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दिल्ली-एनसीआर की बढ़ती भीड़ और ट्रैफिक के बीच हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने दिल्ली से सिर्फ 50 किमी की दूरी पर एक नया शहर बसाने का मेगा प्लान तैयार किया है. 51 गांवों की जमीन पर अगले 5 वर्षों में 40 नए सेक्टर्स डेवलप किए जाएंगे, जहां 10 लाख लोगों को रहने के लिए घर, वर्ल्ड-क्लास स्कूल और हॉस्पिटल्स तैयार किए जाएंगे. पहले फेज में 12 सेक्टर्स के लिए लैंड पूलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें किसानों को मुआवजे के साथ डेवलप्ड प्लॉट्स का विकल्प दिया गया है. क्या है पूरा प्लान जानने के लिए पढ़ें आगे…
दिल्ली से 50 किमी दूर फरीदाबाद के पास 51 गांवों की जमीन पर 40 नए सेक्टर्स बसाने की योजना तैयार की गई है. (एआई इमेज)
दिल्ली. अगर आप दिल्ली-एनसीआर के ट्रैफिक, पॉल्यूशन और भारी भीड़भाड़ से परेशान हैं, तो आपके लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है. दिल्ली से सिर्फ 50 किलोमीटर की दूरी पर एक बिल्कुल नया, मॉडर्न और वेल-प्लांड शहर बसने जा रहा है. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने फरीदाबाद के पास एक नया शहर बसाने के लिए पूरा मास्टर प्लान तैयार कर लिया है. इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 40 नए सेक्टर्स डेवलप किए जाएंगे, जहां लगभग 10 लाख लोगों के रहने, जॉब करने और बेहतर लाइफस्टाइल का शानदार इंतजाम होगा.
आखिर क्यों पड़ी नए शहर की जरूरत?
- दरअसल, फरीदाबाद की आबादी इस वक्त तेजी से बढ़कर करीब 28 लाख तक पहुंच चुकी है. लगातार बढ़ती इस भीड़ की वजह से शहर के बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भारी दबाव पड़ रहा है.
- कई आउटर इलाकों में आज भी सीवर, चौड़ी सड़कें, पीने का साफ पानी, अच्छे सरकारी स्कूल, हॉस्पिटल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की काफी किल्लत है.
- रोजाना लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम और बिना प्लानिंग के बसी बस्तियों की समस्या को देखते हुए ही सरकार ने फरीदाबाद के पास एक और नया शहर बनाने का फैसला किया है, ताकि आने वाले समय की जरूरतों को स्मार्ट तरीके से पूरा किया जा सके.
- हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का प्लान अगले 5 सालों में इस पूरे नए शहर को जमीन पर उतारने का है. यह नया शहर फरीदाबाद और ग्रेटर फरीदाबाद के आसपास के लगभग 51 गांवों की जमीन पर बसाया जाएगा.
- इन गांवों में गाजीपुर, भांकरी, डबुआ, नचौली, पाली, भूपानी, बदरौला, तिगांव, अटाली, पन्हैड़ा, बुखारपुर, जुन्हेड़ा, खुर्द, सीकरी, जाजरू, भनकपुर, खंदावली, नरहावली, लडौली, सुनपेड़, डीग और सरुरपुर का नाम शामिल है.
- इन गांवों की जमीन पर केवल रिहायशी मकान या फ्लैट्स ही नहीं बनेंगे, बल्कि बड़े-बड़े कॉमर्शियल हब, आईटी पार्क, ऑफिस स्पेस और पब्लिक एमिनिटीज भी तैयार की जाएंगी.
जमीन अधिग्रहण में किसानों के पास हैं दो बड़े ऑप्शन्स
- इस प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. पहले फेज में अथॉरिटी ने 12 नए सेक्टर्स बसाने के लिए 19 गांवों की करीब 4,500 एकड़ जमीन लेने की प्रोसेस शुरू कर दी है.
- किसानों के लिए ई-पोर्टल: किसानों और जमीन के मालिकों की मर्जी से जमीन लेने के लिए landpooling.hsvphry.org.in पोर्टल पर आवेदन मांगे गए हैं. इसके लिए अप्लाई करने की लास्ट डेट 30 नवंबर तय की गई है.
- कैश या डेवलप्ड प्लॉट: जमीन मालिकों के पास पूरा ऑप्शन रहेगा. वे चाहें तो अपनी जमीन के बदले सीधा कैश मुआवजा ले सकते हैं. या फिर, अथॉरिटी के पहले से डेवलप्ड इलाकों में रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल प्लॉट्स भी ले सकते हैं.
- बनेगा हाई-टेक ट्रांसपोर्ट नगर: किसी भी नए शहर को कामयाब बनाने के लिए उसका ट्रांसपोर्ट सिस्टम सबसे अहम होता है. इस प्रोजेक्ट में लॉजिस्टिक्स और गाड़ियों की आवाजाही पर खास ध्यान दिया गया है.
- 1,034 में बनेगा ट्रांसपोर्ट हब: ग्रेटर फरीदाबाद में यमुना के पास वाले गांवों में करीब 1,034.637 एकड़ जमीन सिर्फ ट्रांसपोर्ट नगर के लिए रखी गई है.
- डेडिकेटेड सेक्टर्स: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अनुसार, नए सेक्टर 132, 135 और 145 को पूरी तरह ट्रांसपोर्ट और वेयरहाउसिंग से जुड़ी एक्टिविटीज के लिए डेवलप किया जाएगा.
नए शहर में मिलेंगी क्या-क्या सुविधाएं?
यह नया शहर पूरी तरह से मॉडर्न अर्बन प्लानिंग के हिसाब से डिजाइन किया जाएगा, नए शहर में चौड़ी सड़कों के साथ बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम और सिग्नल-फ्री रोड्स का बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा. सभी सेक्टर्स में ग्रीन बेल्ट और पार्क्स भी तैयार किए जाएंगे, जिसमें मॉर्निंग वॉक और फ्रेश हवा के लिए बड़े-बड़े ग्रीन पार्क्स, थीम पार्क्स और वॉक-वे शामिल हैं. वहीं हेल्थ और एजुकेशन को ध्यान में रखते हुए वर्ल्ड-क्लास मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स और टॉप स्कूल्स-कॉलेजेस के लिए अलग से जमीन आरक्षित की गई है.
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत बनाने के लिए लोकल ई-बसों की शानदार कनेक्टिविटी और आगे चलकर मेट्रो के विस्तार की पूरी गुंजाइश की बात कही जा रही है. इसके अलावा, शॉपिंग के लिए बड़े मॉल्स, सुपरमार्केट्स और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोकल मार्केट्स भी तैयार किए जाएंगे. दावा किया जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के चलते फरीदाबाद का यह नया इलाका दिल्ली-एनसीआर का अगला बड़ा रियल एस्टेट और बिजनेस हॉटस्पॉट बनने जा रहा है. 10 लाख लोगों के बसने से यहां लाखों नई नौकरियां और बिजनेस के मौके भी पैदा होंगे.
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Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
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