Haryana News: भिवानी से शनिवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। असम की एक बेसहारा नाबालिग बच्ची को बंधक बनाने, दुष्कर्म करने और देह व्यापार में धकेलने के मामले में गिरफ्तार किए गए महिला सहित दो आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में शामिल एक हेड कांस्टेबल की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले की जांच डीएसपी अनूप के नेतृत्व में गठित एसआईटी कर रही है।
घर से भागकर आई थी नाबालिग
पुलिस के मुताबिक, औद्योगिक क्षेत्र थाने में 13 अक्तूबर को एक नाबालिग बच्ची आई और बताया कि वह असम की रहने वाली ही। मां की सात-आठ साल पहले मौत हो गई थी। करीब 5 साल पहले पिता भी बिना बताए घर छोड़कर चले गए। करीब दो साल पहले वह असम से काम की तलाश में भिवानी आ गई। यहां एक युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद से ही वह उसे पीटता था और घर से बाहर नहीं निकलने देता था।
गेस्ट हाउस संचालक ने किया दुष्कर्म
करीब 5 माह पहले वह घर से भागकर रेलवे स्टेशन पर आ गई। यहां ममता नाम की महिला के साथ उसका झगड़ा हो गया। पुलिस उसे अपने साथ चौकी ले गई और दोनों में समझौता करवा दिया। उसे अकेला पाकर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल ने अपने परिचित शंकर को बुलाया और उसे अपने गेस्ट हाउस में रात भर ठहराने और अगली सुबह भेज देने के लिए कहा। आरोप है कि शंकर ने उसे अगले दिन गेस्ट हाउस से जाने नहीं दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
साढ़े तीन महीने तक बंधक बनाया
इतना ही नहीं, करीब साढ़े तीन माह तक बंधक बनाकर और लोगों से भी उसका यौन शोषण करवाया। करीब डेढ़ माह पहले वह गेस्ट हाउस से भागकर वापस असम चली गई। वहां उसे किसी ने नहीं स्वीकार तो वापस भिवानी आ गई। यहां से काम की तलाश में बस से रोहतक जा रही थी। बस में उसे रोहतक निवासी अंजलि पत्नि रजनीश मिली। वह उसे अपने घर ले गई और वहीं बंधक बना लिया।
पुलिस में दी शिकायत
उसने भी उससे गलत काम करवाया। वह 11 अक्तूबर को किसी तरह भिवानी पहुंची और दो दिन बाद पुलिस तक पहुंची। पुलिस ने शंकर, अंजलि व अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। दोनों नामजदों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। इस मामले में संलिप्त पाए गए पुलिसकर्मी के खिलाफ जांच की जा रही है। बच्ची को बाल कल्याण समिति करनाल को सौंप दिया है।












