Chandigarh News: IDFC-AU Bank Scam में CBI चार्जशीट के चौंकाने वाले खुलासे, 6 IAS पर आरोप

On: September 26, 2026 5:41 AM
Follow Us:

Chandigarh News: हरियाणा कथित बैंक घोटाले में सीबीआई की चार्जशीट में छह आईएएस अधिकारियों की भूमिका को लेकर लगाए गए गंभीर आरोप सामने आए हैं। सीबीआई ने जिन छह आईएएस के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है उनमें साकेत कुमार, आरके सिंह (राम कुमार सिंह), पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन शामिल हैं जिनमें 3 आईएएस गिरफ्तारी के बाद न्याययिक हिरासत में ही हैं।

अधिकारियों पर बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों के साथ कथित साजिश रचकर सरकारी पैसे को निजी बैंकों में ट्रांसफर कराने, बैंक चयन और एफडी निवेश के नियमों की अनदेखी करने, वित्त विभाग की तय सीमाओं को दरकिनार करने, फर्जी अथवा बदले हुए दस्तावेजों का इस्तेमाल करने, सबूत छिपाने और रिश्वत या अन्य अनुचित लाभ लेने के आरोप लगाए गए हैं।

IAS पंकज अग्रवाल और रिभव ऋषि ने होटलों में की ऐश की व्यवस्था

तत्कालीन स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव और बाद में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रहे पंकज अग्रवाल पर निजी बैंक अधिकारी से कथित अनुचित लाभ लेने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप हैं कि बैंक अधिकारी रिभव ऋषि ने अग्रवाल के लिए मुजरा पार्टियों, होटल में ठहरने और महिलाओं की व्यवस्था तक कराईं।

जीरकपुर के होटल जेड मैनर में नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच चार बार मुजरा पार्टियां हुईं। इनमें डांस कलाकारों, खानपान और शराब का खर्च कथित तौर पर रिभव ऋषि ने उठाया। 24 दिसंबर 2025 को चंडीगढ़ के ट्रिब्यून चौक पर स्थित होटल नोबोटेल में एक महिला को बुलाया गया। इसका भुगतान रिभव के करीबी अभय कुमार ने यूपीआई से किया।

10 जनवरी 2026 को मोहाली के होटल बाइंडम में एक सुइट बुक कर एक अन्य महिला को बुलाया गया। इसे 75,000 रुपये रिभव ऋषि के पैसों से दिए गए। पंकज अग्रवाल की मौजूदगी और उनका होटल से उबर कैब से घर लौटना रिकॉर्ड में दर्ज है। अक्तूबर 2025 में दिल्ली के होटल रिभव ऋषि के क्रेडिट कार्ड से बुक कराया गया। अक्तूबर 2025 में ही पंकज अग्रवाल की पत्नी के लिए चंडीगढ़ के होटल नोबोटेल में एक पार्टी हुई। इसका 9,399 रुपये का पूरा बिल रिभव ऋषि ने नकद चुकाया।

IAS साकेत कुमार ने ‘सीन’ लिख खुलवाए खाते… जुड़े थे बैंक अफसरों के ग्रुप से

साकेत कुमार 16 जून 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव रहे और हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के एमडी का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। आरोप है कि उन्होंने बैंक खाते खोलने के प्रस्ताव पर केवल ‘सीन’ (देख लिया) लिखकर मंजूरी दी, जबकि बैंक चयन का अधिकार डायरेक्टर जनरल (डीजी) के पास था और ना ही कोटेशन मंगाई गई और ना वित्त विभाग को मंजूरी ली गई।

जांच के अनुसार पंचायत विभाग के पूर्व अधिकारी नरेश कुमार के जरिए आईडीएफसी बैंक के पूर्व अधिकारी रिभव ऋषि की सिफारिश पर उन्होंने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में खाते खुलवाने के लिए डीजी को प्रभावित किया।

