Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live: 5 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव, 21 राज्यों में तूफान, दिल्ली से लेकर बंगाल तक मूसलाधार बारिश, मौसम विभाग का अलर्ट

On: July 14, 2026 7:19 AM
Follow Us:

Today Weather Live: देशभर में मानसून अलग-अलग रंग दिखा रहा है. कहीं मूसलाधार बारिश हो रही है तो कहीं मानसून पर हल्की ब्रेक लग गई है. इस बीच मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान ने साफ कर दिया है कि अगले 24 घंटे देश के बड़े हिस्से के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं. एक साथ सक्रिय हुए पांच वेदर सिस्टम ने उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है. दिल्ली से लेकर पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड तक तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है. पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, जबकि समुद्री इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.

मौसम विभाग के अनुसार 14 जुलाई को देश के 21 राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं और कई जगहों पर वज्रपात की आशंका है. 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. बंगाल की खाड़ी, पूर्वी बांग्लादेश और मध्य पाकिस्तान के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ मिलकर पूरे मौसम सिस्टम को प्रभावित कर रहे हैं. उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक फैली टर्फ लाइन और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने सिस्टम का असर पूर्वी भारत में सबसे अधिक दिखाई देगा. मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है.
उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन का सबसे अधिक असर पश्चिम बंगाल में दिखाई देगा. (AP)
  • देशभर में सक्रिय वेदर सिस्टम का असर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग रूप में दिखाई देगा. कहीं भारी बारिश होगी तो कहीं तेज आंधी और बिजली लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगी. पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है. कई नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिससे निचले इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. दूसरी ओर दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों और पश्चिमी घाट में भी बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है.
  • मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक फिलहाल मानसून की धुरी सामान्य स्थिति के आसपास बनी हुई है, लेकिन उसके साथ सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन बारिश की तीव्रता बढ़ा रहे हैं. यही वजह है कि उत्तर भारत के साथ-साथ पूर्वी भारत में भी बारिश का दायरा तेजी से फैल रहा है. किसानों के लिए यह बारिश जहां फायदेमंद साबित हो सकती है, वहीं अधिक बारिश फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है. इसलिए अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं.

दिल्ली-NCR में तेज आंधी और बारिश का डबल अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में 14 जुलाई को मौसम तेजी से बदल सकता है. IMD ने भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है. इस दौरान 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका है. लोगों को खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है.

उत्तर प्रदेश में कई जिलों पर भारी बारिश का खतरा

उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा. नोएडा, मेरठ, आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मिर्जापुर, अयोध्या, कुशीनगर, देवरिया, गाजीपुर, भदोही, बांदा और श्रावस्ती समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. लखनऊ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. पूर्वांचल के जिलों में वज्रपात का खतरा भी अधिक रहेगा.

बिहार में बारिश के साथ वज्रपात का खतरा बढ़ा

बिहार में गया, पटना, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सुपौल, अररिया और भागलपुर समेत कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है. मौसम विभाग ने लोगों को बिजली चमकने के दौरान खेतों और खुले स्थानों में न जाने की सलाह दी है. पटना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है.

झारखंड में तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी

झारखंड में 14 से 16 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. रांची, हजारीबाग, बोकारो, गिरिडीह, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, पश्चिमी और पूर्वी सिंहभूम, साहेबगंज तथा सरायकेला में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. रांची का अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को नुकसान की आशंका है.

पश्चिम बंगाल में चक्रवाती सिस्टम का सबसे ज्यादा असर

उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन का सबसे अधिक असर पश्चिम बंगाल में दिखाई देगा. कोलकाता, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कालिम्पोंग, मालदा, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, बांकुड़ा और अलीपुरद्वार समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. कोलकाता का अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. गंगा के मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है.

झारखंड में 14 से 16 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. (AP)

राजस्थान में कमजोर रहेगा मानसून, लेकिन कुछ जिलों में बारिश

राजस्थान में इस समय मानसून अपेक्षाकृत कमजोर बना हुआ है. हालांकि अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, उदयपुर, नागौर, टोंक, शाहपुरा, फलोदी और जैसलमेर में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. जयपुर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.

मध्य प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी

मध्य प्रदेश में सतना, भोपाल, विदिशा, मांडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, देवास, दतिया, अशोकनगर, अनूपपुर और बड़वानी सहित कई जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. भोपाल में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है और ग्रामीण इलाकों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका है.

