घर से निकलते समय सांसों की गति, सकारात्मक सोच, छींक आना शुभ या अशुभ संकेत? जानें

On: October 19, 2026 8:56 AM
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घर से बाहर निकलते समय सांसों की गति पर ध्यान देना चाहिए. हमारी नाक के दोनों छिद्रों से सांस चलने की गति अलग-अलग हो सकती है. बाईं नाक को चंद्र स्वर और दाईं नाक को सूर्य स्वर कहा जाता है. जिस तरफ का स्वर अधिक तेज चल रहा हो, उसी तरफ का पैर पहले घर की देहरी से बाहर रखना चाहिए. पंडित जी इसे काम में सफलता मिलने से जुड़ी पारंपरिक मान्यता बताते हैं. जब कोई व्यक्ति किसी जरूरी काम या कारोबार के लिए घर से निकलता है, तो उसे सफलता की उम्मीद रखनी चाहिए.

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फरीदाबाद: घर से किसी जरूरी काम के लिए निकलते समय हर व्यक्ति यही चाहता है कि उसका काम सफल हो और रास्ते में कोई परेशानी न आए. ऐसे में कई लोग घर से निकलने से पहले भगवान को याद करते हैं, जबकि कुछ लोग शुभ-अशुभ संकेतों का ध्यान रखते हैं. ज्योतिष मान्यताओं में घर से बाहर निकलते समय सांसों की गति, सकारात्मक सोच और छींक आने जैसी बातों को महत्वपूर्ण माना गया है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, कुछ बातों का ध्यान रखकर व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत अच्छे विचारों के साथ कर सकता है.

घर से बाहर निकलते समय करें ये काम

लोकल 18 से बातचीत में फरीदाबाद के ज्योतिषाचार्य पंडित उमाचंद मिश्रा बताते हैं कि घर से बाहर निकलते समय सांसों की गति पर ध्यान देना चाहिए. हमारी नाक के दोनों छिद्रों से सांस चलने की गति अलग-अलग हो सकती है. बाईं नाक को चंद्र स्वर और दाईं नाक को सूर्य स्वर कहा जाता है. जिस तरफ का स्वर अधिक तेज चल रहा हो, उसी तरफ का पैर पहले घर की देहरी से बाहर रखना चाहिए. पंडित जी इसे काम में सफलता मिलने से जुड़ी पारंपरिक मान्यता बताते हैं. जब कोई व्यक्ति किसी जरूरी काम या कारोबार के लिए घर से निकलता है, तो उसे सफलता की उम्मीद रखनी चाहिए. जिस तरफ का स्वर तेज चल रहा हो, उसी तरफ का पैर पहले बाहर रखने की परंपरा अपनाई जा सकती है. इससे कामकाज और व्यापार में लाभ मिलने की संभावना जुड़ी हुई है.

रखें सकारात्मक विचार

पंडित उमा चंद्र मिश्रा बताते हैं कि रास्ते में या किसी से मुलाकात के दौरान उसकी अच्छी बातों की तारीफ करने से सामने वाला खुश होता है. किसी की प्रशंसा करने में हमारा कुछ नहीं जाता, इसलिए लोगों की अच्छी बातों को पहचानना चाहिए. इससे आपसी व्यवहार बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है. घर से निकलते समय मन में सकारात्मक विचार रखने चाहिए. व्यक्ति का मन अच्छा रहेगा, तो वह अपने काम पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकेगा. मन को चंद्रमा से जोड़ते हुए बताते हैं कि अच्छे विचार व्यक्ति को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की ताकत देते हैं.

किसी जरूरी काम के लिए निकलते समय छींक आने पर कुछ देर रुकने की मान्यता है. पारंपरिक मान्यताओं में एक, दो और तीन बार छींक आने के अलग-अलग संकेत बताए जाते हैं. तेज छींक को भी कुछ लोग अशुभ मानते हैं. हालांकि, ये धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं हैं, इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित संकेत नहीं माना जाना चाहिए. घर से निकलते समय स्वर, छींक और शुभ-अशुभ संकेतों से जुड़ी बातें प्राचीन ग्रंथों में लिखी गई हैं. इन मान्यताओं का पालन लोग अपनी आस्था के अनुसार करते हैं. जरूरी है कि व्यक्ति सकारात्मक सोच रखे और अपने काम को सफल बनाने के लिए पूरी मेहनत और तैयारी के साथ आगे बढ़े.

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Rajneesh Kumar Yadav

Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…

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वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

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