South West Vastu Rules : वास्तु शास्त्र में हर दिशा का अपना अलग महत्व है, लेकिन दक्षिण-पश्चिम दिशा (साउथ-वेस्ट) सबसे अहम है. यह दिशा घर की मजबूती, परिवार के रिश्तों और आर्थिक स्थिति से जुड़ी होती है, इसलिए इस दिशा में कोई भी काम सोच-समझकर करना चाहिए. अगर यहां वास्तु के नियमों का ध्यान नहीं रखा जाए तो घर में परेशानियां बढ़ने लगती हैं. लोकल 18 से बल्लभगढ़ के महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि दक्षिण और पश्चिम के बीच का हिस्सा घर के मुखिया के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इसी जगह मास्टर बेडरूम बनाना सबसे उत्तम है. यहां तिजोरी और अलमारी भी रखी जा सकती है. तिजोरी इस तरह रखें कि उसका मुंह उत्तर दिशा की ओर रहे क्योंकि उत्तर कुबेर की दिशा है. दक्षिण-पश्चिम दिशा में रसोईघर नहीं बनाना चाहिए. वास्तु के अनुसार किचन हमेशा अग्नि कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में होना शुभ माना जाता है. पूजा घर भी इस दिशा में नहीं बनाना चाहिए.