पंजाब-हरियाणा में बारिश से मिलेगी गर्मी से राहत

  • पंजाब और हरियाणा में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान मौसम करवट ले सकता है. मौसम विभाग ने पंजाब के बरनाला, फरीदकोट, बठिंडा, गुरदासपुर, होशियारपुर, पठानकोट, अमृतसर, रूपनगर, कपूरथला और संगरूर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. धान की खेती वाले क्षेत्रों में बारिश लाभदायक मानी जा रही है, लेकिन तेज हवा के कारण फसलों को नुकसान की भी आशंका है. किसानों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
  • हरियाणा के कई जिलों में भी बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, पानीपत, हिसार, अंबाला और पंचकूला समेत कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. दिल्ली से सटे एनसीआर क्षेत्रों में भी इसका असर दिखाई देगा. मौसम विभाग ने लोगों को पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी है.

पहाड़ों पर मूसलाधार बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा बढ़ा

  • उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण हालात संवेदनशील बने हुए हैं. चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, हरिद्वार और पौड़ी गढ़वाल में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. देहरादून में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है.
  • हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मंडी, शिमला, कांगड़ा, चंबा, सिरमौर, बिलासपुर और सोलन में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. कुछ स्थानों पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. मनाली में अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा बना रहेगा. पर्यटकों को मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है.
  • जम्मू-कश्मीर में राजौरी, पुंछ, जम्मू, कठुआ, रियासी, कुपवाड़ा, अनंतनाग, गांदरबल, बडगाम और उधमपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. श्रीनगर का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. ऊंचाई वाले इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की संभावना है. प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.

पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश जारी रह सकती है. उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक फैली टर्फ लाइन और बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन का सबसे अधिक असर इसी क्षेत्र में देखने को मिलेगा. कई नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है. लोगों को नदी किनारे जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.

दक्षिण भारत में पश्चिमी घाट पर बारिश, बाकी हिस्सों में उमस

दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के पश्चिमी घाट वाले जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार 14 से 18 जुलाई के बीच पश्चिमी घाट में वर्षा की गतिविधियां जारी रहेंगी. हालांकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा और अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है. केरल और तटीय कर्नाटक में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.

देश में एक साथ 5 मौसमीय सिस्टम सक्रिय होने का क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि पश्चिमी विक्षोभ, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक फैली टर्फ लाइन एक साथ मौसम को प्रभावित कर रही हैं. जब कई सिस्टम एक साथ सक्रिय होते हैं तो बारिश का दायरा बढ़ जाता है और कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी, वज्रपात तथा बाढ़ जैसी स्थितियां बनने की संभावना बढ़ जाती है.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है?

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, असम, मेघालय, केरल और कर्नाटक समेत कुल 21 राज्यों में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव तथा वज्रपात का खतरा अधिक रहेगा.

क्या किसानों पर इस बारिश का असर पड़ेगा?

हां. धान और खरीफ फसलों के लिए यह बारिश कई जगह फायदेमंद होगी, लेकिन जहां अत्यधिक वर्षा होगी वहां जलभराव, फसल गिरने और मिट्टी कटाव का खतरा बढ़ सकता है. तेज हवाओं से भी नुकसान की आशंका है. किसानों को स्थानीय मौसम बुलेटिन पर नजर रखने की सलाह दी गई है.

आम लोगों को किन सावधानियों का पालन करना चाहिए?

बारिश और आंधी के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. बिजली चमकने के समय खेतों या खुले स्थानों में न जाएं. जलभराव वाले रास्तों से बचें और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लें. प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना सबसे सुरक्षित विकल्प है.

अगले कुछ दिनों में मानसून का रुख कैसा रहेगा?

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. पश्चिमी घाट में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है, जबकि राजस्थान और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में अपेक्षाकृत कम बारिश हो सकती है. स्थानीय स्तर पर मौसम में तेजी से बदलाव संभव है.

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now

और पढ़ें

Aaj Ka Mausam | Today Weather: दिल्ली-NCR की खतरनाक सुबह, शहर में धुंध और शरीर को भांप बनाने वाली गर्मी कहां से आई, जानिए देश का मौसम

CM सैनी के कार्यक्रम का विरोध करने पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, भड़के लोगों ने पुलिस पर किया पथराव

हर वक्त घबराहट और चिड़चिड़ापन को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं एंग्जायटी के संकेत.. ऐसे करें बचाव

हरियाणा के खरखौदा में घूस लेते सरकारी बाबू गिरफ्तार, बिजली विभाग का क्लर्क ने मांगी थी 30 हजार रिश्वत

हरियाणा में अंबाला के बाद हांसी में बवाल, ग्रामीणों ने टोल प्लाजा किया बंद, 12 दिन से युवक के शव नहीं किया अंतिम संस्कार

Ambala News : 10 रुपये में राजमा चावल, 20 में रोटी सब्जी वाली थाली…अंबाला में यहां मिलता है सबसे सस्ता खाना, जानिए लोकेशन