राधा अष्टमी पर ही क्यों होते हैं राधा रानी के चरणों के दर्शन? कुरुक्षेत्र इस्कॉन की खास परंपरा

On: September 19, 2026 11:28 AM
Follow Us:

कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र के इस्कॉन मंदिर में साल में केवल एक बार राधा अष्टमी के पावन अवसर पर ही श्री राधा रानी के चरणों के दर्शन होते हैं. इस्कॉन कुरुक्षेत्र के पीआर और कम्यूनिकेशन डायरेक्टर गोविंद कृष्ण दास ने बताया कि राधाष्टमी भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तरह ही महत्वपूर्ण है. इसी दिन श्रीराधा रानी का जन्म हुआ था. इस दिन को वृंदावन में धूमधाम और भव्य तरीके से मनाया जाता है.

साल में सिर्फ एक दिन दिखते हैं राधा रानी के चरण

उन्होंने कहा कि किसी भी मंदिर में देख सकते हैं कि श्रीराधा के चरण हमेशा ढके रहते हैं. उनके चरण वर्ष भर में मात्र एक दिन दिखाई देते हैं. वह शुभ दिन राधाष्टमी का होता है. इस दिन सुबह 4:30 से 5:00 बजे तक भक्तों को श्रीराधा रानी के चरणों के दर्शन होते हैं. उनका कहना है कि श्रीराधा रानी के भक्त ही नहीं, बल्कि देवी-देवता भी इस दिन का पूरे वर्ष इंतजार करते हैं.

इस्कॉन परंपरा में चरण दर्शन का विशेष महत्व

इस्कॉन कुरुक्षेत्र के पीआर और कम्यूनिकेशन डायरेक्टर गोविंद कृष्ण दास ने बताया कि कुरुक्षेत्र के इस्कॉन मंदिर में साल में केवल एक बार राधा अष्टमी के पावन अवसर पर ही श्री राधा रानी के चरणों के दर्शन होते हैं.

इस्कॉन परंपरा में सामान्य दिनों में राधा रानी के चरण ढके रहते हैं. साल में सिर्फ एक बार इस विशेष तिथि पर ही उनके चरण-कमलों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है.

दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु

कुरुक्षेत्र स्थित इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए राधा रानी के चरणों के दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व है. मान्यता के अनुसार, यहां राधा रानी के चरणों के दर्शन साल में केवल एक बार भक्तों को कराए जाते हैं.

इस विशेष अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और राधा रानी के चरणों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. मंदिर परिसर में भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिलता है. श्रद्धालु इस दिन को बेहद शुभ मानते हुए भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा-अर्चना करते हैं.

राधा अष्टमी पर दुर्लभ दर्शन बनते हैं आकर्षण का केंद्र

राधा रानी के चरण दर्शन का यह दुर्लभ अवसर भक्तों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है. दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की परंपरा भी देखने को मिलती है. धार्मिक आस्था और भक्ति से जुड़ा यह विशेष दर्शन कुरुक्षेत्र के इस्कॉन मंदिर की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में से एक माना जाता है.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now

और पढ़ें

चंडीगढ़ में शराब के ठेके के पास धमाका, दो बदमाशों ने बम जैसी चीज फेंकी, ग्राहकों में मची भगदड़

5 घंटे के लिए जेल से बाहर आएगा काला जेठेड़ी, जुड़वा बेटियों के नामकरण में होगा शामिल

Himachal Pradesh Truck Driver Neha Thakur Story: एयर होस्टेस की ट्रेनिंग छोड़कर बनीं ट्रक ड्राइवर, पढ़िए हिमाचल की बेटी नेहा ठाकुर की कहानी

हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के गुरुग्राम में 3 ठिकानों पर ED की रेड, 248 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े में चल रही जांच

STF को देखते ही फ्लाईओवर से कूद गया बदमाश फिल्मी, टोल मैनेजर की हत्या में था फरार

गुरुग्राम में हिट एंड रन केसः शराब के नशे में चूर था बैंसला, बाइकर सिया का 2KM तक किया था पीछा, SIT की जांच में बड़ा खुलासा