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Monkey Attack: हरियाणा के पलवल बंदर के आतंक से कोहराम मचा है. एक बंदल ने लगभग 30 से ज्यादा लोगों को काटकर घायल कर दिया. बंदर के आतंक से स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि बंदर को पकड़वाने के लिए 51,000 रुपये के नकद इनाम की घोषणा करनी पड़ी. हथीन क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद आखिरकार प्राइवेट टीम की मदद से उस बंदर को पकड़ लिया गया है. हालांकि, इस दौरान बंदर के साथ हुई कथित मारपीट का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
पलवल में बंदर का आतंक. (सांकेतिक)
पलवल: हरियाणा के पलवल जिले में बंदर के आतंक से हड़कंप मच गया है. उसने 30 से ज्यादा लोगों को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया. इस बंदर के खौफ से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था. लोगों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया था. जब स्थानीय प्रशासन और तमाम कोशिशों के बाद भी यह बंदर काबू में नहीं आया, तो इसे पकड़वाने के लिए 51,000 रुपये के तगड़े नकद इनाम का ऐलान करना पड़ा.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, हथीन नगर पालिका परिषद की चेयरमैन रेनू लता के प्रतिनिधि सुमित राजपूत ने जानकारी दी कि इस बंदर के लगातार हमलों से जनता त्रस्त आ चुकी थी. लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चेयरमैन ने अपने निजी फंड से इस बंदर को पकड़ने वाले के लिए 51 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी. आखिरकार एक निजी एक्सपर्ट टीम की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद इस खतरनाक बंदर को पकड़ लिया गया, जिसके बाद से राहत की सांस ली जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, अब तक इस अभियान के तहत 30,000 रुपये की इनाम बांटी जा चुकी है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बेरहमी का वीडियो
बंदर के पकड़े जाने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिन्होंने एक नई बहस छेड़ दी है. वायरल फुटेज में कुछ लोग पकड़े गए बंदर के हाथ बांधकर उसे ले जाते हुए और उसके साथ मारपीट करते, थप्पड़ मारते व लाठियों से पीटते नजर आ रहे हैं. यहाँ तक कि एक अन्य वीडियो में बंदर को पानी की ऊंची टंकी से नीचे फेंकने जैसी घटना भी सामने आई है. इस अमानवीय व्यवहार के बाद पशु प्रेमियों और जागरूक नागरिकों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, और मांग की है कि वन्यजीवों को पकड़ते समय मानवीय और सुरक्षित तरीकों का पालन किया जाना चाहिए.
अभी टला नहीं है खतरा, स्थायी समाधान की मांग
भले ही इस एक आक्रामक बंदर को पकड़ लिया गया हो, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या सिर्फ एक जानवर तक सीमित नहीं है. इलाके में ऐसे सैकड़ों बंदर घूम रहे हैं जो आए दिन आम जनता और बच्चों को अपना निशाना बनाते हैं. नगर प्रशासन द्वारा बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू तो की गई है, लेकिन कोई ठोस प्रतिक्रिया न मिलने के कारण जनता में भारी नाराजगी है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन सिर्फ छिटपुट अभियानों के भरोसे न बैठे, बल्कि एक स्थायी और सुनियोजित योजना बनाकर इस बंदर आतंक से हमेशा के लिए निजात दिलाए.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …










