फरीदाबाद: कहते हैं मेहनत कभी बेकार नहीं जाती और जब लगन साथ हो तो कामयाबी खुद दरवाजा खटखटा देती है. फरीदाबाद के 18 साल के पांशुल बंसल ने यही साबित कर दिखाया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से घोषित नीट यूजी 2026 के रिजल्ट में पांशुल ने ऑल इंडिया रैंक-2 (AIR 2) हासिल कर पूरे फरीदाबाद का नाम रोशन कर दिया. उन्होंने 720 में से 715 अंक हासिल किए और 99.9999 पर्सेंटाइल स्कोर किया. रिजल्ट आते ही घर में खुशी का माहौल बन गया. दादा-दादी से लेकर माता-पिता तक सभी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
कैसे पाई सफलता
Local18 से बातचीत में पांशुल बंसल बताते हैं मैं अभी 18 साल का हूं. मैंने ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल की है. मैं पिछले दो सालों से नीट की तैयारी कर रहा था. मेरा स्कूल भी होता था और कोचिंग भी. कभी 7 घंटे पढ़ाई करता था तो कभी 10 घंटे, लेकिन कम से कम 6 से 7 घंटे रोज पढ़ाई जरूर करता था.
पांशुल बताते हैं मैं सोशल मीडिया भी चलाता था. ऐसा नहीं है कि बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करता था. री-एग्जाम में फिजिक्स का पेपर पहले से थोड़ा अलग था. कुछ सवाल लंबे थे. कुछ बच्चों को बायोलॉजी भी मुश्किल लगी थी. बाकी पेपर ठीक था. आगे की तैयारी को लेकर पांशुल बताते हैं. मैंने 10वीं क्लास से नीट की तैयारी शुरू की थी. 11वीं से दिल्ली में कोचिंग जॉइन कर ली.
आखिरकार मेरी मेहनत रंग ले आई
रिजल्ट वाले दिन का पल याद करते हुए पांशुल बताते हैं हम रात में सोने ही वाले थे. करीब 10:30 बजे कॉल आया कि नीट का रिजल्ट आ गया है. मैंने तुरंत लैपटॉप खोला. जैसे ही स्कोरकार्ड ओपन किया, AIR-2 देखकर बहुत खुशी हुई. लगा कि आखिरकार मेरी मेहनत रंग ले आई.
पांशुल बताते हैं. हमारी जॉइंट फैमिली है. मम्मी-पापा, दादा-दादी और कजन सिस्टर सभी एक साथ रहते हैं. घर वालों का हमेशा पूरा साथ मिला.
पांशुल की दादी ऊषा बंसल बताती हैं मैं तो रात में सो गई थी. इसके पापा ने आकर बताया पांशुल का नीट का रिजल्ट आ गया है. जब सुना कि इतना अच्छा रिजल्ट आया है तो बहुत खुशी हुई. पांशुल को घर का खाना ही पसंद है. दाल-चावल वह सबसे ज्यादा शौक से खाता है.
शुरू से ही पढ़ाई में होशियार
दादा विश्व देव बंसल बताते हैं पोते का रिजल्ट सुनकर दिल खुश हो गया. बड़े गर्व की बात है कि मेरा पोता ऑल इंडिया रैंक-2 लेकर आया है. वह शुरू से ही पढ़ाई में होशियार था. पोते का जन्म फरीदाबाद में ही हुआ है. स्कूल और कोचिंग के बाद भी वह रोज मेहनत से पढ़ाई करता था.
पांशुल के शिक्षक मुनीश मित्तल बताते हैं मैं पांशुल को 10वीं से पढ़ा रहा हूं. उसने 10वीं में ही 11वीं का सिलेबस पूरा कर लिया था. 11वीं में 12वीं का कोर्स खत्म कर दिया और 12वीं में कई बार रिवीजन किया. उसने फिजिक्स और केमिस्ट्री की तैयारी जेईई एडवांस स्तर तक की थी. यही उसकी सबसे बड़ी ताकत रही. जेईई मेन 2026 में भी उसने 99.5 पर्सेंटाइल हासिल किया था. मुझे आज भी लगता है कि हमारा बच्चा टॉप रैंक का हकदार था. फरीदाबाद और पूरे देश के लिए यह गर्व की बात है.
पांशुल के रिजल्ट से पूरे परिवार को बहुत खुशी
पांशुल के पिता संजीव बंसल बताते हैं मेरा बेटा रोज करीब 6 से 7 घंटे पढ़ाई करता था. वह शुरू से ही पढ़ाई में होशियार रहा है. मैं बिजनेसमैन हूं और पांशुल मेरा इकलौता बेटा है. उसके रिजल्ट से पूरे परिवार को बहुत खुशी है.
पांशुल की मां मोनिका बंसल नौकरी करती हैं. पांशुल की इस कामयाबी ने यह साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत पूरी ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है. आज परिवार ही नहीं, पूरा फरीदाबाद बच्चे की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है.












