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Gudhal ke fayde : गुड़हल का फूल सिर्फ घर की खूबसूरती और पूजा तक सीमित नहीं है. आयुर्वेद में इसे बालों, त्वचा और शरीर की गर्मी से जुड़ी समस्याओं के लिए उपयोगी माना जाता है. लोकल 18 से फरीदाबाद के आयुष चिकित्सक डॉ. चेतन शर्मा बताते हैं कि गुड़हल बहुत ही कमाल का पौधा है. जिन लोगों के बाल लगातार झड़ रहे हैं, बाल टूट रहे हैं या बाल बहुत कमजोर और पतले हो गए हैं, उनके लिए गुड़हल अचूक इलाज है. इसका इस्तेमाल सोरायसिस, एक्जिमा और डर्मेटाइटिस जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं में भी किया जाता रहा है. डॉ. चेतन शर्मा बताते हैं कि गुड़हल भले ही घर में आसानी से मिल जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति इसका सेवन अपनी मर्जी से शुरू कर दे.
फरीदाबाद. गुड़हल के फूलों को देखते ही कई लोगों को अपना बचपन याद आ जाता है. दादा-दादी के घर के गेट के पीछे खिला चटक लाल फूल हो या पड़ोस की आंटी के आंगन में लगा गुड़हल का पौधा, इसकी खूबसूरती आज भी लोगों को अपनी तरफ खींचती है. गुड़हल का इस्तेमाल लोग पूजा में भी करते हैं. अब बरसात के मौसम में फरीदाबाद की नर्सरियों में भी गुड़हल के पौधे खूब बिक रहे हैं. लोग अपने घर की बालकनी, छत और आंगन को हरा-भरा बनाने के लिए इसे खरीद रहे हैं, लेकिन देखने में आम सा लगने वाला यह फूल सिर्फ घर की सुंदरता और पूजा तक ही सीमित नहीं है. आयुर्वेद में इसके कई औषधीय गुण बताए गए हैं. खासकर बालों, त्वचा और शरीर की गर्मी को शांत करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. आइए जानते हैं गुड़हल के फायदे और इसे इस्तेमाल करने का सही तरीका.
पित्त शांत करने में माहिर
लोकल 18 से फरीदाबाद स्थित सर्वोदय हॉस्पिटल के आयुष चिकित्सक डॉ. चेतन शर्मा बताते हैं कि गुड़हल बहुत ही कमाल का पौधा है. इस पौधे में कई औषधीय गुण भी हैं. आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल बालों, त्वचा और शरीर में ज्यादा गर्मी महसूस होने जैसी समस्याओं में किया जाता है. जिन लोगों के बाल लगातार झड़ रहे हैं, बाल टूट रहे हैं या बाल बहुत कमजोर और पतले हो गए हैं, उनके लिए गुड़हल को काफी उपयोगी माना जाता है. सोरायसिस, एक्जिमा और डर्मेटाइटिस जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं में इसके इस्तेमाल की बात कही जाती है. जिन लोगों को शरीर में ज्यादा गर्मी महसूस होती है, उन्हें भी गुड़हल उपयोगी हो सकता है. आयुर्वेद में इसे पित्त को शांत करने वाली औषधियों में गिना जाता है.
खाली पेट रामबाण
डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि अगर गुड़हल को पानी के साथ लेना है तो इसका एक आसान तरीका भी है. ताजे गुड़हल के दो से तीन फूल लें. फूलों को अच्छी तरह साफ करके एक गिलास पानी में डालकर उबालना शुरू करें. जब पानी उबलते-उबलते करीब आधा रह जाए तो इसे छान लें. इसके बाद पानी को पी लीजिए. इसे खाली पेट लेने से इसका औषधीय इस्तेमाल बेहतर तरीके से हो सकता है. हालांकि हर व्यक्ति के शरीर की जरूरत अलग होती है, इसलिए इसे रोजाना शुरू करने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर सलाह लेना जरूरी है.
इनके लिए भी घातक
डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि गुड़हल भले ही घर में आसानी से मिल जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति इसका सेवन अपनी मर्जी से शुरू कर दे. किसी भी औषधीय पौधे का इस्तेमाल करने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह आपके शरीर को सूट करेगा या नहीं. खासकर अगर आप पहले से किसी बीमारी से परेशान हैं या किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं तो बिना सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए. डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं को गुड़हल का सेवन नहीं करना चाहिए. लंबे समय से बीमार चल रहे लोगों को भी इसका इस्तेमाल शुरू करने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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