Animal husbandry : 15 बकरियां खरीदने पर सरकार देगी 88,200 रुपये की सब्सिडी, जानें अप्लाई का तरीका

On: August 7, 2026 11:09 PM
Follow Us:

होमताजा खबरकृषि

15 बकरियां खरीदने पर सरकार देगी 88,200 रुपये की सब्सिडी, जानें अप्लाई का तरीका

Last Updated:

Animal Husbandry Scheme : हरियाणा सरकार बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लेकर आई है. लोकल 18 से अंबाला पशुपालन विभाग के उपनिदेशक अशोक कुमार बताते हैं कि इन योजनाओं के तहत पशुपालकों के लिए बकरी खरीदने पर 25 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रवाधान है. 15 मादा बकरियां और एक नर बकरा खरीदने पर अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र को 88,200 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है, जबकि सामान्य वर्ग के पात्र आवेदकों को भेड़ और बकरी खरीदने पर 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है. ये स्कीम कुल 98,200 रुपये की है.

Amazon Prime DayTop Deals Inside

अंबाला. बढ़ती खेती लागत और मौसम की अनिश्चितताओं के बीच पशुपालन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का सबसे भरोसेमंद जरिया बनता जा रहा है. खासकर बकरी पालन कम लागत और कम जगह में शुरू होने वाला ऐसा व्यवसाय है, जो ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है. इसी को देखते हुए हरियाणा सरकार भी बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए कई सब्सिडी योजनाएं चला रही हैं. इन योजनाओं के तहत पात्र पशुपालकों को बकरी खरीदने पर 25 प्रतिशत से लेकर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. लोकल 18 से अंबाला पशुपालन विभाग के उपनिदेशक अशोक कुमार बताते हैं कि सरकार का उद्देश्य किसानों को खेती के साथ-साथ पशुपालन से भी नियमित आय उपलब्ध कराना है. विभाग की ओर से बकरी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ हरियाणा के हजारों पशुपालक उठा रहे हैं.

98,200 रुपये की परियोजना

अशोक कुमार के मुताबिक, विभाग की एक प्रमुख योजना के तहत 15 मादा बकरियां और एक नर बकरा खरीदने के लिए लगभग 98,200 रुपये की परियोजना तैयार की गई है. इस योजना में अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र लाभार्थियों को 88,200 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है, जबकि सामान्य वर्ग के पात्र आवेदकों को भेड़ और बकरी खरीदने पर 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है. विभाग भेड़-बकरी उत्थान योजना भी चला रहा है. इस योजना के तहत 10 मादा बकरियां और एक नर बकरा खरीदने का प्रावधान है. योजना की कुल लागत करीब 70 हजार रुपये निर्धारित की गई है. इसमें विभाग की ओर से कुल लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाता है, जबकि शेष राशि लाभार्थी को वहन करनी होती है. इस योजना का लाभ अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के पात्र पशुपालक भी ले सकते हैं.

पहले आओ, पहले पाओ

उपनिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि इन योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया बेहद आसान रखी गई है. इच्छुक व्यक्ति को केवल निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होता है. योजनाएं ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर संचालित की जा रही हैं. पात्र पशुपालकों को समय रहते आवेदन कर देना चाहिए, क्योंकि सीमित बजट होने से बाद में आवेदन करने वालों को इंतजार करना पड़ सकता है. अशोक कुमार बताते हैं कि बकरी पालन ऐसा व्यवसाय है, जिसमें कम निवेश के साथ अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. बकरियों की बाजार में लगातार मांग बनी रहती है. दूध, मांस और प्रजनन से पशुपालकों को सालभर आय होती है.

यहां करें आवेदन

अशोक कुमार कहते हैं कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदक का हरियाणा का मूल निवासी होना आवश्यक है. आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए. आवेदन के लिए किसी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है, लेकिन पशुपालन से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी. आवेदन के समय आधार कार्ड, पैन कार्ड, परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), बैंक खाते का कैंसिल चेक और बैंक का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जमा कराना अनिवार्य होगा. आवेदन हरियाणा सरल पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है.

About the Author

authorimg

Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…

और पढ़ें

वैशाली वर्मा

वैशाली वर्मा पत्रकारिता क्षेत्र में पिछले 3 साल से सक्रिय है। इन्होंने आज तक, न्यूज़ 18 और जी न्यूज़ में बतौर कंटेंट एडिटर के रूप में काम किया है। अब मेरा हरियाणा में बतौर एडिटर कार्यरत है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Follow Now