29 दिसंबर 2025 को एचपीजीसीएल पेंशन फंड ट्रस्ट से 25 करोड़ रुपये निकालकर आईडीएफसी बैंक में डालने की साजिश का उल्लेख है। साकेत कुमार के आईडीएफसी बैंक के अधिकारियों के ‘सुकून’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने की बात भी कही गई है।

 IAS विनीत गर्ग: 50-50 ग्राम के सोने के सिक्के लेने का आरोप

चार्जशीट में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष विनीत गर्ग को लेकर कई अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। उनके कार्यकाल में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को कई निवेश मामलों में प्राथमिकता मिली। 24 अक्तूबर 2025 को सदस्य सचिव ने 25-25 करोड़ रुपये एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और आईडीएफसी में लगाने की सिफारिश की थी। इसे बदलकर पूरी 50 करोड़ राशि आईडीएफसी में लगाने का निर्णय किए जाने का उल्लेख है।

चार्जशीट में 6 मई 2025 को आईसीआईसीआई से 3.50 करोड़ निकालकर आईडीएफसी में जमा कराने के मौखिक निर्देश का भी आरोप है। सीबीआई के अनुसार, दीपावली से पहले रिभव ऋषि के माध्यम से विनीत गर्ग के घर 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के पहुंचाए जाने की भी जांच की गई। चार्जशीट में कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों समेत कई साक्ष्यों का उल्लेख है।

IAS आरके सिंह ने घर में 50 लाख लिए

चार्जशीट के अनुसार पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त आरके सिंह के घर में 11 जनवरी 2026 को 50 लाख रुपये पहुंचाए गए। 22 जनवरी को दिल्ली में उनके बेटे प्रशांत सिंह को तीन किश्तों में 2 करोड़ रुपये दिए गए। पहचान के लिए 10 रुपये के नोट का नंबर मिलाया गया। सिंह ने आईडीएफसी बैंक की अलग-अलग ब्याज दरों के बावजूद एफडी कराई। जब सेक्शन अफसर अनिल कुमार ने कोटेशन मंगाने का सुझाव दिया तो सिंह ने उन्हें डांटा और कहा, “भाई तू बहुत ज्यादा सयाना है क्या?” इसके बाद 17 नवंबर को उसे हटा दिया। कालका नगर परिषद का खाता 30 किलोमीटर दूर सेक्टर-32 चंडीगढ़ शाखा में खुलवाया।

 IAS मोहम्मद शाइन के होटल बिल बैंकवालों ने दिए

एचपीजीसीएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष मोहम्मद शाइन के कार्यकाल में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को सरकारी धन के निवेश में फायदा पहुंचा। जांच एजेंसी का आरोप है कि शाइन ने बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रिभव ऋषि को अधिकारियों से मिलवाने से लेकर आईडीएफसी में 50 करोड़ रुपये जमा कराने और बाद में बैंक की 50 करोड़ रुपये की जमा सीमा हटाने तक भूमिका निभाई।

चार्जशीट में रिभव ऋषि की ओर से होटल-रेस्तरां के करीब 3.67 लाख रुपये के बिल चुकाने और शाइन के घर कई बार जाने का भी उल्लेख है। नवंबर 2024 में इंडसइंड बैंक की करीब 108.46 करोड़ रुपये की एफडी समय से पहले तुड़वाकर 50 करोड़ रुपये आईडीएफसी में जमा कराए गए।

IAS प्रदीप कुमार ने निवेश में की गड़बड़ी

हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन सदस्य सचिव प्रदीप कुमार पर निवेश में गड़बड़ी कर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को फायदा पहुंचाने का आरोप है। चार्जशीट के अनुसार उन्हें पता था कि आईडीएफसी बैंक में अधिकतम 50 करोड़ रुपये जमा किए जा सकते हैं, फिर भी बैंक में जमा रकम 63.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। आरोप है कि एक मामले में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की 8.45 प्रतिशत ब्याज दर को गलत तरीके से 8.25 प्रतिशत दिखाया गया। इससे आईडीएफसी की ब्याज दर अधिक दिखाई दी।

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now