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Gurugram Police Boat Challan News : गुरुग्राम में बारिश के बाद सड़क पर हुए जलभराव में नाव चलाने के मामले में नया मोड़ आ गया है. जिस निजी कंपनी ने ये नाव उतारी थी और नाव पर चालान कटने का दावा किया था, उसने माफी मांगते हुए स्पष्टीकरण जारी किया है. कंपनी का कहना है कि एक्स पोस्ट में बताई गई 50,000 रुपये की रकम कोई ट्रैफिक चालान नहीं थी. गुरुग्राम पुलिस पहले ही साफ कर चुकी थी कि ऐसा कोई चालान नहीं काटा गया. फिर कंपनी ने ऐसी बातें क्यों फैलाईं, आइये जानते हैं.
गुरुग्राम में जिस निजी कंपनी ने ये नाव उतारी थी, उसने माफी मांग ली है.
गुरुग्राम. हरियाणा के गुरुग्राम में सड़क पर नाव चलाने के मामले में नया मोड़ आ गया है. अब निजी कंपनी Cars24 ने स्पष्टीकरण जारी करते पूरे प्रकरण पर माफी मांगी है. गुरुग्राम में आई बाढ़ के दौरान सड़क पर नाव चलाने को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट और उससे जुड़ी चर्चाओं के बीच कंपनी ने स्पष्टीकरण जारी किया है. कंपनी ने साफ किया है कि पोस्ट में बताई गई 50,000 रुपये की रकम कोई ट्रैफिक चालान नहीं थी. इस गतिविधि के संबंध में गुरुग्राम पुलिस या किसी अन्य पुलिस अथॉरिटी की ओर से कोई चालान नहीं काटा गया था. कंपनी के मुताबिक, यह रकम मार्केटिंग एक्टिविटी को पूरा करने में आए खर्च से संबंधित थी. गुरुग्राम पुलिस पहले ही निजी कंपनी के दावे को खारिज कर चुकी थी. पुलिस के मुताबिक, ऐसा कोई चालान नहीं काटा गया.
उधर, कंपनी ने बताया कि गुरुग्राम में अचानक आई बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इसे एक हल्के-फुल्के मार्केटिंग कैंपेन के तौर पर तैयार किया गया था. हालांकि, कंपनी ने स्वीकार किया कि सार्वजनिक सड़क पर नाव चलाना सुरक्षित नहीं है. इस गतिविधि का उद्देश्य इस तरह के व्यवहार को बढ़ावा देना नहीं था. कंपनी ने गुरुग्राम प्रशासन, गुरुग्राम पुलिस और संबंधित अधिकारियों से बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा कि कैंपेन को जिस तरह से पेश किया गया, वह गैर-जिम्मेदाराना था और इससे ऐसा भ्रम पैदा हुआ कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 50,000 रुपये का चालान काटा है, जबकि ऐसा नहीं हुआ था.
नहीं करेंगे ऐसी गलती
कंपनी ने कहा कि वह इस चूक की पूरी जिम्मेदारी लेती है और इससे अधिकारियों को हुई अनावश्यक आलोचना एवं परेशानी के लिए खेद व्यक्त करती है. कंपनी ने जनता और उन सभी लोगों से भी माफी मांगी, जो इस पोस्ट और उसके बाद हुई चर्चाओं से गुमराह हुए या जिन्हें इससे ठेस पहुंची. कंपनी के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य बाढ़ जैसी मुश्किल स्थिति के बीच लोगों के बीच हल्का-फुल्का माहौल बनाने का था, न कि पुलिस, सरकार या किसी सार्वजनिक संस्थान का अपमान करना. कंपनी ने यह भी बताया कि मामले में आंतरिक कार्रवाई की गई है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए आंतरिक मंजूरी प्रक्रिया और बाहरी संचार रणनीति में बदलाव किए गए हैं. कंपनी ने मीडिया से भी अनुरोध किया है कि इस स्पष्टीकरण के आधार पर इस मामले से जुड़ी अपनी कवरेज को अपडेट किया जाए.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…
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