज अहमद बताते हैं कि इस बार फरीदाबाद में 80 फीट ऊंचा रावण बनाया जा रहा है. पिछले साल हमने 65 फीट का रावण बनाया था, लेकिन इस बार इसकी ऊंचाई बढ़ाकर 80 फीट कर दी गई है. यह फरीदाबाद का सबसे बड़ा रावण होगा. इसके साथ कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले भी बनाए जा रहे हैं. कुंभकरण का पुतला 60 फीट और मेघनाथ का पुतला भी 60 फीट ऊंचा होगा. इन तीनों पुतलों को तैयार करने में करीब एक महीने का समय लग रहा है.

हर साल कुछ नया

स्वराज अहमद के मुताबिक इस बार रावण के पुतले में कुछ नया करने की कोशिश की गई है. इसके हाथों और बाजुओं को अलग तरीके से बनाया गया है. रावण की ढाल और तलवार को घूमने वाली बनाया गया है. यह इस बार की खासियत है. हम चाहते हैं कि हर साल कुछ नया किया जाए, ताकि लोगों को पुतले में कुछ अलग देखने को मिले. पुतले को बनाने में छोटी-छोटी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है, जिससे उसकी बनावट अच्छी और साफ-सुथरी दिखाई दे.

मथुरा से लाते हैं बांस, कागज

स्वराज अहमद बताते है कि वे बांस, कागज और दूसरी जरूरी सामग्री मथुरा से लेकर आते हैं. पुतले पर फूल-पत्तियां, आंखें, नाक और मुंह बनाने के साथ रंग-पेंट का काम भी किया जाता है. हर चीज को हाथ से तैयार करना पड़ता है. इस काम में परिवार के सात से दस लोग लगे हुए हैं. सभी मिलकर पुतले को तैयार करते हैं. यही हमारे परिवार का रोजगार है. हम इसी काम से अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं. मेरी उम्र 65 साल हैं. इससे पहले हमारे परिवार के लोग मुंबई में भी रावण के पुतले बनाते थे. मेरे पिताजी करीब 52 साल तक इस काम से जुड़े रहे. इसके बाद हम फरीदाबाद आ गए. अब यहां फरीदाबाद में करीब 15 साल से रावण के पुतले बना रहे हैं. हर साल दशहरे के लिए पुतले तैयार करते हैं.

About the Author

authorimg

Priyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

और पढ़ें

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now

और पढ़ें

Farming Subsidy : सर्दियों में उगाना चाहते हैं खीरा-तरबूज? ये ट्रिक किसानों के लिए वरदान, आधा खर्च देगी हरियाणा सरकार

Dharm Astha : क्या आपके घर के मंदिर में भी फटी पुरानी धार्मिक किताबें? 99% लोग कर बैठते हैं गलती

7 से 8 घंटे की पढ़ाई हुई सफल, पिता हरियाणा पुलिस में हेड कांस्टेबल, बेटे ने HCS एग्जाम में हासिल की सफलता

दुल्हन बनी बेटियों की अधिकारी ने रुकवाई शादी, वापस लौटा दी बारात, जींद में फेरों से पहले क्या हुआ?

दिल्ली-श्रीनगर बस पर हरियाणा में पथराव का आरोप, बुजुर्ग कश्मीरी यात्री घायल, उमर अब्दुल्ला ने जताई नाराजगी

टीबी से पीड़ित 78 वर्षीय बुजुर्ग घर जाने के लिए गिड़गिड़ाता रहा, पत्नी-बेटा-बेटी ने मुंह मोड़ा, बोले- मर जाए तो बता देना